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सिनेमा में कुछ फिल्में ऐसी होती हैं, जिन्हें देखने के लिए किसी खास वजह की जरूरत नहीं पड़ती. पुराने जमाने की कई ऐसी फिल्में हैं जो टीवी पर टेलीकास्ट होती थीं और उन्हें आप कितनी बार भी देख लीजिए आपका मन नहीं भरता था. साल 2001 में आई तेलुगु फिल्म Simharasi एक ऐसी ही मूवी है. ये तमिल फिल्म की रीमेक थी और इसने तेलुगु में भी तमिल की सफलता को दोहराया था.

नई दिल्ली. 6 जुलाई को तेलुगु सिनेमा में एक ऐसी ही फिल्म रिलीज हुई थी जिसने बॉक्स ऑफिस पर इतिहास रच दिया था. डॉ. राजशेखर की फिल्म ‘सिंहराशि’ भी ऐसी ही फिल्मों में शामिल है. यह सिर्फ एक फैमिली ड्रामा नहीं थी, बल्कि रिश्तों और भावनाओं की ऐसी कहानी थी जिसे देख दर्शकों का कलेजा पसीज उठा.

वी. समुद्र के निर्देशन में बनी यह फिल्म उनके करियर की शुरुआत थी. खास बात यह है कि ‘सिंहराशि’ किसी ओरिजिनल कहानी पर नहीं, बल्कि तमिल फिल्म ‘माई’ के रीमेक के तौर पर बनाई गई थी. तमिल फिल्म में शरत कुमार और मीना मुख्य भूमिकाओं में थे.

तमिल सिनेमा में फिल्म सुपरहिट रही थी. वी समुद्र ने तमिल फिल्म की सक्सेस को पर्दे पर दोहराने की कोशिश की. वो तमिल की सफलता को तेलुगु दर्शकों के लिए पेश करने के इरादे से फिल्म की रीमेक लेकर आए थे. तेलुगु में भी फिल्म को दर्शकों का जबरदस्त प्यार मिला.

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फिल्म में डॉ. राजशेखर के साथ साक्षी शिवानंद मुख्य भूमिका में थीं. कहानी में परिवार और रिश्तों को काफी अहमियत दी गई थी और लगभग हर किरदार का अपना महत्व था. लेकिन इन सबके बीच एक छोटा सा किरदार ऐसा था, जिसने पूरी फिल्म के भावनात्मक असर को और बढ़ा दिया. उसने अपने किरदार से फिल्म की कहानी को बांधे रखा.

यह किरदार राजशेखर के बचपन का था, जिसे उस समय महज 3-4 साल के बच्चे ने निभाया था. इतनी कम उम्र के बावजूद उसकी अदाकारी देखकर दर्शक हैरान रह गए थे. उसके चेहरे के भाव, मासूमियत और इमोशनल सीन्स में अभिनय इतना स्वाभाविक था कि कई सीन दर्शकों की आंखों में आंसू ले आते थे.

आज भी ‘सिंहराशि’ के सबसे यादगार हिस्सों की बात होती है तो इस बच्चे का नाम जरूर सामने आता है. लेकिन शायद बहुत कम लोग जानते होंगे कि वह मासूम बच्चा आगे चलकर साउथ सिनेमा का जाना-पहचाना चेहरा बन गया.

इस चाइल्ड आर्टिस्ट का नाम मास्टर महेंद्रन है. महेंद्रन ने बचपन से ही फिल्मों में काम करना शुरू कर दिया था. उन्होंने सिर्फ ‘सिंहराशि’ ही नहीं, बल्कि ‘पेद्दारायुडु’, ‘पेल्ली चेसुकुंदाम’, ‘आहा!’, ‘देवी’, ‘अम्मायिकी कोसम’, ‘नी स्नेहम’ और ‘सिंहाद्रि’ जैसी कई फिल्मों में भी चाइल्ड आर्टिस्ट के तौर पर अपनी पहचान बनाई.

मास्टर महेंद्रन ने बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट अपनी इमेज को बदलते हुए लीड हीरो के तौर पर अपनी अलग पहचान बनाई. उन्होंने तेलुगु की ‘फर्स्ट लव’ और ‘असलेंम जरुगुतुंदंते’ जैसी फिल्मों में मुख्य भूमिका निभाई. हालांकि, उनके करियर में एक फिल्म ऐसी आई, जिसने उन्हें एक अलग पहचान दिलाई और वो फिल्म ‘मास्टर’ जिसमें वो विजय सेतुपति के यंग रोल में दिखे थे.

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