- एनसीओआरडी की बैठक में अवैध शराब और मादक पदार्थों के खिलाफ बड़े अभियान का खाका तैयार
- सीमावर्ती इलाकों से लेकर हाईवे तक आबकारी टीमों की पैनी नजर, संदिग्ध ठिकानों पर होगी ताबड़तोड़ छापेमारी
- अवैध शराब के माफिया और तस्कर होंगे चिन्हित, सूचना मिलते ही तत्काल होगी सख्त कार्रवाई
- शराब दुकानों की बारकोड-क्यूआर कोड से जांच, ओवररेटिंग रोकने को होगा रैंडम टेस्ट परचेज
- बंद फैक्ट्रियों, पुराने कारखानों, ढाबों और नदी तटों पर विशेष निगरानी, संदिग्ध गतिविधियों पर एक्शन
उदय भूमि संवाददाता
गौतमबुद्धनगर। जनपद गौतमबुद्धनगर में अवैध शराब और मादक पदार्थों के कारोबार पर शिकंजा कसने के लिए आबकारी विभाग ने अपनी कार्रवाई और तेज करने की तैयारी कर ली है। जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट स्थित एनआईसी सभागार में नार्को कोर्डिनेशन सेंटर (एनसीओआरडी) के तहत गठित जिला स्तरीय समिति की बैठक में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ सख्त रणनीति तैयार की गई। बैठक में बीते माह हुई कार्रवाई की समीक्षा के साथ आगामी विशेष प्रवर्तन अभियान की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की गई।
जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव ने बैठक में स्पष्ट किया कि जनपद में अवैध शराब और मादक पदार्थों के कारोबार को किसी भी कीमत पर पनपने नहीं दिया जाएगा।
उन्होंने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय मजबूत करने, संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तत्काल साझा करने और तस्करों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नशे का अवैध कारोबार केवल कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती नहीं है, बल्कि इसका सीधा असर युवाओं, परिवारों और पूरे समाज पर पड़ता है। ऐसे में नशे के नेटवर्क को जड़ से समाप्त करने के लिए कार्रवाई के साथ-साथ जागरूकता अभियान भी जरूरी है। जिला आबकारी अधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शासन के निर्देशों के क्रम में विशेष प्रवर्तन अभियान को पूरी गंभीरता से चलाया जाए। आबकारी निरीक्षकों की संयुक्त टीमें विभिन्न थाना क्षेत्रों में सक्रिय रहकर अवैध शराब के निर्माण, बिक्री, तस्करी और परिवहन पर नजर रखेंगी। उन्होंने कहा कि अवैध शराब के कारोबार में शामिल माफिया और तस्करों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
किसी भी सूचना को हल्के में न लेने और सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई करने पर विशेष जोर दिया गया। विभागीय टीमों को क्षेत्र में लगातार भ्रमण करते हुए संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी करने के निर्देश भी दिए गए। सुबोध कुमार श्रीवास्तव की सख्त कार्यशैली का असर बैठक में लिए गए निर्णयों में भी साफ दिखाई दिया। उन्होंने अधिकारियों से केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहने, बल्कि मौके पर प्रभावी प्रवर्तन कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में तय की गई कार्ययोजना के बाद आने वाले दिनों में जिले में अवैध शराब और मादक पदार्थों के खिलाफ आबकारी विभाग की सक्रियता और बढऩे की उम्मीद है।
सीमावर्ती इलाकों से लेकर हाईवे तक निगरानी
विशेष अभियान के दौरान जनपद के सीमावर्ती क्षेत्रों पर विशेष फोकस रहेगा। राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों के साथ-साथ ढाबों, पुराने कारखानों, बंद पड़ी फैक्ट्रियों, नदी तटों और अन्य संदिग्ध स्थानों पर औचक छापेमारी की जाएगी। इन स्थानों पर अवैध शराब के निर्माण, भंडारण और परिवहन की आशंका को देखते हुए आबकारी टीमों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए। बैठक में यह भी तय किया गया कि शराब की दुकानों की नियमित जांच की जाएगी। दुकानों पर बारकोड और क्यूआर कोड की जांच के साथ बिक्री प्रक्रिया पर भी निगरानी रखी जाएगी। ओवररेटिंग की शिकायतों को रोकने के लिए रैंडम टेस्ट परचेज कराया जाएगा। दुकानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की नियमित निगरानी और उनकी कार्यशीलता की जांच भी सुनिश्चित की जाएगी। संदिग्ध दुकानों से शराब के नमूने लेकर उन्हें प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजने की कार्रवाई भी की जाएगी, ताकि किसी भी प्रकार की मिलावट अथवा अनियमितता सामने आने पर संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सके।
विभागों के बीच समन्वय से टूटेगा नशे का नेटवर्क
बैठक में अवैध मादक पदार्थों की बिक्री, तस्करी और परिवहन पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए पुलिस समेत सभी संबंधित विभागों के बीच समन्वित कार्रवाई पर जोर दिया गया। अधिकारियों ने माना कि नशे के नेटवर्क को तोडऩे के लिए सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान बेहद महत्वपूर्ण है। जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ कार्रवाई में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें और अवैध शराब व मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़ी हर सूचना पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करें।
हमारा लक्ष्य जनपद को नार्कोटिक्स और अवैध अल्कोहल के दुष्प्रभाव से सुरक्षित बनाना है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि युवाओं को नशे की गिरफ्त में जाने से रोकने के लिए प्रवर्तन कार्रवाई के साथ जागरूकता गतिविधियों को भी लगातार बढ़ाया जाए। स्कूल, कॉलेज और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर नशे के दुष्प्रभावों के प्रति लोगों को जागरूक करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। बैठक में जिला तंबाकू नियंत्रण अधिकारी श्वेता खुराना, आबकारी निरीक्षक आशीष पाण्डेय, अखिलेश बिहारी वर्मा, सचिन त्रिपाठी, दीनेन्द्र सिंह, अभिनव शाही, नामवर सिंह, संजय चन्द्र, पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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