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UP Acid Attack: तमाम तरह की कानूनी सख्तियों और कठोर कानून के बावजूद एसिड अटैक के मामले थम नहीं रहे हैं. उत्‍तर प्रदेश के हापुड़ में एक बार फिर से तेजाब हमले की खौफनाक घटना सामने आई है, जहां दो बहनें बुरी तरह से झुलस गई हैं.

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हापुड़ में दो सगी बहनों पर एसिड अटैक किया गया है. पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है.

UP Acid Attack: उत्‍तर प्रदेश में एसिड अटैक की घटना सामने आई है. रिश्‍ता टूटने से नाराज मंगेतर ने दो सगी बहनों पर तेजाब उड़ेल दिया. इस घटना में दोनों गंभीर रूप से झुलस गई हैं, जिन्‍हें इलाज के लिए अस्‍पताल में भर्ती कराया गया है. दो युवतियों पर तेजाब हमले से परिजन के हाथ-पांव फूल गए. आनन-फानन में घटना की सूचना स्‍थानीय पुलिस को दी गई. मौके पर पहुंची टीम ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है. फिलहाल उससे पूछताछ की जा रही है. एसिड अटैक की घटना से पास-पड़ोस के लोग भी सन्‍न रह गए.

जानकारी के अनुसार, हापुड़ में रिश्ता टूटने से नाराज एक युवक ने कथित तौर पर अपनी पूर्व मंगेतर और उसकी बहन पर एसिड से हमला कर दिया. आरोपी की पहचान हर्ष के तौर पर की गई है. घटना में दोनों सगी बहनें झुलस गईं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है. मामला सिंभावली थाना क्षेत्र का है. जानकारी के मुताबिक, आरोपी हर्ष देर रात करीब 3 बजे गांव में पहुंचा और घर के अंदर सो रही दोनों बहनों पर एसिड डाल दिया. हमले के बाद दोनों बहनें झुलस गईं और घर में चीख-पुकार मच गई. परिजनों ने तत्काल पुलिस को सूचना देने के लिए 112 नंबर पर कॉल किया.

हिरासत में आरोपी

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी हर्ष को हिरासत में ले लिया. पुलिस मामले की जांच कर रही है. बताया जा रहा है कि आरोपी का एक युवती से रिश्ता तय हुआ था. बाद में उसके परिवार को कथित तौर पर जानकारी मिली कि हर्ष अत्यधिक नशे का सेवन करता है. इसके बाद परिजनों ने रिश्ता तोड़ दिया. आरोप है कि इसी बात से नाराज होकर हर्ष ने घर पहुंचकर दोनों बहनों पर एसिड फेंक दिया. पुलिस घटना के सभी पहलुओं की जांच कर रही है.

एसिड अटैक के खिलाफ कानूनी प्रावधान

भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 124 के अंतर्गत एसिड हमलों को एक विशिष्ट और गंभीर अपराध माना गया है. इसके तहत न्यूनतम 10 वर्ष का कारावास (जिसे आजीवन कारावास तक बढ़ाया जा सकता है) का प्रावधान है. साथ ही पीड़ित के इलाज पर आने वाले खर्च को पूरा करने के लिए उचित ज़ुर्माना लगाने का भी प्रावधान किया गया है. इस कानून में एसिड हमले के प्रयास को 5 से सात वर्ष जेल का प्रावधान भी है और यह अनिवार्य करता है कि सभी सार्वजनिक और निजी अस्पताल पीड़ितों को निशुल्क प्राथमिक इलाज करे. इलाज से इनकार करने पर आपराधिक मामला दर्ज होगा. राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (एसिड हमले के पीड़ितों के लिये कानूनी सेवाएं) योजना-2016 के तहत तेजाब हमले के पीड़ितों और उनके उत्तराधिकारियों को प्राथमिकता आधारित कानूनी सहायता, समर्थन और सहयोग प्रदान की जाती है.

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Manish Kumar

बिहार, उत्‍तर प्रदेश और दिल्‍ली से प्रारंभिक के साथ उच्‍च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्‍ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्‍लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु…

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