आखिर क्यों योगी, अखिलेश, राहुल और मायावती सब जेनजी के पीछे हाथ धोकर पड़े हैं? जंतर-मंतर से लेकर झारखंड तक छात्रों के प्रदर्शन पर राजनीति का यह ‘दोहरा रवैया’ क्या है? चलिए, इसे 5 आसान पॉइंट्स में गहराई से समझते हैं.
1. आंकड़े क्या कहते हैं? (3% वोट और सत्ता का तख्तापलट)
कुल वोटर: उत्तर प्रदेश में कुल मतदाता लगभग 13 करोड़ हैं.
Gen-Z की हिस्सेदारी: इसमें 14 से 29 साल के युवाओं (Gen-Z) की आबादी 15% (लगभग 2 करोड़) है.
किंगमेकर 3 से 5%: यूपी के पिछले चुनावी रुझान बताते हैं कि सरकार 3 से 5% वोटों के अंतर से ही बनती या बिगड़ती है. अगर 15% में से सिर्फ 3% जेनजी इधर से उधर हो गए, तो पूरी बाजी पलट जाएगी.
सीटों का गणित: जेनजी अकेले 80 से 120 सीटों का नतीजा बदलने का दम रखते हैं.
2. पार्टियां कैसे भाग रही हैं जेनजी के पीछे?
हर पार्टी को समझ आ गया है कि अब युवाओं को सिर्फ भाषणों से नहीं लुभाया जा सकता, रणनीति बदलनी पड़ेगी:
योगी आदित्यनाथ (BJP): सीएम योगी जल्द ही युवाओं से ‘सीधी बात’ करेंगे. आरएसएस ने यूपी को पूरब और पश्चिम दो हिस्सों में बांटा है, जहां प्रचारक यूनिवर्सिटीज में जाकर सीधे संवाद करेंगे. नेताओं को रील्स बनाने और X (ट्विटर) चलाने की डिजिटल ट्रेनिंग दी जा रही है. इसके अलावा, यंग IAS-IPS अफसरों को हर महीने स्कूलों में संवाद के लिए भेजा जाएगा.
अखिलेश यादव (Samajwadi Party): अखिलेश 200 से ज्यादा सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स से मिल चुके हैं. पार्टी में ‘पुष्पेंद्र सरोज’ और ‘प्रिया सरोज’ जैसे युवा सांसदों को आगे किया जा रहा है. एक समर्पित ‘डिजिटल वॉर रूम’ भी बन रहा है.
राहुल गांधी (Congress): प्रयागराज में राहुल गांधी का ‘पिंक शर्ट’ वाला यूथ कॉन्सर्ट याद है? कांग्रेस अब अलग-अलग जिलों में ‘यूथ संवाद’ करने जा रही है और NSUI-यूथ कांग्रेस के जरिए नए चेहरे जोड़ रही है.
मायावती (BSP): बीएसपी अब आकाश आनंद को आगे कर रही है. आकाश का कहना है कि अखिलेश अब भैया नहीं, अंकल हैं! मायावती अपने भतीजे के जरिए युवाओं में पकड़ बनाने की कोशिश में हैं.
3. यूपी के चुनावी इतिहास के चौंकाने वाले आंकड़े
अगर आपको लगता है कि चुनाव बड़े मार्जिन से जीते जाते हैं, तो ये आंकड़े आपकी आंखें खोल देंगे:
- 2012 चुनाव: सपा को बसपा से सिर्फ 3.24% ज्यादा वोट मिले और उसे 144 सीटें ज्यादा मिल गईं (सपा- 224, बसपा- 80).
- 2022 चुनाव: एनडीए को सपा गठबंधन से 7.22% ज्यादा वोट मिले और उन्हें 148 सीटें ज्यादा मिलीं (एनडीए- 273, सपा+- 125).
- 1000 वोटों का खेल: 2022 में 99 सीटें ऐसी थीं जहां हार-जीत का अंतर 1,000 से 10,000 वोटों के बीच था. इनमें से 55 बीजेपी ने और 35 सपा ने जीती थीं.
- बीजेपी में युवाओं का वोट शेयर: ADR रिपोर्ट के मुताबिक, लोकसभा चुनावों में बीजेपी को युवाओं का वोट 2014 में 85% मिला था, जो 2019 में घटकर 70% और 2024 में सिमटकर 50-55% रह गया. यानी 10 सालों में 30-35% की गिरावट.
4. जेनजी का हालिया आंदोलन
नीट (NEET) धांधली के खिलाफ जब दिल्ली के जंतर-मंतर पर जेनजी सड़क पर उतरा, तो रील्स और सोशल मीडिया के दबाव में शिक्षा मंत्री का इस्तीफा तक मांग लिया गया. अब झारखंड में युवा पेपर लीक के खिलाफ सड़कों पर उतरे हुए हैं. झारखंड में विपक्षी दल जेएमएम की सरकार है. छात्र विधानसभा मार्च कर चुके हैं, कई राउंड की बातचीत हो चुकी है, लेकिन आंदोलन खत्म नहीं हो पाया है. छात्रों के मुद्दों पर ही सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों सदन के बाहर धरना प्रदर्शन करने में जुटे हैं. आरोप प्रत्यारोप का दौर जारी है.
5. पूरी दुनिया में ‘Gen-Z’ पर क्या छप रहा है?
दुनियाभर की मीडिया की नजरें अब इस बात पर हैं कि कैसे जेनजी सत्ता की चूलें हिला रहा है:
- अल जजीरा (Al Jazeera): रिपोर्ट छापी है कि भारत का जेनजी अपने उन पेरेंट्स के खिलाफ आवाज उठा रहा है जो पारंपरिक रूप से किसी पार्टी या विचारधारा से बंधे थे. जेनजी जाति-धर्म से ऊपर उठकर ग्राउंड रिपोर्ट और योग्यता देखता है.
- कांवड़ यात्रा से लेकर E20 तक: मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कांवड़ यात्रा में भी जेनजी नई ड्राइविंग फोर्स बन रहा है. वहीं आरक्षण (Reservation) और पर्यावरण (E20) जैसे मुद्दों पर भी युवा अपनी अलग राय रख रहे हैं.
- मोहन भागवत का संवाद: 15 अगस्त को आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत नागपुर में जेनजी से एक बार फिर से सीधा संवाद करने वाले हैं.
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