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होमताजा खबरधर्ममरने के बाद मृतक के मुंह में क्यों रखते हैं सोने का टुकड़ा? अनसुनी मान्यता

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Ayodhya News: धार्मिक मान्यताओं में सोने को पवित्र धातु माना गया है. इसी वजह से अंतिम संस्कार से जुड़ी कुछ परंपराओं में भी इसका विशेष महत्व बताया जाता है. मान्यता है कि मृतक के मुंह में सोना रखने का उद्देश्य सांसारिक मोह-माया से आत्मा को मुक्त होने में सहायता करना है.

अयोध्या: हिंदू धर्म में जन्म से लेकर मृत्यु तक कई तरह के संस्कार और परंपराएं बताई गई हैं. इनमें अंतिम संस्कार को बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मृत्यु के बाद आत्मा की शांति और उसकी आगे की यात्रा के लिए कुछ विशेष रीति-रिवाजों का पालन किया जाता है. इन्हीं परंपराओं में मृतक के शरीर को स्नान कराने, नए वस्त्र पहनाने, तुलसी दल और गंगाजल अर्पित करने जैसी रस्में शामिल हैं. वहीं कुछ स्थानों पर मृत व्यक्ति के मुंह में सोने का छोटा सा टुकड़ा रखने की परंपरा भी देखने को मिलती है. चलिए इस रिपोर्ट में विस्तार से जानते हैं.

अयोध्या के ज्योतिष पंडित कल्कि राम बताते हैं कि धार्मिक मान्यताओं में सोने को पवित्र धातु माना गया है. इसी वजह से अंतिम संस्कार से जुड़ी कुछ परंपराओं में भी इसका विशेष महत्व बताया जाता है. मान्यता है कि मृतक के मुंह में सोना रखने का उद्देश्य सांसारिक मोह-माया से आत्मा को मुक्त होने में सहायता करना है. हालांकि अलग-अलग क्षेत्रों और समुदायों में इस परंपरा के तरीके और मान्यताएं अलग हो सकती हैं.

तुलसी और गंगाजल के साथ सोना रखने की परंपरा
हिंदू परिवारों में मृत्यु के बाद मृतक के मुंह में तुलसी दल और गंगाजल रखने की परंपरा काफी प्रचलित है. गरुड़ पुराण के अनुसार, तुलसी को भगवान विष्णु से संबंधित और अत्यंत पवित्र माना जाता है, जबकि गंगाजल को पवित्रता और शुद्धि का प्रतीक माना जाता है. कुछ परंपराओं में इसके साथ सोने का छोटा टुकड़ा भी रखा जाता है. मान्यता है कि सोना पवित्रता शुद्धता और शुभता का प्रतीक है. इसलिए इसे मृतक की अंतिम यात्रा से जोड़कर देखा जाता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार यह आत्मा को सांसारिक बंधनों से दूर होने और ईश्वर की ओर बढ़ने का प्रतीक माना जाता है.

पापों से मुक्ति से जुड़ी मान्यता
गरुड़ पुराण में मृत्यु, आत्मा की यात्रा और कर्मों से जुड़े विषयों का विस्तार से वर्णन मिलता है. इसी आधार पर हिंदू परंपराओं में मृत्यु के बाद किए जाने वाले कई कर्मकांडों को महत्व दिया जाता है. सोने के टुकड़े से जुड़ी मान्यता भी इसी धार्मिक परंपरा का हिस्सा मानी जाती है. मान्यता के अनुसार, मृतक के मुंह में सोना रखने से आत्मा की आगे की यात्रा सुगम होती है और उसे सांसारिक मोह से मुक्ति प्राप्त करने में सहायता मिलती है. कुछ धार्मिक मान्यताओं में इसे पापों के प्रभाव से मुक्ति और मोक्ष की प्राप्ति से भी जोड़ा गया है.

यम के भय से मुक्ति की भी मान्यता
धार्मिक मान्यता अनुसार, मृत्यु के बाद आत्मा को एक लंबी यात्रा से गुजरना पड़ता है. ऐसी मान्यता है कि मृतक के मुंह में सोना रखने से इस यात्रा में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं और आत्मा को भय से मुक्ति मिलती है. इसे मृतक के लिए शुभ और मंगलकारी माना जाता है.

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आर्यन सेठ

आर्यन सेठ, News18 Hindi में डिजिटल डेस्क पर जुड़े हैं और जनवरी 2026 से उत्तर प्रदेश की राजनीति, अपराध, प्रशासन, वायरल और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर खबरें लिखते हैं. जामिया मिलिया इस्लामिया दिल्ली से साल 2024 में…

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Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी, राशि-धर्म और शास्त्रों के आधार पर ज्योतिषाचार्य और आचार्यों से बात करके लिखी गई है. किसी भी घटना-दुर्घटना या लाभ-हानि महज संयोग है. ज्योतिषाचार्यों की जानकारी सर्वहित में है. बताई गई किसी भी बात का Local-18 व्यक्तिगत समर्थन नहीं करता है.

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