मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मनुस्मृति को लेकर राहुल गांधी के बयान पर पलटवार किया. उन्होंने राहुल पर बेटियों को भड़काने और भारतीय परंपराओं को गलत तथ्यों के साथ पेश करने का आरोप लगाया. योगी ने कहा कि मनुस्मृति की अच्छाइयों और बुराइयों पर बहस होनी चाहिए, लेकिन इसे पूरी तरह अपमानित नहीं किया जाना चाहिए. उन्होंने अथर्ववेद, महाभारत और पुराणों में मनुस्मृति के उल्लेख का हवाला दिया. योगी ने भारतीय कालगणना का वर्णन करते हुए निमेष से लेकर मुहूर्त, पक्ष, माह, वर्ष, महायुग, मन्वंतर और कल्प तक की गणना समझाई. उन्होंने कहा कि यह कालगणना मनु ने दी थी, न कि राहुल गांधी के पूर्वजों ने.
रायबरेली की धरती से सीएम योगी ने राहुल गांधी को मनुस्मृति पर दिया जवाब.
सीएम ने कहा कि अथर्ववेद जिसकी चर्चा हो, सतपद ब्राह्मण में जिसकी चर्चा हुई हो, महाभारत जिसके बारे में चर्चा करता हो और मत्स्य पुराण जिसकी महिमा का गान करता हो, उस मनुस्मृति को आप अपमानित क्यों करना चाहते हैं? आप माने या ना माने, कभी हमने नहीं कहा. आप तो राम की विरासत को भी अपमानित करते हैं. आपकी पार्टी ने तो कह दिया था कि राम हुए ही नहीं. कल भी आपकी पार्टी के नेताओं का आचरण देश ने देखा है. दुनिया ने देखा है.
योगी आदित्यनाथ ने आगे कहा- ‘राहुल गांधी आप माने या ना माने, लेकिन याद रखना आज भी हर सनातनी जिस काल गणना को मानता है वह काल गणना किसी और ने नहीं दी है. राहुल जी वह काल गणना मनु ने दी है. वह काल गणना है जब पलक झपकता है, उसको निमेश कहते हैं. हमारे यहां काल गणना पलक झपकने को निमेश कहते हैं. 25 निमेश का एक काष्टा होता है और एक 30 काष्टा का एक कला. 30 कला का एक मुहूर्त और 30 मुहूर्त का एक अहो रात. अहो रात्र का मतलब एक पूरी रात और दिन मिलाकर के एक अहो रात्र होता है. 15 दिन यानी एक 15 अहो रात्र का एक पक्ष होता है और दो पक्ष का यानी कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष. हर महीने में दो पक्ष चलते हैं. दो पक्ष का एक माह होता है. छह माह का एक आयन होता है और दो आयन का एक वर्ष होता है.’
उन्होंने आगे कहा- ‘याद रखना मकर संक्रांति का आयोजन जब हम करते हैं, भगवान सूर्य जब उत्तरायण में आते हैं तो मकर संक्रांति आती है. हम लोग नदियों में स्नान करते हैं. प्रयागराज में माघ का मेला लगता है. हम लोग जाते हैं, संगम में स्नान करते हैं और भीष्म पितामह ने तो उत्तरायण आने के लिए अपने शरीर को सर सैया में, वेदना में झेलते रहे, लेकिन उत्तरायण आने के बाद ही अपने प्राणों को छोड़ा था. यह दो अनन का एक वर्ष होता है और याद रखना इससे बड़ी काल गणना दुनिया में नहीं.’
सीएम ने आगे कहा कि 43 लाख 32 वर्ष का एक महायुग हमने माना है. एक पर्याय माना है. 31 पर्याय को एक मनवंतर के रूप में माना है. और 14 मनवंतर को एक कल्प के रूप में माना है. यह भारत का काल गणना है और यह किसी और ने नहीं. राहुल जी यह आपके नाना ने नहीं दिया है. पर नाना ने नहीं दिया है. आपकी दादी ने नहीं दिया है. यह मनु ने दिया है. जिसका आज भी हर सनातनी पालन करते हैं अपने पर्व और त्योहारों को मनाते हैं.
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अभिषेक कुमार News18 की डिजिटल टीम में बतौर एसोसिएट एडिटर (सहयोगी संपादक) पद पर कार्यरत हैं. वे यहां बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तसीगढ़, उत्तराखंड की राजनीति, क्राइम समेत तमाम समसामयिक…
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