गिनती केंद्र के एंट्री और एग्ज़िट पॉइंट पर गिनती करने वाले कर्मचारियों की सख़्त तलाशी भी शुरू कर दी गई है. सुरक्षा की इन बढ़ी हुई जांचों का मकसद दान संभालने वाले कर्मचारियों की आवाजाही पर बेहतर कंट्रोल रखना है. ट्रस्ट ने गिनती वाले कमरे के CCTV फ़ुटेज को सुरक्षित रखने की अवधि भी काफी बढ़ाने का फैसला किया है. जो रिकॉर्डिंग पहले 45 दिनों तक रखी जाती थी, उसे अब 180 दिनों तक रखा जाएगा.
निगरानी सिस्टम को भी अपग्रेड किया
गिनती केंद्र के अंदर निगरानी के सिस्टम को भी अपग्रेड किया जा रहा है. फिक्स्ड CCTV कैमरों की जगह PTZ (पैन, टिल्ट और ज़ूम) कैमरे लगाए जाएंगे. नए कैमरों से अधिकारी गिनती वाले कमरे के अंदर की खास गतिविधियों को ज़ूम करके देख पाएंगे, जिससे गिनती करने वाले कर्मचारियों के कामों पर बेहतर नज़र रखी जा सकेगी.
सूत्रों ने बताया कि ट्रस्ट ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) को दान-गिनती के काम के लिए कॉन्ट्रैक्ट पर रखे गए कर्मचारियों के इस्तेमाल पर फिर से विचार करने की सलाह भी दी है. ट्रस्ट ने सुझाव दिया है कि SBI इस संवेदनशील काम के लिए अपने पेरोल पर मौजूद कर्मचारियों को तैनात करने पर विचार करे और उन्हें बेहतर वेतन दे. गिनती की प्रक्रिया के दौरान ट्रस्ट की निगरानी भी बढ़ाई जा रही है, और इस काम के अलग-अलग चरणों में ज्यादा देखरेख की योजना बनाई गई है.
एक और अहम बदलाव मंदिर परिसर से SBI ब्रांच तक कैश ले जाने के तरीके से जुड़ा है. नए सिस्टम के तहत, नोटों के बंडलों को एक ही बार में पैक और सुरक्षित किया जाएगा और फिर मंदिर परिसर के अंदर ही SBI की गाड़ी में लोड किया जाएगा. इस बदलाव का मकसद मंदिर परिसर से बैंक ब्रांच तक कैश ले जाते समय चोरी या हेराफेरी की किसी भी संभावना को खत्म करना है.
CEO चुनने के लिए बनी सर्च कमेटी ने इंटरव्यू प्रक्रिया पूरी की
यह बदलाव ऐसे समय में हो रहा है, जब राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट एक नए चीफ़ एग्ज़िक्यूटिव ऑफ़िसर (CEO) को चुनने की प्रक्रिया में भी आगे बढ़ रहा है. CEO को चुनने के लिए बनी सर्च कमेटी ने इंटरव्यू की प्रक्रिया पूरी कर ली है. इसके आखिरी राउंड 11 और 12 अगस्त को अयोध्या में राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र परिसर में हुए. इस कमेटी में रिटायर्ड जस्टिस प्रमोद कोहली, रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल वी.के. चतुर्वेदी (PVSM, AVSM, SM) और न्यूक्लियर साइंटिस्ट डॉ. सुरेश हावरे शामिल हैं.
सिलेक्शन प्रोसेस में कई राउंड की स्क्रीनिंग हुई. शुरुआत में कुल 5,585 एप्लीकेशन मिले, जिनमें से 3,877 के साथ डिटेल्ड CV थे. जांच-पड़ताल के बाद, 1,580 कैंडिडेट्स का अच्छी तरह से मूल्यांकन किया गया और लगभग 111 कैंडिडेट्स को ऑनलाइन बातचीत के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया. आखिरकार, 16 कैंडिडेट्स को अयोध्या में आमने-सामने बातचीत के लिए बुलाया गया. इन कैंडिडेट्स में डिफेंस, ब्यूरोक्रेसी, कॉर्पोरेट, इंडस्ट्री, एजुकेशन और इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी सेक्टर के अनुभवी प्रोफेशनल्स शामिल हैं.
कैंडिडेट्स का मूल्यांकन मैनेजमेंट की क्षमता, बड़े पैमाने पर इवेंट्स और लोगों को संभालने का अनुभव, लीडरशिप क्वालिटी, टेक्नोलॉजी की जानकारी, बातचीत का हुनर, विजन और स्ट्रैटेजिक प्लानिंग के आधार पर किया गया. अब सर्च कमिटी फाइनल कैंडिडेट्स का मूल्यांकन करेगी और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को तीन नामों का एक पैनल सौंपेगी.
आखिरी नियुक्ति की घोषणा ट्रस्ट करेगा
डोनेशन गिनने के सिस्टम को मजबूत करने के लिए ट्रस्ट के ये नए कदम ऐसे समय में उठाए गए हैं, जब राम मंदिर में कामकाज का दायरा बढ़ गया है. यहां हर दिन बड़ी संख्या में भक्त आते हैं और चढ़ावा चढ़ाते हैं. इन बदलावों का मकसद पूरी प्रक्रिया डोनेशन को गिनने और पैक करने से लेकर निगरानी और ट्रांसपोर्टेशन तक को ज़्यादा सुरक्षित, पारदर्शी और जवाबदेह बनाना है.
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