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होमखेलक्रिकेटदुनिया की 3 टेस्ट टीमें, जिन्होंने फॉलोऑन खेलते हुए दर्ज की जीत

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3 teams Victory after a follow on in Test: क्रिकेट इतिहास में फॉलोऑन मिलने के बाद जीत हासिल करना किसी चमत्कार से कम नहीं है. 149 साल के टेस्ट इतिहास में ऐसा केवल चार बार हुआ है. 1894 में सिडनी और 1981 में लीड्स में इंग्लैंड ने हारी बाजी पलटी. वहीं 2001 में ईडन गार्डन्स पर भारत ने और 2023 में वेलिंग्टन में न्यूजीलैंड ने असंभव को संभव कर दिखाया. ये यादगार मुकाबले यह साबित करते हैं कि क्रिकेट में आखिरी गेंद तक कुछ भी संभव है.

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दुनिया की 3 टीमें जिन्होंने टेस्ट मैच में फॉलोऑन खेलते हुए दर्ज की यादगार जीत.

नई दिल्ली.  क्रिकेट के इतिहास में फॉलो-ऑन मिलना किसी भी टीम के लिए सबसे बड़े संकट की घड़ी जैसा होता है. जब कोई टीम पहली पारी में बेहद खराब प्रदर्शन के बाद विशाल स्कोर से पीछे रह जाती है, तो विरोधी कप्तान उसे दोबारा बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित करता है. आंकड़ों के पन्नों को पलटें तो टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में अब तक कुल 4 टेस्ट मैच ऐसे रहे हैं, जहां पहली पारी में पिछड़ने और फॉलो-ऑन मिलने के बाद भी किसी टीम ने हार नहीं मानी और अंततः चमत्कारिक जीत दर्ज की. इन सभी मुकाबलों में खेल के हर पल ने रोमांच की पराकाष्ठा को पार किया और इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज कर लिया.

इस अद्भुत फेहरिस्त की शुरुआत 19वीं सदी के अंत में होती है. सिडनी के ऐतिहासिक मैदान पर 14 दिसंबर 1894 को खेले गए टेस्ट मैच में इंग्लैंड की टीम मुश्किल में थी. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उस मुकाबले में फॉलो-ऑन का पहाड़ झेलने के बाद इंग्लैंड ने जबरदस्त मानसिक दृढ़ता दिखाई और मैच का पासा पलट दिया. मैच के अंत में इंग्लैंड ने रोमांचक तरीके से महज 10 रनों से जीत दर्ज कर क्रिकेट जगत को चौंका दिया. यह मुकाबला इस बात का पहला बड़ा उदाहरण बना कि फॉलो-ऑन मिलने के बाद भी हार नहीं माननी चाहिए.

दुनिया की 3 टीमें जिन्होंने टेस्ट मैच में फॉलोऑन खेलते हुए दर्ज की यादगार जीत.

लीड्स के मैदान पर इयान बॉथम का करिश्माई प्रदर्शन
लगभग नौ दशक बाद, इंग्लैंड ने एक बार फिर लीड्स के मैदान पर 16 जुलाई 1981 को खेले गए टेस्ट मैच में कुछ ऐसा ही करिश्मा दोहराया. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उस मैच में भी स्थिति ऐसी थी कि इंग्लैंड पर हार का साया मंडरा रहा था और उन्हें फॉलो-ऑन थमाया गया था. लेकिन उस मुकाबले में इयान बॉथम की आतिशी पारी और गेंदबाजी के शानदार प्रदर्शन ने बाजी पूरी तरह पलट दी. चमत्कारी वापसी करते हुए इंग्लैंड ने अंततः 18 रनों से ऐतिहासिक जीत हासिल की, जिसकी गूंज आज भी क्रिकेट प्रेमियों के जेहन में जिंदा है.

ईडन गार्डन्स में भारत की यादगार वापसी
इस सूची में भारत का नाम भी स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज है. कोलकाता के ईडन गार्डन्स में 11 मार्च 2001 को खेले गए ऐतिहासिक टेस्ट मैच को कौन भूल सकता है. उस मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया जैसी अजय मानी जाने वाली टीम के सामने भारतीय टीम पहली पारी में लड़खड़ा गई थी और कप्तान स्टीव वॉ ने भारत को फॉलो-ऑन दे दिया था. इसके बाद वीवीएस लक्ष्मण और राहुल द्रविड़ की वह अमर साझेदारी हुई, जिसने पूरे मैच का नक्शा बदल दिया. हरभजन सिंह की घातक गेंदबाजी के साथ भारत ने उस मैच में अविश्वसनीय वापसी की और ऑस्ट्रेलिया को 171 रनों के विशाल अंतर से करारी शिकस्त दी. यह टेस्ट इतिहास के सबसे महान पलों में से एक माना जाता है.

वेलिंग्टन में न्यूजीलैंड की सबसे करीबी और नई जीत
इस अनूठी और दुर्लभ फेहरिस्त में सबसे नया नाम न्यूजीलैंड का जुड़ता है. वेलिंग्टन के मैदान पर 24 फरवरी 2023 को खेले गए टेस्ट मैच में इंग्लैंड के खिलाफ खेलते हुए कीवी टीम संकट में आ गई थी. फॉलो-ऑन का दबाव झेलने के बाद न्यूजीलैंड ने दूसरी पारी में गजब का संघर्ष दिखाया और इंग्लैंड के सामने जीत के लिए एक चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा. इसके बाद अंतिम पलों में रोमांच अपनी चरम सीमा पर पहुंच गया और न्यूजीलैंड ने बेहद करीबी मुकाबले में महज 1 रन के ऐतिहासिक अंतर से जीत अपने नाम की. टेस्ट क्रिकेट के 140 से अधिक वर्षों के इतिहास में ये चार ऐसे मुकाबले हैं, जो यह साबित करते हैं कि क्रिकेट अनिश्चितताओं का खेल है और जब तक आखिरी गेंद न फेंकी जाए, कोई भी मुकाबला खत्म नहीं होता.

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Kamlesh Raiचीफ सब एडिटर

कमलेश कुमार राय नेटवर्क18 ग्रुप में बतौर चीफ सब एडिटर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. वह बीते 15 सालों से खेल पत्रकारिता की पिच पर डटे हुए हैं. हिंदी स्पोर्ट्स सेक्शन में वह खेल कंटेंट की गहरी समझ, सटीक विश्लेषण और ब…

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