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Atiq Ahmed Son Abaan Ahmed Last Rites: अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे आबान का पार्थिव शरीर कड़ी सुरक्षा के बीच एक एंबुलेंस में प्रयागराज के कसारी-मसारी कब्रिस्तान लाया गया है. नियति की क्रूर मार देखिए, जिस अतीक की कभी पूरे इलाके में तूती बोलती थी, आज उसके बेटे को श्मशान तक ले जाने के लिए चार कंधे तक नसीब नहीं हुए. जनाजे में शामिल होने के लिए जेल में बंद आबान के दोनों बड़े भाई उमर और अली भारी पुलिस सुरक्षा में यहां पहुंचे हैं. वहीं, पिछले तीन साल से फरार चल रही मां शाइस्ता परवीन अपने जिगर के टुकड़े का आखिरी बार मुंह तक नहीं देख पाई. बता दें कि एंबुलेंस से अबान के कब्र तक तीनों भाइयों और परिजनों ने अबान के पार्थिव शरीर को कंधा दिया.

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चार कंधा भी नसीब नहीं, जानें कैसे लाया गया अतीक के बेटे अबान का पार्थिव शरीर?Zoom

कब्रिस्तान तक एंबुलेंस में लाया गया अतीक के बेटे अबान का पार्थिव शरीर

How Abaan Dead Body brought To Burial Ground: बाहुबली सांसद अतीक अहमद के छोटे बेटे आबान का थोड़ी देर में अंतिम संस्कार होगा. इसके पार्थिव शरीर को कसारा-मसारा कब्रिस्तान तक एंबुलेंस में लाया गया. देखिए नियति की मार जिसके बाप की पूरे इलाके में तूती बोलती थी, उसे आज चार कंधा तक नसीब नहीं हुआ. दो बड़े भाई जेल में बंद हैं, जिनकों पुलिस की हाई सिक्योरिटी में मिट्टी देने तके लिए कब्रिस्तान लाया गया. वहीं, मां शाइस्ता परवीन, जो कि पिछले तीन सालों से फरार चल रही हैं, उनको अपने जिगर के टुकड़े को अंतिम बार देखना भी नसीब नहीं हो पाया. इससे बड़ा दुख का बात क्या हो सकता है.

कुछ ही देर में अबान होगा सुपुर्द-ए-खाक
आबान का पार्थिव शरीर कसारी मसारी कब्रिस्तान लाया गया. मस्जिद में जनाजे की नमाज के बाद किया जाएगा सुपुर्द-ए-खाक. अली और उमर के आने के बाद बड़ी संख्या में भीड़ प्रयागराज के कसारी-मसारी कब्रिस्तान में उमड़ पड़ी है.

भाइयों ने कब दिया कंधा
चूंकि जेल में बंद भाइयों को अबान के आखिरी संस्कार के लिए पुलिस के हाई सिक्योरिटी में लाया गया था. उनको पुलिस ने प्रयागराज के कसारा-मसारा कब्रिस्तान तक सीधे ले आई. वहीं, अबान का पार्थिव शरीर झांसी के अस्पताल से शुक्रवार को ही बुआ परवीन कुरैशी के घर पहुंच गया था. जब दोनों भाई के कब्रिस्तान तक पहुंचने के बाद अबान का पार्थिव शरीर एंबुलेंस से कड़ी सुरक्षा के बीच कब्रिस्तान तक पहुंचाया गया. इसके बाद भाइयों ने मिलकर कंधा दिया और कब्र तक पार्थिव शरीर को ले गए. इस मौके पर कब्रिस्तान के आसपास काफी बड़ी संख्या में भीड़ मौजूद है.

मां शाइस्ता को नहीं नसीब हुआ बेटे का आखिरी दीदार
इस दुखद घड़ी में सबसे बड़ी विडंबना यह रही कि आबान की मां शाइस्ता परवीन अपने जिगर के टुकड़े को आखिरी बार देख तक नहीं पाई. उमेश पाल हत्याकांड के बाद से शाइस्ता परवीन पिछले तीन सालों से पुलिस से छिपती फिर रही है. बेटे की मौत के बाद भी वह खौफ के मारे सामने नहीं आ सकी. वहीं, आबान के दो बड़े भाई मोहम्मद उमर और अली अहमद जेल में बंद हैं. अदालत से कस्टडी पैरोल मिलने के बाद पुलिस की हाई सिक्योरिटी के बीच दोनों भाइयों को मिट्टी देने के लिए कब्रिस्तान लाया गया है. उमर और अली के पहुंचने के बाद से ही कब्रिस्तान के बाहर भारी भीड़ उमड़ पड़ी है.

बिखर गया अतीक का पूरा कुनबा
आबान की मौत के साथ ही अतीक अहमद का पूरा परिवार अब पूरी तरह से तबाह और बिखर चुका है. एक समय था जब इस परिवार के खौफ से लोग कांपते थे, लेकिन आज हालात बिल्कुल उलट हैं. अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की पहले ही सरेआम हत्या हो चुकी है. अतीक के एक बेटे असद का एनकाउंटर हो चुका है. दो बड़े बेटे (उमर और अली) जेल की सलाखों के पीछे हैं. चौथा बेटा अपनी बुआ के साथ रह रहा है और अब सबसे छोटे बेटे आबान की झांसी में एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई.

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Deep Raj DeepakSub-Editor

सिविल सर्विसेज की तैयारी करते-करते कब 4 साल पहले पत्रकारिता की ओर झुकाव हो गया पता ही नहीं चला. नाम दीप राज दीपक है. वर्तमान में News18 हिंदी के साथ जुड़े हुए हैं. पद सब-एडिटर

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