बारिश ने पांच घंटे कराया इंतजार
गॉल में सुबह से ही बारिश का दौर जारी रहा. कभी तेज तो कभी हल्की बारिश और उसके बाद गीले आउटफील्ड के कारण खेल शुरू होने में करीब पांच घंटे की देरी हुई. आखिरकार भारतीय समयानुसार 2:35 बजे खेल शुरू हो सका. भारत ने पहले दिन 288/2 के स्कोर से आगे खेलना शुरू किया था. लंबे ब्रेक और पिच में मौजूद नमी का फायदा श्रीलंकाई गेंदबाजों को मिला. पहले दिन जहां भारतीय बल्लेबाजों ने आसानी से रन बनाए थे, वहीं दूसरे दिन श्रीलंका ने अपनी गेंदबाजी में काफी सुधार किया.
पंत फिर गंवा बैठे अच्छा मौका
दिन की शुरुआत में श्रीलंका को सबसे बड़ी सफलता ऋषभ पंत के रूप में मिली. पंत 27 रन के स्कोर से आगे खेलने उतरे थे, लेकिन 39 रन तक पहुंचने के बाद उन्होंने अपना विकेट गंवा दिया. ऑफ स्पिनर केशरा नुवांथा की गेंद पर पंत आगे बढ़े और बड़ा शॉट खेलने की कोशिश की. गेंद उनके बल्ले पर ठीक से नहीं आई और मिडऑफ की तरफ हवा में चली गई, जहां सोनल दिनुशा ने दौड़ते हुए शानदार कैच लपक लिया.
शतक से चूके राहुल
पहले दिन को मांसपेशियों में ऐंठन के कारण 77 रन पर रिटायर्ड हर्ट हुए केएल राहुल रविवार को दोबारा बल्लेबाजी के लिए उतरे, लेकिन अपने स्कोर में सिर्फ चार रन जोड़ सके. नुवांथा की गेंद ने राहुल को परेशान किया. गेंद के टर्न और उछाल को वह ठीक से संभाल नहीं सके और शॉर्ट लेग पर निशान मदुश्का ने आसान कैच पकड़ लिया. सिर्फ 12 रन के अंदर पंत और राहुल के विकेट हासिल कर श्रीलंका ने भारत पर दबाव बढ़ा दिया.
पडिक्कल ने संभाला मोर्चा, बनाए 167 रन
एक छोर पर देवदत्त पडिक्कल मजबूती से डटे रहे. पहले दिन 131 रन पर नाबाद लौटे पडिक्कल ने दूसरे दिन भी उसी आत्मविश्वास के साथ बल्लेबाजी जारी रखी. उन्होंने 215 गेंदों में अपना पहला टेस्ट 150 पूरा किया. हालांकि, उनका शानदार सफर 167 रन पर जाकर खत्म हुआ. प्रभात जयसूर्या की गेंद पर पडिक्कल आगे निकलकर बड़ा शॉट खेलने गए, लेकिन गेंद की फ्लाइट को ठीक से पढ़ नहीं सके. विकेटकीपर निरोशन डिकवेला ने उन्हें स्टंप कर दिया. पडिक्कल की पारी में 15 चौके और एक छक्का शामिल रहा. वह दोहरे शतक से काफी दूर नहीं थे, लेकिन जयसूर्या ने उनकी पारी पर लगाम लगा दी.
जडेजा नहीं टिके, लेकिन जुरेल ने दिखाया कमाल
पडिक्कल के आउट होने के बाद श्रीलंका ने भारत को एक और झटका दिया. रवींद्र जडेजा को 99वें ओवर में अंपायर्स कॉल के जरिए पवेलियन लौटना पड़ा. इस समय ऐसा लग रहा था कि श्रीलंका भारत को जल्द समेट सकता है, लेकिन ध्रुव जुरेल ने कहानी बदल दी. जुरेल ने आते ही श्रीलंकाई गेंदबाजों पर दबाव बनाना शुरू कर दिया. उन्होंने 68 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया और 51 रन की उपयोगी पारी खेली.
इस पारी में उन्हें एक जीवनदान भी मिला. 29 रन के स्कोर पर जुरेल का मिसटाइम कट सीधे कप्तान धनंजय डी सिल्वा की ओर गया, लेकिन वह कैच नहीं पकड़ सके. जुरेल ने इस मौके का पूरा फायदा उठाया और कुछ ही देर बाद अपना अर्धशतक पूरा कर लिया. हालांकि, बाद में जयसूर्या और धनंजय की जोड़ी ने मिलकर जुरेल की पारी खत्म कर दी. जुरेल ने लेट कट खेलने की कोशिश की, लेकिन धनंजय ने अपनी दाईं ओर डाइव लगाकर शानदार कैच लपक लिया.
आखिरी ओवरों में भारत ने बढ़ाई रफ्तार
जुरेल के आउट होने के बाद भारत ने तेजी से रन बनाने की कोशिश की. मोहम्मद सिराज को कुलदीप यादव से पहले बल्लेबाजी के लिए भेजा गया, ताकि वह कुछ बड़े शॉट लगा सकें. हालांकि यह प्रयोग ज्यादा काम नहीं आया और भारत ने अगले चार ओवरों में दो और विकेट गंवा दिए. इसके बावजूद श्रीलंका भारत को ऑलआउट नहीं कर सका. दिन का खेल खत्म होने पर कुलदीप यादव 12 और प्रसिद्ध कृष्णा 1 रन बनाकर नाबाद थे.
श्रीलंका ने वापसी की, लेकिन भारत अभी मजबूत
श्रीलंका ने दूसरे दिन गेंद से पहले दिन के मुकाबले काफी बेहतर प्रदर्शन किया और 7 विकेट हासिल किए. प्रभात जयसूर्या सबसे सफल गेंदबाज रहे, जबकि डेब्यूटेंट केशरा नुवांथा ने भी तीन विकेट लेकर प्रभावित किया. फिर भी 460/9 का स्कोर भारत को मजबूत स्थिति में रखता है. पडिक्कल की 167 रन की शानदार पारी और जुरेल की तेज अर्धशतकीय पारी ने श्रीलंका की वापसी के बावजूद भारत की पकड़ ढीली नहीं पड़ने दी. अब तीसरे दिन भारत की कोशिश आखिरी विकेट के साथ स्कोर को और बड़ा करने की होगी, जबकि श्रीलंका जल्द से जल्द पारी समेटकर मैच में अपनी स्थिति मजबूत करना चाहेगा.
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