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वैदिक ज्योतिष में मंगल को ऊर्जा, साहस, पराक्रम और भूमि का कारक माना गया है, जबकि बृहस्पति का आधिपत्य वाला पुनर्वसु नक्षत्र पुनरुत्थान, वृद्धि, समृद्धि और सफलता का प्रतीक है। 02 सितंबर 2026 (बुधवार) को दोपहर 01:25 बजे मंगल आर्द्रा नक्षत्र से निकलकर पुनर्वसु नक्षत्र में प्रवेश कर चुके हैं और 24 सितंबर 2026 तक इसी नक्षत्र में रहेंगे। 18 सितंबर तक मंगल मिथुन राशि में रहेंगे। इस गोचर का सभी 12 राशियों पर गहरा प्रभाव पड़ेगा।

1. गोचर का 12 राशियों पर विस्तृत राशिफल

मेष राशि (तृतीय भाव में गोचर)

सकारात्मक प्रभाव: पराक्रम और आत्मविश्वास में जबरदस्त वृद्धि होगी। छोटे भाई-बहनों का सहयोग मिलेगा और छोटी दूरी की यात्राएं लाभदायक रहेंगी।

सलाह: अति-उत्साह में आकर कोई गलत निर्णय न लें।

 

वृषभ राशि (द्वितीय भाव में गोचर)

सकारात्मक प्रभाव: आर्थिक पक्ष मजबूत होगा। अटका हुआ धन वापस मिल सकता है और वाणी में प्रभाव बढ़ेगा।

सलाह: परिवार के सदस्यों के साथ बातचीत में कटुता से बचें और खान-पान का ध्यान रखें।

 

मिथुन राशि (प्रथम भाव/लग्न में गोचर)

सकारात्मक प्रभाव: ऊर्जा और कार्यक्षमता चरम पर रहेगी। निर्णय लेने की क्षमता में सुधार होगा और नए कार्यों की शुरुआत के लिए समय अनुकूल है।

सलाह: क्रोध और उग्र स्वभाव पर नियंत्रण रखना अत्यंत आवश्यक है।

कर्क राशि (द्वादश भाव में गोचर)

सकारात्मक प्रभाव: विदेश से जुड़े कार्यों, आयात-निर्यात या विदेशी संपर्कों से लाभ की संभावनाएं बनेंगी।

सलाह: अनावश्यक खर्चों में बढ़ोतरी हो सकती है। स्वास्थ्य और अनिद्रा की समस्या के प्रति सतर्क रहें।

 

सिंह राशि (एकादश भाव में गोचर)

सकारात्मक प्रभाव: आय के नए स्रोत बनेंगे। व्यापार में मुनाफा होगा और बड़े भाइयों या मित्रों का पूरा सहयोग मिलेगा। महत्वाकांक्षाएं पूरी होंगी।

 

कन्या राशि (दशम भाव में गोचर)

सकारात्मक प्रभाव: कार्यक्षेत्र में पद-प्रतिष्ठा बढ़ेगी। सरकारी कार्यों में सफलता मिलेगी और वरिष्ठ अधिकारियों की सराहना प्राप्त होगी।

 

तुला राशि (नवम भाव में गोचर)

सकारात्मक प्रभाव: भाग्य का साथ मिलेगा। धार्मिक व मांगलिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी और उच्च शिक्षा से जुड़े विद्यार्थियों को शुभ परिणाम मिलेंगे।

सलाह: पिता के स्वास्थ्य का ध्यान रखें।

वृश्चिक राशि (अष्टम भाव में गोचर)

सकारात्मक प्रभाव: शोध, गुप्त विद्याओं और गूढ़ विषयों में रुचि रखने वालों के लिए समय अनुकूल रहेगा।

सलाह: वाहन चलाते समय सावधानी बरतें और चोट-चपेट से बचने के लिए सतर्क रहें।

 

धनु राशि (सप्तम भाव में गोचर)

सकारात्मक प्रभाव: व्यापारिक साझेदारियों में प्रगति होगी और नए व्यावसायिक अनुबंध बन सकते हैं।

सलाह: दांपत्य जीवन में व्यर्थ के तनाव या अहंकार के टकराव से बचें।

 

मकर राशि (षष्ठम भाव में गोचर)

सकारात्मक प्रभाव: शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को सफलता मिलेगी और पुराने रोगों में सुधार होगा।

 

कुंभ राशि (पंचम भाव में गोचर)

सकारात्मक प्रभाव: बौद्धिक क्षमता बढ़ेगी और रचनात्मक कार्यों में सफलता मिलेगी।

सलाह: प्रेम संबंधों में गलतफहमियों से बचें और विद्यार्थियों को पढ़ाई में एकाग्रता बनाए रखनी होगी।

 

मीन राशि (चतुर्थ भाव में गोचर)

सकारात्मक प्रभाव: संपत्ति या वाहन खरीदने के योग बनेंगे। भौतिक सुख-सुविधाओं में बढ़ोतरी होगी।

सलाह: माता जी के स्वास्थ्य का ध्यान रखें और पारिवारिक सुख में तनाव न आने दें।

 

2. मंगल-पुनर्वसु गोचर के दौरान ध्यान रखने योग्य बातें

क्रोध पर नियंत्रण: मंगल की ऊर्जा का सही उपयोग करें, उसे जल्दबाजी या विवादों में व्यर्थ न गवाएं।

शुभ कार्य: यह गोचर नए उद्यम की शुरुआत और अटके हुए कार्यों को पुनः शुरू करने के लिए अत्यंत शुभ फलदायी माना गया है।

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