- फिजिबिलिटी रिपोर्ट और मास्टर प्लान तैयार करने के लिए तीन कंपनियां दौड़ में, जल्द खुलेगी तकनीकी बिड
- टाटा कंसल्टिंग इंजीनियर्स, फीडबैक इंफ्रा और वोयांट्स सॉल्यूशन ने दिखाई रुचि
- फेज-1 और फेज-2 के बीच महत्वपूर्ण कड़ी बनेगा नया इंडस्ट्रियल नोड
- औद्योगिक गतिविधियों के साथ आवासीय, वाणिज्यिक और संस्थागत विकास की भी तैयारी
उदय भूमि संवाददाता
ग्रेटर नोएडा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और टप्पल के बीच करीब आठ हजार हेक्टेयर क्षेत्र में प्रस्तावित नए इंडस्ट्रियल नोड को विकसित करने की दिशा में यमुना प्राधिकरण ने कदम आगे बढ़ा दिया है। इस नोड की फिजिबिलिटी रिपोर्ट और मास्टर प्लान तैयार करने के लिए तीन कंपनियों ने रुचि दिखाई है। अब प्राधिकरण इन कंपनियों की तकनीकी बिड खोलेगा। इसके बाद प्रेजेंटेशन और मूल्यांकन के आधार पर कंसल्टेंट का चयन किया जाएगा।
प्रस्तावित इंडस्ट्रियल नोड यमुना प्राधिकरण के अधिसूचित क्षेत्र में एयरपोर्ट और टप्पल के बीच खाली पड़ी जमीन पर विकसित किया जाना है। प्राधिकरण का मानना है कि इस क्षेत्र में नया शहरी क्षेत्र विकसित होने से यमुना प्राधिकरण के फेज-1 और फेज-2 के बीच बेहतर कनेक्टिविटी और शहरी विस्तार संभव होगा। नए नोड में मुख्य रूप से औद्योगिक गतिविधियों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके साथ ही आवासीय, वाणिज्यिक और संस्थागत उपयोग के लिए भी जमीन निर्धारित किए जाने की योजना है। हालांकि, क्षेत्र का वास्तविक भू-उपयोग और विकास का स्वरूप फिजिबिलिटी रिपोर्ट और मास्टर प्लान तैयार होने के बाद स्पष्ट होगा। फिजिबिलिटी रिपोर्ट और मास्टर प्लान तैयार कराने के लिए यमुना प्राधिकरण ने आरएफपी जारी किया था।
इसके जवाब में टाटा कंसल्टिंग इंजीनियर्स लिमिटेड, फीडबैक इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड और वोयांट्स सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड ने रुचि दिखाई है। अब प्राधिकरण इन कंपनियों की तकनीकी बिड खोलेगा। तकनीकी स्तर पर पात्र कंपनियों से प्रेजेंटेशन भी लिया जाएगा। इसके बाद तकनीकी और वित्तीय मूल्यांकन के आधार पर एजेंसी का चयन किया जाएगा। प्राधिकरण को उम्मीद है कि यह प्रक्रिया जल्द पूरी कर ली जाएगी। फेज-1 और फेज-2 को जोड़ने की तैयारीयमुना प्राधिकरण वर्तमान में मास्टर प्लान-2041 के फेज-1 के तहत विकास कार्य कर रहा है। इसके फेज-2 में अलीगढ़, हाथरस, मथुरा और आगरा को शामिल किया गया है।
फेज-2 के तहत टप्पल-बाजना और राया को शहरी केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है। टप्पल-बाजना और राया का मास्टर प्लान प्रदेश सरकार से स्वीकृत हो चुका है, जबकि आगरा और हाथरस के मास्टर प्लान की प्रक्रिया चल रही है। फेज-1 और फेज-2 के बीच करीब आठ हजार हेक्टेयर क्षेत्र खाली है। इसी क्षेत्र में प्रस्तावित इंडस्ट्रियल नोड को दोनों फेज के बीच महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में विकसित करने की योजना है। इसके बनने से औद्योगिक गतिविधियों के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों में रोजगार और शहरी विकास को भी गति मिलने की उम्मीद है।

यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा)
एसीईओ शैलेंद्र भाटिया ने कहा कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और टप्पल के बीच अधिसूचित क्षेत्र में इंडस्ट्रियल नोड विकसित करने की योजना है। इसके लिए फिजिबिलिटी रिपोर्ट और मास्टर प्लान तैयार कराया जाना है। इस काम के लिए तीन कंपनियों ने रुचि दिखाई है। जल्द ही प्रक्रिया पूरी कर एजेंसी का चयन किया जाएगा।
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