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होमताजा खबरकृषिमछली पालन या हैचरी, किसमें है बंपर कमाई? विशेषज्ञ से जानें सफलता का फॉर्मूला

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Fish Farming Business Idea Tips: युवाओं में फिशरी का क्रेज बढ़ रहा है. विशेषज्ञ कृष्ण कन्हैया के अनुसार, मछली पालन से ज्यादा मुनाफा हैचरी में है, पर यह चुनौतीपूर्ण है. नए लोगों को पहले सामान्य मछली पालन से शुरुआत करनी चाहिए, फिर हैचरी में जाना चाहिए. तालाब की सही देखभाल सफलता की कुंजी है.

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भागलपुर: आज के समय में युवा पारंपरिक खेती-किसानी से हटकर आधुनिक फार्मिंग की ओर तेजी से रुख कर रहे हैं. इनमें भी मछली पालन युवाओं की पहली पसंद बनता जा रहा है. इसका सबसे बड़ा कारण कम लागत में बेहतर मुनाफा होना है. हालांकि, इस क्षेत्र में अच्छा मुनाफा कमाने के लिए धैर्य और सही जानकारी का होना बेहद आवश्यक है. व्यावसायिक रूप से मछली पालन मुख्य रूप से दो तरीकों से किया जाता है पहला, फार्मिंग (खाने के उद्देश्य से मछली पालना) और दूसरा, हैचरी (मछली के बीज या जीरा तैयार करना). लेकिन सवाल यह उठता है कि दोनों में से अधिक फायदेमंद कौन सा है? बिना रिसर्च और अनुभव के इस फील्ड में उतरने वाले लोग अक्सर बड़े घाटे का शिकार हो जाते हैं.

मछली पालन या हैचरी: किसमें है ज्यादा फायदा?
मछली पालन विशेषज्ञ कृष्ण कन्हैया के अनुसार कमाई के मामले में हैचरी में मछली पालन की तुलना में कहीं अधिक मुनाफा है. लेकिन इसे करना उतना ही चुनौतीपूर्ण भी है. हैचरी बिजनेस के लिए उच्च स्तर की तकनीकी जानकारी और अनुभव की आवश्यकता होती है. हैचरी में मछली के पेट में अंडे बनने की प्रक्रिया, सही तापमान पर अंडे से बच्चे (स्पॉन/जीरा) निकलवाना और तय समय में उन्हें तैयार करना शामिल होता है. अगर तापमान या पानी की गुणवत्ता में थोड़ी सी भी गड़बड़ी हो जाए, तो लाखों रुपये का नुकसान हो सकता है.

नए लोग कैसे करें शुरुआत?
विशेषज्ञ की सलाह है कि इस क्षेत्र में कदम रखने वाले नए युवाओं को सबसे पहले सीधे हैचरी में हाथ आजमाने के बजाय सामान्य मछली पालन से शुरुआत करनी चाहिए. पहला कदम सामान्य तालाब में मछली पालन करके इसके बुनियादी पहलुओं, पानी के रखरखाव और बीमारियों को समझें. दूसरा कदम जब आप मछली पालन की बारीकियों और बाजार को अच्छी तरह समझ लें, तभी हैचरी के बिजनेस में उतरें.

तालाब का उपचार और सही देखभाल है जरूरी
कृष्ण कन्हैया बताते हैं कि मछली पालन में सफलता की कुंजी तालाब की नियमित देखरेख और उसका सही उपचार है. पानी का pH मान, ऑक्सीजन का स्तर और समय-समय पर बीमारियों से बचाव के लिए दवा का छिड़काव बेहद जरूरी है. यदि तालाब के प्रबंधन पर ध्यान न दिया जाए, तो पूरी फसल बर्बाद हो सकती है. संक्षेप में कहें तो, मछली पालन धैर्य और सीख का खेल है. अगर आप सही प्रशिक्षण और अनुभव के साथ कदम बढ़ाते हैं, तो यह बिजनेस आपको हर साल बंपर मुनाफा दे सकता है.

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Amit Ranjan

अमित रंजन वर्तमान में News18 में बिहार, झारखंड और दिल्ली से जुड़ी खबरों के समन्वय और संपादन का कार्य देख रहे हैं. खोजी पत्रकारिता उनकी विशेष रुचि का क्षेत्र है. राजनीति, शिक्षा, खेल, क्राईम और मौसम जैसे विषयों …

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