नाना पाटेकर की देशभक्ति सिर्फ सिनेमा के पर्दे तक सीमित नहीं थी. उन्होंने कारगिल वॉर का हिस्सा बनकर जाबांज सैनिकों के साथ सरहदों की रक्षा की थी. जब कारगिल युद्ध शुरू हुआ, तब नाना पाटेकर ने सेना अधिकारियों के सामने युद्ध में शामिल होने की इच्छा जताई. मगर उन्हें अनुमति नहीं दी गई. उन्होंने तब रक्षामंत्री जॉर्ज फर्नांडिस से संपर्क किया. शुरू में उन्होंने भी नाना पाटेकर की अपील ठुकरा दी, मगर जब एक्टर ने फिल्म ‘प्रहार’ के दौरान अपनी ट्रेनिंग के बारे में बताया, तो बात आगे बढ़ी. नाना पाटेकर ने पूरा किस्सा ‘कौन बनेगा करोड़पति 16’के मंच पर सुनाया था.
नाना पाटेकर को रक्षा मंत्री से युद्ध में शामिल होने की अनुमति मिली थी.
नई दिल्ली: नाना पाटेकर ने देशभक्ति से लबरेज फिल्मों में यादगार रोल निभाए हैं. दर्शक उनकी ‘तिरंगा’ और ‘प्रहार’ जैसी फिल्में भूले नहीं हैं. उन्होंने फिल्म ‘प्रकार’ में निभाए किरदार में ढलने के लिए नाना पाटेकर ने कड़ी ट्रेनिंग ली थी. उनमें देशभक्ति भी कूट-कूटकर भरी थी. जब 1999 में कारगिल युद्ध हुआ तो वे भी उसका हिस्सा बने थे. वे कारगिल युद्ध में सैनिकों की मदद करना चाहते थे. एक्टर होने के बावजूद उन्हें सैनिकों के साथ काम करने का मौका मिला, जो अपने-आप में बड़ी बात थी. उन्होंने ‘कौन बनेगा करोड़पति’ में बताया था कि उन्हें कैसे कारगिल वॉर में शामिल होने की अनुमति मिली थी.
नाना पाटेकर ने ‘लाइन ऑफ कंट्रोल’ के पास सेना के जवानों के साथ दो हफ्ते से ज्यादा समय बिताया. उन्हें असली हालात में फिल्म ‘प्रहार’ की तैयारी के दौरान सेना की कड़ी ट्रेनिंग का फायदा पहुंचा. उन्होंने मराठा लाइट इन्फैंट्री के साथ ट्रेनिंग ली थी. ईटाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने सबसे पहले सेना के सीनियर अधिकारियों से संपर्क किया और सैनिकों के साथ मिलकर सेवा करने की इच्छा जताई. मगर वहां उनकी गुजारिश मंजूर नहीं हो सकी. उन्हें बताया गया कि मंजूरी रक्षा मंत्री से लेनी होगी. फिर नाना पाटेकर ने तत्कालीन रक्षा मंत्री जॉर्ज फर्नांडीस से संपर्क किया.
फिल्म ‘प्रहार’ की ट्रेनिंग आई काम
एक्टर नाना पाटेकर ने ‘कौन बनेगा करोड़पति 16’ में रक्षा मंत्री के साथ अपनी बातचीत को याद किया. नाना पाटेकर ने कहा, ‘मैं हमारे रक्षा मंत्री जॉर्ज फर्नांडीस जी को जानता था, इसलिए मैंने उन्हें फोन किया. उन्होंने भी कहा कि यह नामुमकिन है.’ नाना पाटेकर ने फिर बताया कि उन्होंने पहले ही सेना की काफी ट्रेनिंग ले रखी थी. एक्टर ने फिल्म ‘प्रहार’ की तैयारी के वक्त तीन साल तक मराठा लाइट इन्फैंट्री के साथ ट्रेनिंग की थी. जॉर्ज फर्नांडीस ने उनकी ट्रेनिंग के बारे में सुनकर पूछा कि वे वॉर वाले इलाके में कब जाना चाहते हैं? नाना पाटेकर अगस्त 1999 में युद्ध वाले इलाके में गए और सेना के जवानों के साथ दो हफ्ते से ज्यादा समय बिताया.
सैनिकों के जीवन को करीब से किया महसूस
नाना पाटेकर ने सैनिकों के सामने आने वाली मुश्किलों को महसूस किया. उन्होंने बेस पर मौजूद जवानों की मदद की और मिलिट्री हॉस्पिटल में वॉलंटियर के तौर पर भी काम किया. एक्टर ‘क्विक रिस्पॉन्स टीम’ के साथ भी जुड़े थे. उन्हें इस अनुभव से मिलिट्री ऑपरेशन और लड़ाई के दौरान जवानों के सामने आने वाली चुनौतियों को करीब से देखने का मौका मिला. नाना पाटेकर के लिए यह अनुभव किसी फिल्म में सैनिक का किरदार निभाने से बिल्कुल अलग था. वह असल में युद्ध क्षेत्र में मौजूद थे और सैनिकों के साथ मुश्किल हालात में रहे.
नाना पाटेकर का 20 किलो घटा वजन
एक्टर के शरीर पर भी गहरा असर पड़ा था. मुश्किल माहौल की वजह से उनके वजन में काफी बदलाव आया. शो के दौरान नाना पाटेकर ने याद करते हुए कहा, ‘जब मैं श्रीनगर पहुंचा तो मेरा वजन 76 किलो था. जब मैं वापस आया, तो मेरा वजन 56 किलो रह गया था.’ नाना पाटेकर को कारगिल वॉर का अनुभव संतोषजनक लगा. कारगिल युद्ध समाप्त होने के बाद नाना पाटेकर सिनेमा में लौट आए. नाना पाटेकर पिछली बार फिल्म ‘सूबेदार’ में नजर आए थे, जो 5 मार्च 2026 को रिलीज हुई थी.
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अभिषेक नागर \’न्यूज18 डिजिटल\’ में सीनियर सब एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. दिल्ली के रहने वाले अभिषेक नागर \’न्यूज18 डिजिटल\’ की एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा हैं. उन्होंने एंटरटेनमेंट बीट के अलावा करियर, हेल्थ और…
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