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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से ‘दिमागी नक्सल’ को लेकर दिए गए बयान के बाद देश की राजनीति गर्मा गई है. इस कड़ी में उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी और भारतीय जनता पार्टी के राज्यसभा सांसद बृजलाल ने ‘दिमागी नक्सल’ की विस्तृत परिभाषा देते हुए उन्हें समाज के लिए घातक बताया है.
पीएम मोदी के ‘दिमगी नक्सल’ वाले बयान पर बृजलाल ने क्या कहा?
बृजलाल ने लखनऊ में कहा, ‘आज मैं ‘दिमागी नक्सली’ के बारे में बात करना चाहता हूं. ये जंगलों या बीहड़ों में नहीं रहते. ये हथियार नहीं रखते और गोलियां नहीं चलाते. ये सिर्फ अपनी बुद्धि का इस्तेमाल करते हैं. ये शहरों में प्रोफेसर, टीचर, एनजीओ हेड, इंटेलेक्चुअल, कवि और लेखक के रूप में दिखते हैं. ये लेख लिखते हैं, कॉन्फ्रेंस और सेमिनार आयोजित करते हैं, जिनमें आम लोगों, खासकर युवाओं के दिमाग में अपनी हिंसक विचारधारा ठूंसते हैं. इसलिए ये उन नक्सलियों से कहीं ज्यादा खतरनाक हैं जो जंगलों में रहते थे और जिन्हें लगभग खत्म कर दिया गया है.’
#WATCH | Lucknow, UP | BJP MP and Former DGP Brijlal says, “Today, I want to talk about ‘Dimagi Naxals.’ They do not live in forests or remote wilderness areas. They do not carry weapons or fire bullets. They rely solely on their intellect. They are found in cities, operating as… pic.twitter.com/OmEJCyToW8
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