Atiq Ahmed’s Son Abaan Ahmed Funeral News: माफिया अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे अबान को प्रयागराज में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया है. जेल से पैरोल पर आए बड़े भाइयों, उमर और अली ने नम आंखों से उसे आखिरी विदाई दी. जनाजे को कंधा देते समय दोनों भाई फफक-फफक कर रो पड़े थे. अब जनाजे के आखिरी पलों के कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं. इन्हीं वीडियो से कई सवाल खड़े हो रहे हैं. आइए जानते हैं सब.
भाई उमर ने पढ़ी जनाजे की नमाज.
यह है मामला
हादसा गुरुवार सुबह करीब साढ़े दस बजे हुआ था. क्रेटा कार में कुल पांच लोग सवार थे. तेज रफ्तार के कारण कार का चालक नियंत्रण खो बैठा और वाहन डिवाइडर से जा टकराया. हादसे में जहद, उमर और अहजाम घायल हो गए. सभी घायलों को मेडिकल कॉलेज झांसी में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत सामान्य बताई जा रही है. वहीं, अबान और सोनू की मौत हो गई. पुलिस ने शवों का पोस्टमार्टम कराकर शव घरवालों को सौंप दिया. जेल में बंद बड़े भाइयों को जनाजे में शामिल होने की अनुमति मिलने में समय लग गया, इसलिए अबान की मौत के दो दिन बाद उसे सुपुर्द ए खाक किया गया.
फूट-फूट कर रोए भाई
प्रयागराज में माफिया अतीक अहमद के सबसे छोटे और पांचवें नंबर के बेटे अबान को बीते शनिवार यानी 8 अगस्त को नम आंखों के बीच सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया. भाई के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट से कस्टडी पैरोल पर जेल से बाहर आए बड़े भाई मोहम्मद उमर और अली अहमद ने मस्जिद में जनाजे की नमाज अदा की और भाई के जनाजे को अपना कंधा दिया. इस दौरान अपने जिगर के टुकड़े को आखिरी विदाई देते हुए दोनों बड़े भाई अपने जज्बात नहीं रोक पाए और फूट-फूट कर रो पड़े. आबान को उसके पिता अतीक अहमद की कब्र के ठीक बगल में दफन किया गया है. मिट्टी देने और सुपुर्द-ए-खाक की सभी रस्में पूरी करने के बाद उमर और अली ने अपने परिवार के अन्य सदस्यों से मुलाकात की उसके बाद कड़ी सुरक्षा के बीच वापस जेल चले गए.
इसलिए पढ़ी नमाज
अतीक के बेटे मोहम्मद उमर ने जब छोटे भाई अबान के जनाजे में नमाज पढ़ी तो सवाल खड़ा हो गया कि आखिर मौलवियों ने क्यों नहीं पढ़ी. दरअसल, उमर के नमाज पढ़ाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. वीडियो में देखा जा सकता है कि उमर के हाथ में हथकड़ी लगी हुई है. बगल में पुलिस का जवान खड़ा है. अबान की कब्र के सामने खड़े होकर मोहम्मद उमर नमाज पढ़ रहा है. बताया जा रहा है कि मौलवी की बजाय उमर ने इसलिए जनाजे की नमाज पढ़ी क्योंकि अतीक अहमद के बेटों ने इंग्लिश मीडियम स्कूलों में पढ़ाई की है. वहीं अतीक अहमद ने अपने बच्चों को दीनी तालीम भी दी थी. लोगों का कहना है कि इसलिए ही उमर ने अपने भाई के जनाजे पर नमाज पढ़ी होगी. हालांकि, ठोस वजह कोई ऐसी सामने नहीं आई है.
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Kavya Mishra is a Senior Sub Editor at News18 Hindi with over seven years of experience in digital and print journalism. She is part of the regional editorial team, covering Uttar Pradesh, Uttarakhand, Haryana …
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