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-यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण की 92वीं बोर्ड बैठक में लिए गए फैसले

उदय भूमि संवाददाता
ग्रेटर नोएडा। यमुना सिटी में 50 एकड़ में अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम और 36 एकड़ में मंडी बनाई जाएगी। सेक्टर-6 में ताइवान सिटी के लिए 300 एकड़ जमीन आरक्षित की गई है, जबकि इसी सेक्टर में 100 से 125 एकड़ में औषधि निर्माण क्लस्टर विकसित किया जाएगा। नोएडा एयरपोर्ट के नजदीक लोगों की आवाजाही को बेहतर बनाने के लिए सेक्टर-23सी में अंतरराज्यीय बस अड्डा बनाया जाएगा। यमुना प्राधिकरण की 92वीं बोर्ड बैठक में इन महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में किसानों के हित में भी बड़ा फैसला लिया गया है। आपसी सहमति से भूमि खरीद की मौजूदा दर में छह प्रतिशत की बढ़ोतरी कर 4558 रुपये प्रति वर्ग मीटर करने का निर्णय लिया गया है।

यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण की 92वीं बोर्ड बैठक सोमवार को आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता आलोक कुमार ने की। जबकि सीईओ आरके सिंह, एसीईओ शैलेंद्र भाटिया, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ सुनील कुमार सिंह, ओएसडी शैलेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे। बैठक में क्षेत्र के औद्योगिक, चिकित्सा, शैक्षणिक, खेल और परिवहन ढांचे को मजबूत करने के साथ किसानों से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। प्राधिकरण की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, बैठक में लिए गए फैसलों से यमुना सिटी में निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। बोर्ड ने सेक्टर-23डी में करीब 50 एकड़ भूमि पर आधुनिक अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम विकसित करने के लिए जमीन चिन्हित करने का निर्णय लिया है। स्टेडियम बनने से क्षेत्र में खेल सुविधाओं का विस्तार होगा और स्थानीय स्तर पर खेल प्रतिभाओं को बेहतर अवसर मिल सकेंगे। प्राधिकरण का मानना है कि नोएडा एयरपोर्ट के आसपास विकसित हो रहे क्षेत्र में इस तरह की सुविधाएं भविष्य की जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

36 एकड़ में विकसित होगी मंडी

सेक्टर-34 में करीब 36 एकड़ भूमि पर मंडी स्थापित की जाएगी। इसका उद्देश्य क्षेत्र के किसानों को आधुनिक मंडी सुविधाएं उपलब्ध कराना है। मंडी के विकसित होने से किसानों को अपनी कृषि उपज के लिए बेहतर बाजार सुविधा मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही क्षेत्र में कृषि आधारित गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।

500 एकड़ में मेडिकल हब, 480 एकड़ में विश्वविद्यालय टाउनशिप

प्राधिकरण के संस्थागत भू-उपयोग के तहत सेक्टर-13 और सेक्टर-14 में 500 एकड़ भूमि पर मेडिकल हब स्थापित करने का फैसला किया गया है। इसके अलावा सेक्टर-14 में 480 एकड़ भूमि पर विश्वविद्यालय टाउनशिप विकसित की जाएगी। इन दोनों परियोजनाओं से चिकित्सा और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बड़े निवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी। साथ ही क्षेत्र के युवाओं के लिए शिक्षा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

ताइवान सिटी के लिए 300 एकड़ जमीन आरक्षित

सेक्टर-6 में ताइवान आधारित उद्योगों को आकर्षित करने के लिए 300 एकड़ भूमि पर ताइवान सिटी विकसित करने का प्रस्ताव मंजूर किया गया है। इसके जरिये इलेक्ट्रॉनिक और तकनीकी विनिर्माण से जुड़े उद्योगों को बढ़ावा देने की तैयारी है। प्राधिकरण को उम्मीद है कि इस परियोजना से विदेशी निवेश बढ़ेगा और क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलेगी।

125 एकड़ तक में औषधि निर्माण क्लस्टर

औषधि विनिर्माण क्षमता बढ़ाने के लिए सेक्टर-6 में करीब 100 से 125 एकड़ भूमि पर औषधि निर्माण क्लस्टर विकसित किया जाएगा। यहां राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के अच्छे विनिर्माण मानकों के अनुरूप टैबलेट, कैप्सूल, इंजेक्शन, मौखिक द्रव, त्वचा पर लगाने वाली औषधियां और तैयार औषधि रूपों का निर्माण करने वाली इकाइयां स्थापित की जाएंगी। प्राधिकरण के मुताबिक इस क्लस्टर से देश और विदेश की प्रतिष्ठित औषधि कंपनियों का निवेश आकर्षित होगा। इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और उत्तर प्रदेश को प्रमुख औषधि निर्माण केंद्र के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी।

एयरपोर्ट के पास बनेगा अंतरराज्यीय बस अड्डा

नोएडा एयरपोर्ट के समीप यात्रियों, उद्यमियों और आम लोगों की सुविधा के लिए सेक्टर-23सी में अंतरराज्यीय बस अड्डा स्थापित करने के लिए भूमि चिन्हित करने का फैसला किया गया है। इससे एयरपोर्ट और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों के बीच सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

चिकित्सा उपकरणों की जांच के लिए बनेगी सुविधा

बोर्ड ने मेडिकल डिवाइस पार्क में चिकित्सा उपकरणों की अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप जांच के लिए परीक्षण सुविधा स्थापित करने का प्रस्ताव भी मंजूर किया है। इसके तकनीकी, वित्तीय और संस्थागत पहलुओं की जांच के लिए तकनीकी विशेषज्ञ समिति का गठन किया जाएगा। वर्तमान में भारतीय चिकित्सा उपकरण निर्माताओं को उत्पादों की जांच और अनुरूपता मूल्यांकन के लिए विदेशों की प्रयोगशालाओं पर निर्भर रहना पड़ता है। नई सुविधा बनने के बाद बिजली सुरक्षा, विद्युत-चुंबकीय अनुकूलता, यांत्रिक क्षमता, सॉफ्टवेयर सत्यापन, रोगाणु-मुक्तिकरण और पैकेजिंग सत्यापन जैसी जांच देश में ही उपलब्ध हो सकेंगी। इससे चिकित्सा उपकरण निर्माताओं और लघु एवं मध्यम उद्योगों को समय और लागत दोनों की बचत होगी।

आगरा में पुलिया निर्माण को मंजूरी

आगरा जिले में प्राधिकरण क्षेत्र के अंतर्गत यमुना एक्सप्रेसवे की 161.21 किलोमीटर की श्रृंखला पर सर्विस रोड में करबन नदी के ऊपर पुलिया निर्माण को भी मंजूरी दी गई। बरसात के दौरान जलभराव के कारण यहां आवागमन बाधित हो जाता है। पुलिया बनने के बाद बारिश के मौसम में भी सर्विस रोड पर यातायात सुचारू रखने में मदद मिलेगी।

किसानों को भी राहत

बोर्ड बैठक में किसानों से आपसी सहमति के आधार पर भूमि खरीद की दरों में छह प्रतिशत की वृद्धि का निर्णय लिया गया। प्राधिकरण क्षेत्र के पहले चरण में गौतमबुद्धनगर और बुलंदशहर जिले में वर्तमान दर 4300 रुपये प्रति वर्ग मीटर है। इसे छह प्रतिशत बढ़ाकर 4558 रुपये प्रति वर्ग मीटर करने का फैसला किया गया है। वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर 4037 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर के साथ सात प्रतिशत आबादी भूखंड देने का विकल्प भी रखा गया है।

प्राधिकरण की आय में 90 प्रतिशत से अधिक वृद्धि

वित्तीय वर्ष 2026-27 में 31 जुलाई 2026 तक प्राधिकरण की कुल प्राप्तियां 1853.74 करोड़ रुपये रहीं, जबकि पिछले वित्तीय वर्ष में इसी अवधि तक प्राप्तियां 974.37 करोड़ रुपये थीं। इस तरह प्राप्तियों में 90.25 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। औद्योगिक और मिश्रित भूमि योजना के तहत 1195.99 करोड़ रुपये की राजस्व प्राप्ति हुई, जो पूरे वर्ष के इस मद में निर्धारित बजट का 86.17 प्रतिशत है। वहीं, 31 जुलाई 2026 तक प्राधिकरण का कुल व्यय 3690.64 करोड़ रुपये रहा। इसमें भूमि अधिग्रहण और विभिन्न बैंकों से लिए गए ऋण की अदायगी पर 3371 करोड़ रुपये खर्च किए गए। पिछले वर्ष इसी अवधि में इन मदों पर 1385 करोड़ रुपये का व्यय हुआ था। बैठक में लिए गए फैसलों से आने वाले समय में यमुना सिटी में औद्योगिक और आधारभूत ढांचे के विकास को और गति मिलने की उम्मीद है।

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