Image Slider

Last Updated:

5 bowlers Fastest to 500 wickets in Test: टेस्ट क्रिकेट में 500 विकेट का जादुई आंकड़ा छूना हर गेंदबाज का सपना होता है. श्रीलंका के दिग्गज मुथैया मुरलीधरन सबसे तेज 500 विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं. उनके बाद भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन और अनिल कुंबले का नाम आता है. इस खास लिस्ट में ऑस्ट्रेलिया के महान लेग स्पिनर शेन वार्न और तेज गेंदबाज ग्लेन मैक्ग्रा भी शामिल हैं.

Zoom

दुनिया के 5 गेंदबाज जिन्होंने टेस्ट में सबसे तेज 500 विकेट चटकाए.

नई दिल्ली. क्रिकेट के मैदान पर जब कोई गेंदबाज 500 टेस्ट विकेटों के जादुई आंकड़े को छूता है, तो वह केवल एक रिकॉर्ड नहीं, बल्कि बरसों की तपस्या, पसीने और अटूट जुनून की कहानी होती है. टेस्ट क्रिकेट का यह मुकाम चुनिंदा दिग्गजों के ही हिस्से आया है, लेकिन इनमें भी कुछ ऐसे नाम हैं जिन्होंने इस दूरी को सबसे कम समय और मैचों में तय कर इतिहास के पन्नों पर अपना नाम स्वर्ण अक्षरों में दर्ज कराया है. उन पांच गेंदबाजों के बारे में जानते हैं, जिन्होंने सबसे तेज 500 टेस्ट विकेट चटकाकर क्रिकेट जगत को हैरान कर दिया.

इस फेहरिस्त के शिखर पर श्रीलंका के जादुई स्पिनर मुथैया मुरलीधरन (Muthiah Muralidaran) का नाम आता है. मुरलीधरन ने जब गेंदबाजी की शुरुआत की थी, तब शायद ही किसी ने सोचा होगा कि यह गेंदबाज इतिहास रचने वाला है. 28 अगस्त 1992 को अपने टेस्ट करियर का आगाज करने वाले इस फिरकी के जादूगर ने 16 मार्च 2004 को कैंडी के मैदान पर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपने करियर का 500वां शिकार किया. मुरलीधरन ने यह मील का पत्थर महज 87 मैचों में हासिल कर लिया. डेब्यू से लेकर इस मुकाम तक पहुंचने में उन्हें 11 साल और 201 दिन का समय लगा.

दुनिया के 5 गेंदबाज जिन्होंने टेस्ट में सबसे तेज 500 विकेट चटकाए.

भारतीय फिरकी का मॉडर्न महानायक रविचंद्रन अश्विन
इस लिस्ट में दूसरा नाम भारतीय स्पिन के आधुनिक दीवार रविचंद्रन अश्विन (Ravichandran Ashwin) का है. 6 नवंबर 2011 को टेस्ट क्रिकेट में कदम रखने वाले अश्विन ने अपनी बुद्धिमत्ता और विविधताओं के दम पर बल्लेबाजों को हमेशा पस्त किया. 15 फरवरी 2024 को राजकोट के मैदान पर इंग्लैंड के खिलाफ खेलते हुए अश्विन ने अपने 500 टेस्ट विकेट पूरे किए. अश्विन ने यह ऐतिहासिक उपलब्धि अपने 98वें मैच में हासिल की. डेब्यू से लेकर 500 विकेटों तक का उनका यह सफर 12 साल और 101 दिन का रहा.

जुझारू तेवर और अटूट हौसला अनिल कुंबले
भारतीय गेंदबाजी के ‘जंबो’ यानी अनिल कुंबले (Anil Kumble) का नाम इस सूची में तीसरे स्थान पर चमकता है. 9 अगस्त 1990 को अंतरराष्ट्रीय टेस्ट क्रिकेट में पर्दापण करने वाले कुंबले अपनी गजब की फाइटिंग स्पिरिट के लिए जाने जाते थे. 9 मार्च 2006 को मोहाली के ऐतिहासिक मैदान पर इंग्लैंड के खिलाफ उन्होंने अपने करियर का 500वां विकेट झटका. कुंबले ने इस मुकाम को पाने के लिए 105 मैच खेले. उनके इस सफर में 15 साल और 212 दिन का लंबा वक्त लगा, जो इस बात का गवाह है कि उन्होंने कितनी कड़ी मेहनत और संघर्ष के बाद यह ऊंचाई छुई.

लेग-स्पिन के जादूगर शेन वार्न की अविश्वसनीय दास्तान
चौथा नाम क्रिकेट इतिहास के सबसे महान लेग-स्पिनरों में शुमार ऑस्ट्रेलिया के शेन वार्न (Shane Warne) का है. 2 जनवरी 1992 को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखने वाले वार्न ने अपनी फिरकी से दुनिया भर के दिग्गजों को पानी पिलाया. 8 मार्च 2004 को गॉल के मैदान पर श्रीलंका के खिलाफ उन्होंने अपने 500 टेस्ट विकेट पूरे किए. शेन वार्न ने यह करिश्मा अपने 108वें मैच में कर दिखाया. डेब्यू से लेकर 500 के जादुई आंकड़े तक पहुंचने में उन्हें 12 साल और 66 दिन का समय लगा.

सटीकता और अनुशासन की मिसाल ग्लेन मैक्ग्रा
इस खास लिस्ट में पांचवां नाम ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज तेज गेंदबाज ग्लेन मैक्ग्रा (Glenn Macgrath) का है. ‘पिजन’ के नाम से मशहूर मैकग्राथ ने अपनी घातक लाइन और लेंथ के दम पर दुनिया के बड़े-बड़े बल्लेबाजों के होश उड़ाए. 12 नवंबर 1993 को टेस्ट डेब्यू करने वाले मैकग्राथ ने 21 जुलाई 2005 को ऐतिहासिक लॉर्ड्स के मैदान पर इंग्लैंड के खिलाफ अपना 500वां टेस्ट विकेट हासिल किया. मैकग्राथ ने यह मुकाम अपने 110वें मैच में छुआ. इस मुकाम तक पहुंचने में उन्हें 11 साल और 251 दिन का सफर तय करना पड़ा. इस बात का प्रमाण है कि सिर्फ रफ्तार ही नहीं, बल्कि सटीक अनुशासन और धैर्य के साथ भी गेंदबाजों के शिखर पर पहुंचा जा सकता है. इन पांचों दिग्गजों की यह कहानी केवल आंकड़ों का खेल नहीं है, बल्कि यह उस अटूट संघर्ष, चोटों से उबरने की जिजीविषा और देश के लिए सब कुछ न्योछावर कर देने की भावना की बानो है, जो आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरित करती रहेगी.

About the Author

authorimg

Kamlesh Raiचीफ सब एडिटर

कमलेश कुमार राय नेटवर्क18 ग्रुप में बतौर चीफ सब एडिटर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. वह बीते 15 सालों से खेल पत्रकारिता की पिच पर डटे हुए हैं. हिंदी स्पोर्ट्स सेक्शन में वह खेल कंटेंट की गहरी समझ, सटीक विश्लेषण और ब…

और पढ़ें

———-

🔸 स्थानीय सूचनाओं के लिए यहाँ क्लिक कर हमारा यह व्हाट्सएप चैनल जॉइन करें।

 

Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by Ghaziabad365 || मूल प्रकाशक ||