Image Slider

  • यूपी आउटसोर्स सेवा निगम का शुभारंभ, वेतन से लेकर ईपीएफ-ईएसआई और बीमा तक की सुविधाएं होंगी पारदर्शी
  • तीन हजार से अधिक आउटसोर्स कर्मियों को मिलेगा सीधा लाभ, डिजिटल पोर्टल से नियुक्ति, उपस्थिति और भुगतान की व्यवस्था होगी ऑनलाइन
  • श्रमिक कल्याण योजनाओं से 77 लाभार्थियों को 21.07 लाख रुपये का चेक वितरण

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। आउटसोर्स कार्मिकों के हितों, उनके पारिश्रमिक में वृद्धि, समयबद्ध वेतन भुगतान और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में नगर निगम की ओर से बुधवार को हिन्दी भवन, लोहियानगर में भव्य जागरूकता एवं लाभ वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में लोक भवन, लखनऊ से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम (यूपीसीओएस) के शुभारंभ कार्यक्रम का सीधा प्रसारण किया गया। इस दौरान निगम के लोगो का अनावरण, वेबसाइट एवं पोर्टल का शुभारंभ तथा आउटसोर्स कर्मियों के बढ़े हुए पारिश्रमिक की घोषणा की गई। कार्यक्रम में महापौर सुनीता दयाल, लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर, जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़, मुख्य विकास अधिकारी सहित नगर निगम एवं संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में शासन की ओर से आउटसोर्स कर्मियों के हित में किए जा रहे महत्वपूर्ण प्रावधानों की विस्तार से जानकारी दी गई।

कर्मियों को बताया गया कि नई व्यवस्था के तहत पारिश्रमिक में वृद्धि, समयबद्ध वेतन भुगतान, ईपीएफ, ईएसआई, जीवन एवं दुर्घटना बीमा सहित विभिन्न सामाजिक सुरक्षा सुविधाओं को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी तरीके से लागू किया जाएगा। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के लाइव प्रसारण के दौरान आउटसोर्स सेवा निगम की नई व्यवस्था और उसके उद्देश्यों की जानकारी भी उपस्थित लोगों को दी गई। नगर निगम की इस पहल से आउटसोर्स कार्मिकों में भी नई व्यवस्था को लेकर उत्साह देखने को मिला। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शासन की मंशा के अनुरूप कर्मियों के हितों की रक्षा, पारदर्शी भुगतान व्यवस्था और बेहतर कार्य वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में आगे भी लगातार प्रयास किए जाएंगे।

नगर निगम में 3,099 आउटसोर्स कर्मी संभाल रहे जिम्मेदारियां
नगर निगम के विभिन्न विभागों में वर्तमान में करीब 3,099 आउटसोर्स कार्मिक अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इनमें स्वास्थ्य विभाग में 1,481, उद्यान विभाग में 915, प्रकाश विभाग में 197, कंप्यूटर ऑपरेटर/आईटी विभाग में 102, जलकल विभाग में 99, निर्माण विभाग में 71, गौशाला में 70, नजारत विभाग में 57, टैक्स विभाग में 50, स्कूलों में 29, संपत्ति विभाग में 22, लेखा विभाग में चार तथा जनसुनवाई विभाग में दो आउटसोर्स कार्मिक कार्यरत हैं। इन कर्मचारियों की नगर निगम की कार्यप्रणाली में महत्वपूर्ण भूमिका है।

शहर की सफाई व्यवस्था, उद्यानों के रखरखाव, स्ट्रीट लाइट, जलापूर्ति, निर्माण कार्य, कार्यालयी कामकाज, आईटी सेवाओं और जनसुविधाओं से जुड़े अनेक कार्यों में आउटसोर्स कर्मी अपनी सेवाएं दे रहे हैं। ऐसे में शासन की नई व्यवस्था को उनके लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। कार्यक्रम में बताया गया कि उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम आउटसोर्स कार्मिकों से संबंधित व्यवस्थाओं को अधिक पारदर्शी, व्यवस्थित, जवाबदेह और कर्मचारी हितैषी बनाने की दिशा में काम करेगा। इसके माध्यम से नियुक्ति, तैनाती, उपस्थिति, पारिश्रमिक भुगतान तथा ईपीएफ-ईएसआई जैसी सेवा संबंधी प्रक्रियाओं को डिजिटल व्यवस्था से जोड़ा जाएगा।

डिजिटल पोर्टल से नियुक्ति से भुगतान तक होगी निगरानी
कार्यक्रम में आउटसोर्स कार्मिकों को नई डिजिटल व्यवस्था और पोर्टल की कार्यप्रणाली के बारे में भी जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि डिजिटल प्रणाली लागू होने के बाद कार्मिकों की नियुक्ति, तैनाती, उपस्थिति और पारिश्रमिक भुगतान जैसी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी। कर्मचारी अपनी सेवा और भुगतान से संबंधित आवश्यक जानकारी डिजिटल माध्यम से प्राप्त कर सकेंगे। महापौर सुनीता दयाल ने कहा कि आउटसोर्स कार्मिक नगर निगम की कार्यप्रणाली का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। शहर की स्वच्छता, व्यवस्था और जनसेवा से जुड़े विभिन्न कार्यों में इनका योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा आउटसोर्स कर्मियों के हित में किए जा रहे प्रावधान उनके साथ-साथ उनके परिवारों के सामाजिक एवं आर्थिक संरक्षण को भी मजबूत करेंगे। उन्होंने कर्मियों को नई व्यवस्था का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।

जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ ने शासन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि आउटसोर्स कर्मियों के सामाजिक और आर्थिक हितों की सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कर्मियों से शासन द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का अधिकतम लाभ उठाने और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने कहा कि नगर निगम की ओर से आउटसोर्स कार्मिकों को शासन की योजनाओं और उनके अधिकारों के प्रति लगातार जागरूक किया जाएगा। उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम के माध्यम से मिलने वाली सुविधाओं को भी कर्मियों तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि नई डिजिटल व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ेगी और कर्मचारियों को वेतन, उपस्थिति तथा अन्य सेवा संबंधी जानकारी आसानी से उपलब्ध हो सकेगी।

मुख्य विकास अधिकारी कुमार सौरभ ने भी आउटसोर्स कर्मियों के हित में लागू की जा रही नई व्यवस्थाओं को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि डिजिटल प्रणाली से सेवाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही आएगी। उन्होंने कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रोत्साहित किया। लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने कहा कि आउटसोर्स कर्मी सरकारी व्यवस्था और जनसेवा का महत्वपूर्ण आधार हैं। उनके सामाजिक एवं आर्थिक हितों को सुरक्षित करना आवश्यक है। उन्होंने आउटसोर्स सेवा निगम की शुरुआत को सराहनीय पहल बताते हुए कहा कि इससे कर्मियों को बेहतर सुरक्षा और सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।

निर्माण श्रमिकों को भी मिला योजनाओं का लाभ, 77 को 21.07 लाख के चेक
कार्यक्रम के दौरान श्रम विभाग द्वारा संचालित भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की विभिन्न हितलाभ योजनाओं के तहत पात्र निर्माण श्रमिकों को भी आर्थिक सहायता प्रदान की गई। जनपद के कुल 77 लाभार्थियों को 21 लाख 7 हजार 500 रुपये की धनराशि के चेक वितरित किए गए। निर्माण कामगार मृत्यु एवं दिव्यांगता सहायता योजना के अंतर्गत सात लाभार्थियों को कुल 14 लाख रुपये, मातृत्व, शिशु एवं बालिका मदद योजना के तहत पांच लाभार्थियों को 1 लाख 40 हजार रुपये, कन्या विवाह सहायता योजना के अंतर्गत चार लाभार्थियों को 2 लाख 60 हजार रुपये तथा

संत रविदास शिक्षा प्रोत्साहन योजना के तहत 61 लाभार्थियों को 3 लाख 7 हजार 500 रुपये की सहायता प्रदान की गई। इस प्रकार कार्यक्रम में एक ही मंच से आउटसोर्स कर्मियों को शासन की नई व्यवस्थाओं और सामाजिक सुरक्षा प्रावधानों की जानकारी देने के साथ ही जरूरतमंद निर्माण श्रमिकों को सीधे आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई गई। कार्यक्रम का उद्देश्य कर्मियों को उनके अधिकारों, पारिश्रमिक, सामाजिक सुरक्षा और डिजिटल व्यवस्था के प्रति जागरूक करना तथा सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाना रहा।

———-

🔸 स्थानीय सूचनाओं के लिए यहाँ क्लिक कर हमारा यह व्हाट्सएप चैनल जॉइन करें।

 

Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by Ghaziabad365 || मूल प्रकाशक ||