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जातिगत आरक्षण खत्म कर आर्थिक आधार पर लागू करने की मांग को लेकर शुक्रवार को सैकड़ों लोग जंतर-मंतर पहुंचे। हाथों में बैनर-पोस्टर और आरक्षण के खिलाफ नारे लिखी तख्तियां लेकर प्रदर्शनकारियों ने आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को आरक्षण की मांग की।  

पुलिस ने देर रात प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर से हटा दिया। तब सोशल मीडिया से जन्मे रिजर्वेशन रिफॉर्म मूवमेंट के संस्थापक हर्ष दुबे की अपील पर प्रदर्शनकारी राजघाट की ओर रवाना हो गए। देर रात तक वहां भारी भीड़ जुट गई।

जंतर-मंतर पर शुक्रवार सुबह से ही पहुंचे प्रदर्शनकारियों ने आरक्षण गरीब को मिले, जाति को नहीं और आरक्षण आर्थिक आधार पर करना होगा जैसे नारे लगाए। पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रोकने की कोशिश की। हालांकि कुछ प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग पार कर प्रदर्शन स्थल पर पहुंच गए। संवाद >> प्रदर्शन से थमा लुटियन दिल्ली का ट्रैफिक : पेज 4

हनुमान चालीसा का पाठ करने के दौरान पुलिस ने जंतर-मंतर से हटाया

बैरिकेडिंग पार कर शुक्रवार को आरक्षण विरोधी प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर के प्रदर्शन क्षेत्र में पहुंच गए। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि हनुमान चालीसा का पाठ करने के दौरान पुलिस ने उन्हें जंतर-मंतर से हटाया। 

पुलिस के अनुसार, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं थी। प्रदर्शनकारियों को रामलीला मैदान में शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए वैकल्पिक अनुमति दी गई थी। इसके बावजूद प्रदर्शनकारियों का एक वर्ग जंतर-मंतर से हटने को तैयार नहीं हुआ। आयोजक हर्ष दुबे ने देर रात प्रदर्शनकारियों से राजघाट पहुंचने की अपील की, जिसके बाद कई लोग पोस्टर-बैनर लेकर पैदल राजघाट की ओर रवाना हो गए।

प्रदर्शन का आह्वान सोशल मीडिया से जुड़े ‘रिजर्वेशन रिफॉर्म मूवमेंट’ की ओर से किया गया था।

प्रदर्शनकारियों के हाथों में आरक्षण विरोधी नारे लिखी तख्तियां थीं। उन्होंने ‘आरक्षण गरीब को मिले, जाति को नहीं’ और ‘भारत में आर्थिक आधार पर आरक्षण करना होगा’ जैसे नारे लगाए। आयोजकों में शामिल अभिषेक अग्निहोत्री ने कहा कि प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर पर मंच तैयार कर रहे थे और अपनी मांगें पूरी होने तक वहां से हटने को तैयार नहीं थे। हर्ष दुबे ने भी आंदोलन जारी रखने की बात कही।

प्रदर्शनकारी जातिगत आरक्षण खत्म कर आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू करने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि इसका लाभ आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को मिलना चाहिए। आरक्षित वर्ग के संपन्न परिवारों और अधिकारियों के बच्चों को आरक्षण के दायरे से बाहर करने की मांग भी की गई। इसके अलावा यूजीसी के नए समानता संबंधी प्रावधान वापस लेने, शैक्षणिक संस्थानों में नियमों के दुरुपयोग पर रोक लगाने और आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा की मांग रखी गई।

…और राजघाट की ओर चल पड़े प्रदर्शनकारी

प्रदर्शनकारियों का दावा है कि वे जंतर-मंतर पर शांतिपूर्वक बैठे थे और हनुमान चालीसा का पाठ कर रहे थे। इसी दौरान पुलिस ने उन्हें वहां से हटाना शुरू किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रख रहे थे। पुलिस की कार्रवाई के बाद जंतर-मंतर से हटाए गए प्रदर्शनकारियों में से कई राजघाट की ओर रवाना हुए। आयोजक हर्ष दुबे ने सभी प्रदर्शनकारियों से राजघाट पहुंचने की अपील की थी। 

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