बदलते दौर में जहां बाजार केमिकल युक्त साबुनों से भरा है, वहीं बीकानेर की हिमांशी जैन ने पारंपरिक तरीके से प्राकृतिक साबुन बनाकर अपनी अलग पहचान बनाई है. वे ऊंटनी, गाय और बकरी के दूध के साथ हल्दी, कॉफी, फलों और सब्जियों जैसी प्राकृतिक सामग्रियों से साबुन तैयार करती हैं. एक साबुन बनाने में शुरुआती प्रक्रिया 5 से 6 घंटे की होती है, लेकिन इसे पूरी तरह तैयार होने में करीब डेढ़ महीने का समय लगता है. शौक के तौर पर शुरू हुआ यह काम आज सफल व्यवसाय बन चुका है और उनके उत्पाद कश्मीर से कन्याकुमारी तक देशभर में पहुंच रहे हैं.
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