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5 teams Highest fourth innings totals in Test: टेस्ट क्रिकेट की चौथी पारी में पहाड़ जैसे लक्ष्य का पीछा करना हर टीम के लिए सबसे कठिन परीक्षा होती है. टूटती पिच और दबाव के बीच इतिहास में कई ऐसी पारियां खेली गईं जो इतिहास में दर्ज हों गईं. 1939 में इंग्लैंड के एवरेस्ट जैसे रिकॉर्ड से लेकर 2025 में वेस्टइंडीज के, न्यूजीलैंड के, दक्षिण अफ्रीका के और पाकिस्तान के रनों के अद्भुत संघर्ष तक. इन टीमों के आंकड़े साबित करते हैं कि क्रिकेट में जज्बा और साहस हो तो असंभव कुछ भी नहीं.

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टेस्ट की चौथी पारी में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली दुनिया की पांच टीमें.

नई दिल्ली. टेस्ट क्रिकेट की तासीर ही कुछ ऐसी है जहां पांचवें दिन, टूटती हुई पिच और घूमती गेंदों के सामने चौथी पारी में बल्लेबाजी करना किसी युद्ध से कम नहीं माना जाता. चौथी पारी का दबाव अक्सर दिग्गज से दिग्गज बल्लेबाजों के घुटने टिका देता है. लेकिन क्रिकेट के इतिहास में कुछ ऐसे क्षण भी दर्ज हैं, जब टीमों ने नामुमकिन को मुमकिन बनाने की जिद में पहाड़ जैसे विशाल लक्ष्य का पीछा किया और ऐसे स्कोर बनाए जो इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गए.

टेस्ट इतिहास में चौथी पारी का सबसे बड़ा स्कोर बनाने का विश्व रिकॉर्ड इंग्लैंड (England) के नाम दर्ज है, जो आज भी अटूट है. साल 1939 में डरबन के मैदान पर दक्षिण अफ्रीका और इंग्लैंड के बीच एक ऐसा मुकाबला खेला गया जिसे ‘टाइमलेस टेस्ट’ (बिना समय सीमा का मैच) कहा जाता है. दक्षिण अफ्रीका ने इंग्लैंड के सामने 696 रनों का असंभव सा लगने वाला लक्ष्य रखा था. इंग्लैंड की टीम ने इस चुनौती को स्वीकार किया और ऐतिहासिक संयम का परिचय देते हुए 5 विकेट पर 654 रन बना डाले. 218.2 ओवरों (आठ गेंदों वाले ओवर) तक चली इस मैराथन पारी में इंग्लैंड का रन रेट भले ही 2.24 का रहा, लेकिन उनका जज्बा बेमिसाल था. यह मुकाबला बिना किसी नतीजे के ड्रॉ पर समाप्त हुआ क्योंकि इंग्लैंड की टीम को अपनी स्वदेश वापसी के लिए जहाज पकड़ना था, वरना यह स्कोर और भी बड़ा हो सकता था.

टेस्ट की चौथी पारी में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली दुनिया की पांच टीमें.

वेस्टइंडीज की साहसी पारी और क्राइस्टचर्च का मुकाबला
चौथी पारी के इस अनोखे इतिहास में वेस्टइंडीज का नाम भी बेहद खास अंदाज में दर्ज है. क्राइस्टचर्च के मैदान पर न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले गए मुकाबले में कैरेबियाई टीम के सामने 531 रनों का विशाल लक्ष्य था. अंतिम पारी की कठिन परिस्थितियों में वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों ने सूझबूझ और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाया. 163.3 ओवरों में 2.79 की रन गति से बल्लेबाजी करते हुए वेस्टइंडीज ने 6 विकेट पर 457 रन बनाए. हार के जबड़े से मैच को खींचकर इसे ड्रॉ पर खत्म कराना वेस्टइंडीज के जुझारू खेल का प्रतीक बन गया.

नाथन एस्टल का तूफान और न्यूजीलैंड का जज्बा
चौथी पारी के शीर्ष ड्रामे का एक और यादगार अध्याय क्राइस्टचर्च में ही साल 2002 में लिखा गया था, जब न्यूजीलैंड और इंग्लैंड की टीमें आमने-सामने थीं. इंग्लैंड ने न्यूजीलैंड को 550 रनों का बेहद कड़ा लक्ष्य दिया. आम तौर पर टीमें ऐसे लक्ष्यों के सामने सरेंडर कर देती हैं, लेकिन कीवी टीम के आक्रामक इरादे कुछ और ही थे. नाथन एस्टल के ऐतिहासिक और तूफानी दोहरे शतक के दम पर न्यूजीलैंड ने 4.82 के अकल्पनीय रन रेट से रन बनाए. पूरे 93.3 ओवरों तक चले इस रोंगटे खड़े कर देने वाले संघर्ष में न्यूजीलैंड की पूरी टीम 451 रनों पर सिमट गई. हालांकि न्यूजीलैंड यह मैच हार गया, लेकिन चौथी पारी में बिना ड्रॉ की सोच के 451 रन बनाने का उनका यह प्रयास आज भी क्रिकेट जगत में सर्वोच्च साहसिक पारियों में गिना जाता है.

वांडरर्स में दक्षिण अफ्रीका बनाम भारत का रोमांच
ठीक इसी तरह की ऐतिहासिक पटकथा साल 2013 में जोहान्सबर्ग के मैदान पर लिखी गई थी, जब दक्षिण अफ्रीका का मुकाबला भारत से था. भारत ने मेजबान टीम के सामने जीत के लिए 458 रनों की कठिन चुनौती रखी थी. वांडरर्स की उछालभरी पिच पर इस लक्ष्य को हासिल करना नामुमकिन माना जा रहा था. लेकिन दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजों की कड़ी परीक्षा लेते हुए 136 ओवरों में 3.30 के रन रेट से 7 विकेट खोकर 450 रन बना लिए. मैच के आखिरी लम्हों में दोनों टीमों के बीच जीत-हार की सांसे थमा देने वाली जंग देखने को मिली और आखिरकार यह मुकाबला टेस्ट इतिहास के सबसे रोमांचक ड्रॉ मैचों में शामिल हो गया.

गाबा में असद शफीक और पाकिस्तान की ऐतिहासिक लड़ाई
चौथी पारी के इस गौरवशाली इतिहास में पाकिस्तान का नाम भी स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है. साल 2016 में ब्रिस्बेन के गाबा मैदान पर ऑस्ट्रेलिया ने पाकिस्तान के सामने 490 रनों का विशालकाय लक्ष्य रखा. गाबा में गुलाबी गेंद से डे-नाइट टेस्ट खेलना और चौथी पारी में इतना बड़ा लक्ष्य हासिल करना किसी चमत्कार से कम नहीं था. लेकिन असद शफीक की शानदार शतकीय पारी और निचले क्रम के जुझारूपन के दम पर पाकिस्तान ने ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों की नाक में दम कर दिया. पाकिस्तान ने 145 ओवरों तक डटकर सामना किया और 3.10 के रन रेट से ठीक 450 रन बनाए. हालांकि पाकिस्तान की टीम लक्ष्य से महज 39 रन दूर रह गई और पूरी टीम ऑलआउट हो गई, लेकिन इस हार में भी उनकी जीत जैसी चमक थी.

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Kamlesh Raiचीफ सब एडिटर

कमलेश कुमार राय नेटवर्क18 ग्रुप में बतौर चीफ सब एडिटर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. वह बीते 15 सालों से खेल पत्रकारिता की पिच पर डटे हुए हैं. हिंदी स्पोर्ट्स सेक्शन में वह खेल कंटेंट की गहरी समझ, सटीक विश्लेषण और ब…

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