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एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया की ओर से जारी राष्ट्रीय ग्राहक संतुष्टि सूचकांक (National Customer Satisfaction Index) मध्य प्रदेश के खजुराहो एयरपोर्ट को देश में पहला स्थान मिला है।

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मजे की बात ये भी है कि वर्तमान में एयरपोर्ट पर कोई भी डोमेस्टिक और कमर्शियल फ्लाइट संचालित नहीं है। रिपोर्ट में साफ सफाई, पार्किंग सुविधा, यात्रियों की सुविधा, वातावरण, सिक्योरिटी समेत 33 पॉइंट्स को आधार बनाया गया।

दैनिक भास्कर ने ग्राउंड जीरो पर हकीकत जानी। एयरपोर्ट डायरेक्टर संतोष सिंह से फोन पर और टूरिस्ट गाइड आशाराम पाल से बात की। एयरपोर्ट पर 36 कर्मचारी और 20 से 25 सफाईकर्मी हैं।

एयरपोर्ट पर यात्री नहीं होने से सूना पड़ा है।

टर्मिनल पर नियमित यात्रियों की भीड़ नहीं

दैनिक भास्कर की टीम जब खजुराहो एयरपोर्ट पहुंची, टर्मिनल पर नियमित यात्रियों की भीड़ नहीं थी। गेट पर सीआईएसएफ के सशस्त्र जवान तैनात थे। सिक्योरिटी गार्ड ने गेट पर अंदर जाने से रोका। कहा कि कोई फ्लाइट नहीं है। यात्री भी नहीं आ रहे हैं, तो अथॉरिटी से परमिशन लेकर ही अंदर जा सकते हैं।

टर्मिनल के भीतर CISF जवान, एयरपोर्ट अथॉरिटी का स्टाफ और सफाई कर्मचारी अपना काम कर रहे थे। एयरपोर्ट समेत सड़क चकाचक नजर आ रही थी। बिल्डिंग भी सुनसान पड़ी थी।

मौके पर अथॉरिटी स्टाफ और आउटसोर्स कर्मचारी ही मौजूद दिखे। पार्किंग में सिर्फ स्टाफ की गाड़ियां ही पार्क थीं। एयरपोर्ट पर करीब 2,286 मीटर लंबा और 45 मीटर चौड़ा रनवे है। यहां इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (ILS) और नाइट लैंडिंग की सुविधा उपलब्ध है।

फिलहाल, नियमित कमर्शियल फ्लाइट संचालित नहीं होने से ये सुविधाएं उपयोग में नहीं आ रही। स्थानीय लोगों के मुताबिक कभी–कभार नेताओं और वीआईपी–वीवीआईपी के चार्टर प्लेन जरूर उतरते हैं। स्पाइसजेट और ‘उड़ान’ योजना के तहत संचालित होने वाली फ्लाई बिग जैसी एयरलाइंस भी ठप है।

एयरपोर्ट इन दिनों पूरी तरह सूना पड़ा रहता है।

एयरपोर्ट इन दिनों पूरी तरह सूना पड़ा रहता है।

30 जून को रवाना हुई थी आखिरी फ्लाइट

खजुराहो एयरपोर्ट के डायरेक्टर संतोष सिंह ने बताया कि जनवरी महीने से जून के बीच जिन पैसेंजर ने ट्रैवल किया था, इनमें विदेशी भी थे, उनके फीडबैक पर यह रैंकिंग जारी की गई है।

अथॉरिटी के मुताबिक जून महीने तक सिर्फ दो फ्लाइट पहली इंडिगो की दिल्ली, आगरा, खजुराहो, वाराणसी और दूसरी किंगफिशर की आगरा–खजुराहो, वाराणसी फ्लाइट संचालित होती थी।

जुलाई और अगस्त में नियमित कमर्शियल फ्लाइट नहीं है। जनवरी 2026 से जून के बीच करीब 40 हजार यात्रियों ने एयरपोर्ट से यात्रा की थी। 30 जून को इंडिगो की आखिरी उड़ान संचालित हुई थी। इससे करीब 154 यात्री आए और करीब 130 यात्री रवाना हुए थे।

कब और कैसे मिली नंबर-1 रैंकिंग

खजुराहो एयरपोर्ट के डायरेक्टर संतोष सिंह के मुताबिक एक्सटर्नल एजेंसी ने मार्च महीने में करीब 7-8 दिन तक सर्वे किया था। सर्वे में देश भर के 63 में से 60 एयरपोर्ट शामिल रहे। यह जनवरी से जून के बीच यात्रा करने वालों के फीडबैक पर आधारित था।

टीम ने यात्रियों से एयरपोर्ट पर चेक-इन, सिक्योरिटी, टर्मिनल की साफ-सफाई, स्टाफ का व्यवहार, प्रतीक्षा समय, खान-पान, सूचना व्यवस्था, कम भीड़भाड़, स्टाफ का अच्छा व्यवहार और ओवरऑल पैसेंजर एक्सपीरियंस जैसे 33 मानकों पर परखा।

पहला राउंड साल 2025 और दूसरा 2026 में हुआ। खजुराहो एयरपोर्ट ने राउंड वन में 4.99 और दूसरे राउंड में 4.98 नंबर हासिल किए। वहीं, औरंगाबाद को 4.98 नंबर मिले। 41 हवाई अड्‌डों का सीएसआई 4..78 तक रहा। 19 का सीएसआई औसत से कम रहा।

टूरिस्ट गाइड बोले– तीन से पांच फ्लाइट होना चाहिए टूरिस्ट गाइड परशुराम तिवारी ने बताया कि खजुराहो इंटरनेशनल टूरिस्ट प्लेस है। इसे यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट के लिए जाना जाता है। ऐसे में एयर कनेक्टिविटी पर्यटन के लिए महत्वपूर्ण है। नियमित उड़ानों के बंद रहने से यात्रियों को सड़क या अन्य माध्यमों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। यहां कम से कम तीन से पांच फ्लाइट होना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्थानीय नेताओं ने भी मजबूती से अपनी बात नहीं रखी।

टूरिज्म इंडस्ट्री से जुड़े गाइड आशाराम पाल बताते हैं कि खजुराहो में अक्टूबर से मार्च तक सीजन रहता है, जबकि इटली में यह जुलाई–अगस्त से माना जाता है। यहां स्थिति इस बार नाजुक है, क्योंकि टूरिज्म निचले स्तर पर पहुंच गया है। ईरान–अमेरिका, रूस और यूक्रेन वॉर के कारण भारत में टूरिस्ट्स कम आ रहे हैं। इसके अलावा, एयर कनेक्टिविटी और इंडिया टूरिज्म का ऑफिस खजुराहो से इंदौर शिफ्ट कर दिया है। सरकार से मांग है कि यहां एक फ्लाइट तो सालभर चलना चाहिए। इससे टूरिज्म पर बड़ा फायदा होगा।

ऑफ सीजन में बंद कर देते हैं उड़ानें एयरपोर्ट डायरेक्टर के मुताबिक फ्लाइट ऑपरेशन कई कारणों पर निर्भर करता है। इनमें एयरलाइन की उपलब्धता और ऑपरेशनल स्लॉट जैसे मुद्दे शामिल हैं। बताया जाता है कि गर्मी और बारिश के दिनों में टूरिस्ट्स की संख्या कम रहती है। दरअसल, खजुराहो आने का सही समय अक्टूबर से मार्च तक होता है।

1 सितंबर से शुरू होगी उड़ान 1 सितंबर से एयर इंडिया का एयरबस विमान दिल्ली-खजुराहो-दिल्ली मार्ग पर नियमित उड़ान सेवा शुरू हो जाएगी। यह फ्लाइट दिल्ली से सुबह 11:50 बजे खजुराहो पहुंचेगी। दोपहर 12:30 बजे वापस दिल्ली के लिए उड़ान भरेगी। इसके अतिरिक्त, इंडिगो एयरलाइंस भी 1 अक्टूबर से अपनी एयरबस सेवा बहाल करने की तैयारी में है।

बता दें कि खजुराहो एयरपोर्ट 1960 के दशक में शुरू हुआ था। साल 2019 तक यहां विमान सेवाएं नियमित थीं। मार्च 2020 में कोविड के दौरान पहली बार सेवाएं बाधित हुई थीं, जिसके बाद से लगातार रुकावट आ रही है।

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