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सहारनपुर में चीनी मिलों पर किसानों का करोड़ों बकाया. गांगनौली बजाज शुगर मिल पर ₹98.45 करोड़, गागलहेड़ी शुगर मिल पर ₹2.54 करोड़ बकाया है. सरकार के 15 दिन में भुगतान के दावे खोखले साबित हुए. यह बकाया हाल फिलहाल का नहीं है बल्कि 2025 से रुका हुआ है. जिसको लेकर किसान लगातार अधिकारियों से मिलते हैं धरना प्रदर्शन करते हैं लेकिन उसके बावजूद भी उनको आश्वासन मिलता है और अपनी मनमानी के बाद ही चीनी मिल किसानों का गन्ना भुगतान करता है.

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सहारनपुर: उत्तर प्रदेश सरकार जहां किसानों को 15 दिन में गन्ने का भुगतान देने की बात कहती है और 15 दिन बाद चीनी मिल किसानों के पैसे पर ब्याज लगा कर देगा, लेकिन सरकार के इन दावों को सहारनपुर की कुछ चीनी मिले ठेंगा दिखा रही है. क्योंकि ना तो किसानों का 15 दिन में चीनी मिल भुगतान कर पा रहे हैं और ना ही उनका 15 दिन बाद उनके पैसों पर ब्याज मिलता है. बल्कि कई-कई महीने उनको अपने पैसों का इंतजार रहता है.

एक अरब किसानों का बकाया हैं गन्ना मिलें

यही कारण है कि सहारनपुर के चीनी मिलों पर आज भी किसानों के करोड़ों रुपए पर बकाया है. जिसमे सहारनपुर की गांगनौली बजाज शुगर मिल पर 98 करोड़ 45 लाख रुपए आज भी बकाया है. वही सहारनपुर की गागलहेड़ी शुगर मिल 2 करोड़ 54 लाख रुपये बाकी है. इतना ही नहीं सहारनपुर मंडल की भी एक और चीनी मिल इसमें शामिल है जिस पर करोड़ों रुपए बकाया है. और यह बकाया हाल फिलहाल का नहीं है बल्कि 2025 से रुका हुआ है. जिसको लेकर किसान लगातार अधिकारियों से मिलते हैं धरना प्रदर्शन करते हैं लेकिन उसके बावजूद भी उनको आश्वासन मिलता है और अपनी मनमानी के बाद ही चीनी मिल किसानों का गन्ना भुगतान करता है. अगर गन्ना भुगतान हो भी जाता है तो देरी से गन्ना भुगतान पर ब्याज देने की बात केवल हवा हवाई है.

किसानों की एफडी होती है गन्ने की फसल

उप गन्ना आयुक्त ओम प्रकाश सिंह ने लोकल 18 से बात करते हुए बताया कि गन्ने का रकबा पहले के मुकाबले लगभग बराबर है और इस बार गन्ने की उत्पादकता ज्यादा आने की उम्मीद है. अभी हमारे द्वारा 36 ड्रोन के माध्यम से सहारनपुर मंडल के जितने भी गन्ने के खेत है वहां पर फर्टिलाइजर पेस्टिसाइड का छिड़काव कराया जा रहा है. अब लगातार किसानों से फीडबैक ले रहे हैं और इस वर्ष गन्ने का उत्पादन बढ़ाने की उम्मीद है. गन्ने की फसल में किसानों को क्योंकि फिक्स प्राइस मिलते हैं और गन्ने की फसल एक FD के रूप में काम करती है. गन्ने में पता रहता है किसानों को हमें कितना रेट मिलेगा जबकि अन्य फसल में रेट सुनिश्चित नहीं होता है.

इसलिए सहारनपुर मंडल में किसानों ने गन्ने के रकबे को बढ़ाया है जो रकबा हाईवे की वजह से घटा था उसको भी इंप्रूव किया गया है. पूरे सहारनपुर मंडल में 18 चीनी मिले हैं जिसमें से आठ चीनी मिल सहारनपुर में है और सहारनपुर की दो चीनी मिलों पर बकाया है. जिसमें गागनोली बजाज शुगर मिल पर सबसे ज्यादा 98 करोड़ 45 लाख जबकि गागलहेड़ी शुगर मिल पर 2 करोड़ 54 लाख रुपए बकाया है. जो की 2025 और 26 का बकाया है. इस बकाया को जल्द किसानों को दिलाया जाएगा.

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Rajneesh Kumar Yadav

Rajnish Kumar Yadav is a digital journalist and content publisher with over seven years of experience in print and digital media. He is currently working with News18 Digital (Local18) as a Content Publisher, wh…

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