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Shahjahanpur News: उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर स्थित मदनापुर ब्लॉक के बिरिया खुर्द गांव में बदहाल सड़क से परेशान ग्रामीणों ने विरोध का अनोखा तरीका अपनाया. प्राथमिक स्कूल जाने वाला 170 मीटर लंबा मुख्य रास्ता बारिश के बाद दलदल में तब्दील हो गया, जिससे बच्चों का स्कूल जाना और लोगों का पैदल निकलना दूभर हो गया. बार-बार गुहार लगाने के बाद भी प्रशासन द्वारा कोई सुध न लेने पर नाराज ग्रामीणों ने कीचड़ भरी सड़क पर धान की रोपाई कर अपना गुस्सा जताया.

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शाहजहांपुर: साहब! जब यह सड़क हमारे बच्चों के स्कूल जाने लायक बची ही नहीं, तो खाली क्यों छोड़ें? कम से कम धान की फसल तो उगेगी! यह दर्द और तंज भरा बयान है उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले के मदनापुर ब्लॉक स्थित बिरिया खुर्द गांव के लोगों का. सालों से पक्की सड़क की गुहार लगा रहे ग्रामीणों का सब्र आखिरकार टूट गया और उन्होंने विरोध का ऐसा नायाब तरीका निकाला जिसने प्रशासनिक दावों की पोल खोलकर रख दी है.

बरसात में तालाब बनी 170 मीटर सड़क
बिरिया खुर्द गांव की करीब 170 मीटर लंबी सड़क पिछले कई सालों से बदहाली का शिकार है. यह रास्ता गांव के प्राथमिक विद्यालय की ओर जाता है. हर साल मानसून आते ही यह पूरी सड़क गहरे कीचड़ और दलदल में तब्दील हो जाती है. इस बार भी जब बारिश के बाद दोनों मुख्य गलियां चलने लायक नहीं बचीं, तो नाराज ग्रामीणों ने दलदल के बीच खड़े होकर बकायदा धान की पौध रोपनी शुरू कर दी. सड़क पर रोपाई करते ग्रामीणों का यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.

पैदल निकलना भी दूभर, बच्चे नहीं जा पा रहे स्कूल
स्थानीय ग्रामीण पीयूष सिंह ने ग्राउंड की हकीकत बयां करते हुए बताया कि इस रास्ते से होकर रोज छोटे-छोटे बच्चे स्कूल जाते हैं, लेकिन मौजूदा हालात में कीचड़ के कारण उनका स्कूल जाना बंद हो चुका है. पीयूष का कहना है, ‘हम लंबे समय से ब्लॉक से लेकर जिला प्रशासन के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई. मोटरसाइकिल निकालना तो बहुत दूर की बात, आदमी पैदल भी नहीं चल सकता. हमने वीडियो इसलिए बनाया ताकि जिम्मेदारों तक हमारी आवाज पहुंचे. हम हाथ जोड़कर निवेदन करते हैं कि स्कूल तक जाने वाली इन दोनों गलियों का निर्माण जल्द से जल्द कराया जाए.’

हर साल यहीं करेंगे खेती
प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों का गुस्सा और लाचारी साफ दिखी. वीडियो में एक ग्रामीण कैमरे पर तंज कसते हुए कहता नजर आया, ‘देखिए हमारी गली का हाल! जब निकल ही नहीं पा रहे हैं, तो सोच रहे हैं कि हर साल यहीं धान गड़ाया करेंगे. इससे पता चलेगा कि जिलाधिकारी महोदय कितना विकास कर रहे हैं.’ ग्रामीणों का कहना है कि अगर प्रशासन ने अब भी सुध नहीं ली, तो वे इस दलदली रास्ते को लेकर बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होंगे.

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Rahul Goel

Rahul Goel is a senior journalist with over 15 years of experience in print and digital media. He currently serves as a Coordinator and Publisher at News18 Hindi, managing State and Local18 content operations a…

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