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Most ODI Lost by 5 Teams: वनडे क्रिकेट के इतिहास में सबसे ज्यादा हार झेलने वाली टॉप-5 टीमों की लिस्ट में श्रीलंका टॉप पर है. इस लिस्ट में दूसरे स्थान पर भारत है जबकि उसके बाद पाकिस्तान का नंबर आता है. वेस्टइंडीज चौथे और जिम्बाब्वे पांचवें नंबर पर मौजूद है. भारत-पाकिस्तान 1000 से ज्यादा वनडे खेल चुके हैं जबकि श्रीलंका और वेस्टइंडीज ने 900 से जयादा एकदिवसीय मैच खेले हैं.
सबसे ज्यादा वनडे इंटरनेशनल मैच हारने वाली 5 टीमें.
1975 से 2026 के बीच वनडे क्रिकेट के पन्नों को पलटें, तो श्रीलंकाई टीम इस लिस्ट में सबसे ऊपर दिखाई देती है. 1996 का विश्व कप जीतकर दुनिया को अपनी ताकत दिखाने वाली श्रीलंकाई टीम ने इस दौरान कुल 945 मुकाबले खेले. इनमें से उन्हें 436 मैचों में जीत मिली, जबकि 461 मुकाबलों में हार का मुंह देखना पड़ा. उनके 6 मैच टाई रहे और 42 मैचों का कोई नतीजा नहीं निकल सका. श्रीलंका का जीत-हार का अनुपात 0.945 रहा, जिसमें उनकी बल्लेबाजी का औसत 29.63 और गेंदबाजी की इकॉनमी 4.95 दर्ज की गई.
सबसे ज्यादा वनडे इंटरनेशनल मैच हारने वाली 5 टीमें.
सर्वाधिक मैच खेलने का अनुभव और हार का विशाल आंकड़ा भारत के नाम
भारतीय क्रिकेट टीम का वनडे इतिहास 1974 से शुरू होकर 2026 तक बेहद व्यस्त और समृद्ध रहा है. भारत ने इतिहास में सबसे ज्यादा 1081 वनडे मैच खेले हैं. इनमें भारत ने 575 शानदार जीत हासिल की हैं, लेकिन मैचों की भारी संख्या के चलते टीम को 452 हार भी झेलनी पड़ी हैं. भारतीय टीम के 10 मैच टाई रहे और 44 बेनतीजा रहे. 1.272 के मजबूत जीत-हार अनुपात, 34.34 के बेहतरीन बल्लेबाजी औसत और 5.15 की इकॉनमी के साथ भारत दुनिया की सबसे सफल टीमों में गिनी जाती है, लेकिन कुल हार के मामले में यह दूसरे स्थान पर है.
पाकिस्तान की अनिश्चितता और कड़े संघर्ष की कहानी
1973 से 2026 के लंबे सफर में पाकिस्तान की टीम अपनी अनिश्चितता और धमाकेदार प्रदर्शन के लिए जानी गई. पाकिस्तान ने इस दौरान कुल 1002 वनडे मैच खेले, जिनमें से 529 मुकाबलों में जीत दर्ज की और 443 मैचों में उसे हार का सामना करना पड़ा. टीम के 9 मैच टाई पर छूटे और 21 का परिणाम नहीं निकल सका. पाकिस्तान का जीत-हार का अनुपात 1.194 रहा, जबकि टीम का बल्लेबाजी औसत 30.93 और गेंदबाजी इकॉनमी 4.89 रही. सबसे ज्यादा हार झेलने वाले देशों में पाकिस्तान तीसरे नंबर पर आता है.
कैरेबियाई दबदबा और ढलान का दौर
70 और 80 के दशक में दुनिया पर राज करने वाली वेस्टइंडीज टीम का सफर 1973 से 2026 तक काफ़ी उथल-पुथल भरा रहा. कैरेबियाई टीम ने कुल 904 वनडे मुकाबले खेले, जिनमें से 431 मैच जीते और 429 मैचों में हार झेली. इस दौरान 12 मुकाबले टाई रहे और 32 मैचों में कोई नतीजा नहीं आया. वेस्टइंडीज का जीत-हार का अनुपात लगभग बराबरी (1.004) पर रहा, जिसमें उनका बल्लेबाजी औसत 30.04 और इकॉनमी रेट 4.83 दर्ज किया गया. शुरुआती दौर में एकतरफा राज करने वाली यह टीम बाद के दशकों में लगातार पराजयों के कारण चौथे स्थान पर आ गई.
जिम्बाब्वे का संघर्ष, चुनौतियां और हार का बड़ा प्रतिशत
1983 से 2026 के बीच जिम्बाब्वे क्रिकेट का सफर लगातार बड़ी टीमों से लोहा लेने और प्रशासनिक संकटों से जूझने का रहा. जिम्बाब्वे ने कुल 586 वनडे मैच खेले, जिनमें से वे सिर्फ 156 मैच ही जीत सके, जबकि 406 मैचों में उन्हें शिकस्त का सामना करना पड़ा. उनके 8 मैच टाई रहे और 16 बेनतीजा रहे. महज 0.384 के जीत-हार अनुपात, 25.33 के बल्लेबाजी औसत और 4.56 की इकॉनमी के साथ जिम्बाब्वे इस सूची में 400 से ज्यादा हार झेलने वाली पांचवीं टीम है.
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कमलेश कुमार राय नेटवर्क18 ग्रुप में बतौर चीफ सब एडिटर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. वह बीते 15 सालों से खेल पत्रकारिता की पिच पर डटे हुए हैं. हिंदी स्पोर्ट्स सेक्शन में वह खेल कंटेंट की गहरी समझ, सटीक विश्लेषण और ब…
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