आदेश न मानने वाले इंटरनेट सेवा प्रदाताओं का पंजीकरण रद्द करने पर विचार
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने अभिनेत्री एवं राजनीतिज्ञ जया बच्चन के नाम का दुरुपयोग कर बनाई गई अश्लील सामग्री को हटाने के अदालत के आदेश का पालन नहीं करने वाले इंटरनेट सेवा प्रदाताओं (आईएसपी) के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। न्यायमूर्ति ज्योति सिंह ने इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) और दूरसंचार विभाग (डीओटी) को ऐसे आईएसपी के खिलाफ अगली कार्रवाई पर निर्देश लेकर आने को कहा है।
अदालत ने यह भी कहा कि आदेश की लगातार अवहेलना करने वाले आईएसपी का पंजीकरण रद्द करने की संभावना पर विचार किया जाना चाहिए। जया बच्चन की ओर से अदालत को बताया गया कि 10 नवंबर 2025 के आदेश के बावजूद उनके नाम से जुड़ी आपत्तिजनक सामग्री अब भी विभिन्न वेबपेजों पर उपलब्ध है। उक्त आदेश में एमईआईटीवाई और डीओटी को ऐसी सामग्री वाले वेबपेजों को ब्लॉक करने का निर्देश दिया गया था। याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि संबंधित आईएसपी ने अदालत के निर्देशों का पालन नहीं किया।
पंजीकरण रद्द होने से स्पष्ट संदेश जाएगा
एमईआईटीवाई और डीओटी ने भी अदालत को बताया कि कुछ आईएसपी आदेशों को लागू नहीं कर रहे हैं। इस पर न्यायमूर्ति सिंह ने कहा कि आईएसपी न तो अदालत के आदेशों का पालन कर रहे हैं और न ही संबंधित सरकारी विभागों के निर्देशों पर अमल कर रहे हैं। अदालत ने कहा कि यदि किसी मामले में आईएसपी का पंजीकरण रद्द किया जाता है तो इससे अन्य प्रदाताओं के लिए भी स्पष्ट संदेश जाएगा। मामले की अगली सुनवाई 1 सितंबर को होगी।
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