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शामली : उत्तर प्रदेश के शामली में हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान की हत्या के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को मुठभेड़ में मार गिराया है. कार्रवाई के बाद अंकित की पत्नी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का धन्यवाद किया है. उन्होंने कहा कि अभी काम खत्म नहीं हुआ है. हत्या की साजिश में शामिल बाकी आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार किया जाना चाहिए, तभी परिवार को पूरी तरह इंसाफ मिल पाएगा. उन्होंने कहा कि सामने से वार करते तो 4 से 5 को वह अकेले पटक देते 10 साल से अंकित जिम कर रहा था.

अंकित की मां ने न्यूज18 इंडिया से बातचीत में परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई. उन्होंने कहा कि आरोपियों के लोग पहले से ही उनके बेटे की गाड़ी में डिवाइस लगवा रहे थे और घर तक पहुंच गए थे. ऐसे में उन्हें डर है कि कहीं परिवार के दूसरे सदस्यों को भी नुकसान न पहुंचाया जाए. उन्होंने कहा कि आरोपियों को सिर्फ गिरफ्तार करना ही काफी नहीं है, बल्कि हत्या में शामिल सभी लोगों को सजा मिलनी चाहिए.

वहीं अंकित के पिता सतवीर फौजी ने भी पुलिस की कार्रवाई पर अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि अभी यह सिर्फ आधा धन्यवाद है. जब तक शामली और आसपास के इलाके में अपराध पूरी तरह खत्म नहीं होता और बेटे की हत्या में शामिल सभी लोगों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक परिवार पूरी तरह संतुष्ट नहीं होगा.

चार शूटर हरियाणा से आए थे
शामली के एसपी ने बताया कि अंकित बालियान की हत्या को अंजाम देने के लिए चार शूटर हरियाणा से आए थे. पुलिस के मुताबिक, इस पूरी साजिश के पीछे गोगी गैंग से जुड़े लोगों का हाथ सामने आया है. अंकित हरियाणवी गायक था और उसने एक गाने में अभिनय भी किया था. इसी गाने को लेकर विवाद शुरू हुआ था.

पुलिस के अनुसार, अंकित के एक गाने के बोल को लेकर विवाद हुआ था. इस विवाद के बाद उसे धमकियां भी मिल रही थीं. कुछ समय पहले उसके गाने को सोशल मीडिया पर काफी व्यूज मिले थे और इसके बाद उसे कनाडा से भी धमकी मिलने की बात सामने आई थी. पुलिस इस हत्या को गैंगवार और पुराने विवाद से जोड़कर जांच कर रही है.

हत्या से पहले होटल में रुके थे शूटर
पुलिस के मुताबिक, अंकित की हत्या को अंजाम देने वाले शूटरों ने वारदात से पहले इलाके के एक होटल में ठहरकर रेकी की थी. पुलिस ने बताया कि दो शूटर सुमित और मोहित स्प्लेंडर बाइक से आए थे. इनके पास जीपीएस डिवाइस भी था, जिसके जरिए अंकित की गतिविधियों पर नजर रखने की कोशिश की गई.

जांच में सामने आया है कि सोनीपत के रहने वाले भोलू शाहपुरिया ने शूटरों को जीपीएस उपलब्ध कराया था. पुलिस ने उसे अंकित की हत्या का मास्टरमाइंड बताया है. भोलू पर एक लाख रुपये का इनाम भी घोषित है. पुलिस के मुताबिक, वह पहले भी हत्या की कई वारदातों में शामिल रहा है. मार्च 2025 में उसने अपने रिश्तेदार की हत्या का बदला लेने के लिए दीपक नाम के युवक की मुरथल में हत्या की थी.

जेल से भी गैंग को ऑपरेट करने का आरोप
पुलिस के अनुसार, इस मामले में कुछ आरोपी जेल में बंद हैं, जबकि कुछ विदेश में बैठे हुए हैं. पानीपत जेल में बंद राकेश और तिहाड़ जेल में बंद रोहित पर भी गैंग को ऑपरेट करने में भूमिका होने का आरोप है. वहीं मोंटी नाम के एक आरोपी के बारे में पुलिस ने बताया कि वह गोगी का करीबी रिश्तेदार है और फिलहाल कनाडा में रहकर गैंग की गतिविधियां चला रहा है.

पुलिस का कहना है कि अंकित की हत्या के बाद सोशल मीडिया पर वायरल हुआ पोस्ट भी कनाडा से ही जारी किया गया था. पुलिस ने जिस आईडी की पहचान की है, उसी के जरिए पोस्ट वायरल होने की बात सामने आई है. पुलिस के मुताबिक, इससे पहले दीपक मुरथल की हत्या के बाद भी इसी तरह की पोस्ट सोशल मीडिया पर डाली गई थी.

तीन बदमाश अभी पुलिस की रडार पर
एसपी ने बताया कि पुलिस ने इस पूरे मामले की जांच में काफी काम किया है. अभी तीन ऐसे बदमाश हैं, जो बाहर हैं और उनकी गिरफ्तारी के लिए टीम काम कर रही है. वहीं जेल में बंद आरोपियों को पुलिस कस्टडी में लेकर पूछताछ की जाएगी. कनाडा में छिपे आरोपियों को भारत लाने के लिए उन्हें डेपोर्ट कराने की कोशिश भी की जाएगी.

पुलिस के मुताबिक, मुठभेड़ में मारे गए आरोपियों ने वारदात के बाद भागने की कोशिश की थी. दोनों अलग-अलग ग्रुप में भागे थे और अपनी गाड़ी वहीं छोड़ गए थे. बाद में उन्होंने एक दूसरी गाड़ी पर ऑल्टो का नंबर लगाया. पुलिस के अनुसार, अपनी पहचान से जुड़े कुछ दस्तावेज और सामान लेने के लिए वे करनाल की तरफ से यहां पहुंचे थे, लेकिन पुलिस की ट्रैकिंग में फंस गए. इसके बाद हुई मुठभेड़ में दोनों की मौत हो गई.

‘बेटा वापस नहीं आएगा, लेकिन इंसाफ मिलना चाहिए’
अंकित के परिवार ने कहा कि पुलिस की कार्रवाई के बावजूद उनकी पीड़ा कम नहीं हुई है. परिवार का कहना है कि अंकित अब वापस नहीं आएगा, इसलिए पूरी संतुष्टि तो कभी नहीं हो सकती. लेकिन अगर उसकी हत्या की साजिश में शामिल सभी लोगों को सजा मिलती है तो इसे उसके लिए इंसाफ जरूर माना जाएगा.

परिवार ने पुलिस और सरकार से मांग की है कि मामले में किसी भी आरोपी को छोड़ा न जाए. अंकित की मां ने कहा कि उन्हें अपने और परिवार के दूसरे सदस्यों की सुरक्षा को लेकर डर है. उनका कहना है कि जब आरोपी उनके बेटे की गाड़ी में डिवाइस लगवाकर घर तक पहुंच सकते हैं, तो भविष्य में परिवार के किसी सदस्य को भी निशाना बनाया जा सकता है. ऐसे में हत्या में शामिल हर व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है.

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