Aditya Thackeray Latest News: दिशा सालियन मौत मामले में आदित्य ठाकरे के वकील ने हाईकोर्ट में पक्ष रखा. उन्होंने याचिका को राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता बताया. हाईकोर्ट ने इस मामले में दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया है.
दिशा सालियान केस में हाईकोर्ट ने सभी की दलीलों को सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया है. (फाइल फोटो)
आदित्य ठाकरे की ओर से सुदीप पसबोला ने रखा पक्ष
दिशा सालियन मामले में आदित्य ठाकरे की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सुदीप पसबोला पेश हुए. उन्होंने अदालत में याचिका की वैधता और उसमें लगाए गए आरोपों पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह याचिका कानून और तथ्यों के आधार पर टिकाऊ नहीं है. पसबोला ने आरोप लगाया कि इस मामले को राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के लिए इस्तेमाल किया गया है. उनकी ओर से अदालत में कहा गया कि राजनीतिक विरोधियों ने दिशा सालियन की मौत का फायदा उठाया है. उन्होंने इस संदर्भ में राणे और उनके बच्चों का भी उल्लेख किया.
‘यह याचिका कानून के दायरे में नहीं आती’
आदित्य ठाकरे के वकीलों ने अदालत में दलील दी कि याचिका में लगाए गए आरोप कानूनी और तथ्यात्मक कसौटी पर खरे नहीं उतरते. पसबोला ने कहा कि राजनीतिक द्वेष के कारण निराधार आरोप लगाए गए हैं और इस मामले को राजनीतिक रंग दिया गया है. सुनवाई के दौरान जांच के विभिन्न पहलुओं पर भी चर्चा हुई. इसमें पोस्टमार्टम रिपोर्ट, चेहरे पर लगी चोट और सीआरपीसी की धारा 174 के तहत पुलिस की ओर से की गई जांच का मुद्दा शामिल रहा.
‘दिशा के पिता और परिवार से पूरी सहानुभूति है, लेकिन…’
बहस के दौरान आदित्य ठाकरे की ओर से उनके वकील ने दिशा सालियन के परिवार को लेकर भी अपनी बात रखी. पसबोला ने कहा कि दिशा के पिता और उनके परिवार के प्रति उन्हें पूरी सहानुभूति और संवेदना है. उन्होंने अदालत से कहा कि परिवार को इस मामले को खत्म करने का अधिकार मिलना चाहिए. हालांकि, उन्होंने साथ ही यह भी दलील दी कि एक युवा लड़की की दुर्भाग्यपूर्ण मौत को लेकर जिस तरह की राजनीति की जा रही है, उस पर अब कहीं न कहीं विराम लगना चाहिए. यानी आदित्य ठाकरे की ओर से अदालत में एक तरफ दिशा सालियन के परिवार के प्रति संवेदना जताई गई, तो दूसरी तरफ इस मामले को लेकर हो रही कथित राजनीतिक गतिविधियों पर सवाल उठाया गया.
अब हाईकोर्ट के फैसले का इंतजार
दिशा सालियन की मौत की जांच से संबंधित याचिका पर दोनों पक्षों की दलीलें पूरी हो चुकी हैं. सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है. ऐसे में अब इस मामले में अदालत के फैसले पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं. फिलहाल, सुनवाई के दौरान आदित्य ठाकरे की ओर से मुख्य जोर इस बात पर रहा कि याचिका कानूनी और तथ्यात्मक आधार पर टिकाऊ नहीं है और दिशा सालियन की मौत को राजनीतिक विवाद का हिस्सा नहीं बनाया जाना चाहिए.
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अरुण बिंजोला वर्तमान में News18 हिंदी में एसोसिएट एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में वह करीब 19 वर्षों से काम कर रहे हैं, जिसमें 13 वर्षों से अधिक समय डिजिटल मीडिया में बी…
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