Robot In Udaipur Shiv Temple : सावन के महीने में उदयपुर के नीलकंठ महादेव मंदिर में एक अनोखा नजारा देखने को मिला. यहां शहर के पहले एडवांस रोबोट ‘उदय’ की शुरुआत भगवान महादेव की शरण में की गई. पुष्य नक्षत्र के शुभ मुहूर्त में मंदिर पहुंचे रोबोट ने घंटी बजाई और भगवान शिव की प्रतिमा के सामने हाथ जोड़कर प्रार्थना भी की. मंदिर में मौजूद श्रद्धालुओं के लिए यह दृश्य काफी अलग था. एक तरफ शिव भक्ति और मंदिर की घंटियों का माहौल था, वहीं दूसरी ओर आधुनिक तकनीक का प्रतिनिधित्व करता रोबोट लोगों के बीच मौजूद था. ‘उदय’ के जरिए उदयपुर की पहचान को रोबोटिक्स, आईटी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जोड़ने की कोशिश की गई है.
झीलों, महलों और अपनी ऐतिहासिक विरासत के लिए मशहूर उदयपुर में अब तकनीक की एक नई तस्वीर देखने को मिल रही है. शहर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स से जुड़ी नई पहल उदय को पुष्य नक्षत्र के शुभ अवसर पर लॉन्च किया गया. खास बात यह रही कि आधुनिक तकनीक की इस शुरुआत के लिए नीलकंठ महादेव मंदिर को चुना गया. मंदिर में पूजा-अर्चना और घंटियों की गूंज के बीच रोबोट को लोगों के सामने पेश किया गया. ऐसे में कार्यक्रम में एक तरफ भारतीय परंपरा और आध्यात्मिक माहौल नजर आया तो दूसरी तरफ आधुनिक तकनीक की झलक दिखाई.
स्मार्ट माइंड लैब की ओर से शुरू की गई इस पहल को उदयपुर में रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में एक नई दिशा के तौर पर देखा जा रहा है. कार्यक्रम में संस्थान से जुड़े लोगों ने कहा कि तकनीक का मतलब सिर्फ मशीनों का इस्तेमाल करना नहीं है, बल्कि इसका उपयोग लोगों की जरूरतों और स्थानीय समस्याओं को समझने और उनके समाधान के लिए भी किया जा सकता है. इसी सोच के साथ उदयपुर में एआई और रोबोटिक्स को बढ़ावा देने की कोशिश की जा रही है.
उदय’ नाम में ही जुड़ा है उदयपुर और AI
इस पहल का नाम भी काफी खास तरीके से रखा गया है. ‘उदय’ नाम को उदयपुर की पहचान और भविष्य की तकनीक से जोड़कर तैयार किया गया है. आयोजकों के मुताबिक इसमें ‘यू’ उदयपुर की सांस्कृतिक पहचान और क्षेत्रीय गौरव को दर्शाता है. डी डिजिटल बदलाव और मीडिया इनोवेशन से जुड़ा है. वहीं ए आर्टिफिशियल यानी मशीन आधारित इंटेलिजेंस और आई इंटेलिजेंस यानी समझदारी से समस्या का समाधान करने की क्षमता को दर्शाता है
Add News18 as
Preferred Source on Google
स्थानीय जरूरतों में काम आ सकती है AI तकनीक
कार्यक्रम में परीक्षित सिंह राठौड़ ने कहा कि उदयपुर की सांस्कृतिक जड़ों को मजबूत रखते हुए डिजिटल दुनिया में आगे बढ़ना ही असली प्रगति है. उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक को अपनाते समय अपनी विरासत और संस्कृति को पीछे छोड़ने की जरूरत नहीं है, बल्कि दोनों को साथ लेकर आगे बढ़ा जा सकता है. इंजीनियर आशीष गुप्ता ने रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी.
बच्चों और युवाओं को रोबोटिक्स से जोड़ने पर जोर
कार्यक्रम में मनीष कोठारी ने बच्चों और युवाओं को रोबोटिक्स से जोड़ने की जरूरत पर जोर दिया. उनका कहना था कि अगर नई पीढ़ी को कम उम्र से ही तकनीक और इनोवेशन से जोड़ा जाए तो उदयपुर से भी भविष्य में रोबोटिक्स और एआई के क्षेत्र में नए प्रयोग सामने आ सकते हैं. इसके लिए बच्चों को केवल तकनीक का इस्तेमाल करना ही नहीं, बल्कि उसके पीछे की सोच और काम करने का तरीका समझाना भी जरूरी है.
पर्यटन में भी बदल सकती है तस्वीर
उदयपुर में एआई और रोबोटिक्स की इस पहल का सबसे बड़ा फायदा पर्यटन क्षेत्र को मिल सकता है. आने वाले समय में एआई आधारित गाइड पर्यटकों को शहर के ऐतिहासिक स्थलों, महलों और झीलों के बारे में उनकी भाषा में जानकारी दे सकते हैं. रियल टाइम जानकारी उपलब्ध होने से पर्यटकों को घूमने और शहर को समझने में भी आसानी हो सकती है.
- व्हाट्स एप के माध्यम से हमारी खबरें प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें।
- टेलीग्राम के माध्यम से हमारी खबरें प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें।
- हमें फ़ेसबुक पर फॉलो करें।
- हमें ट्विटर पर फॉलो करें।
———-
🔸 स्थानीय सूचनाओं के लिए यहाँ क्लिक कर हमारा यह व्हाट्सएप चैनल जॉइन करें।
Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by Ghaziabad365 || मूल प्रकाशक ||


