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  • एकीकृत नियंत्रण कक्ष बना कांवड़ यात्रा का कमांड सेंटर, एक सूचना पर दौड़ेंगे संबंधित विभाग
  • पुलिस की गश्त और कैमरों की निगरानी से संवेदनशील इलाकों पर शिकंजा, भीड़ और यातायात पर भी पैनी नजर
  • 65 एंबुलेंस, 25 से ज्यादा स्वास्थ्य शिविर और 200 से अधिक शैय्याएं, बीमार पडऩे पर तत्काल उपचार की तैयारी
  • कांवड़ मार्ग पर 24 घंटे सफाई, जलभराव वाले स्थानों पर जेट पंप और शिविरों में लगातार फॉगिंग
  • डीएम ने खुद कांवड़ शिविर में परखी व्यवस्था, श्रद्धालुओं को भोजन कराया और रसोई की स्वच्छता भी देखी
  • नगर निगम के शिविर में 24 घंटे भोजन-विश्राम, स्टील के बर्तनों के इस्तेमाल की डीएम ने की सराहना

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। सावन कांवड़ यात्रा-2026 को सुरक्षित, सकुशल और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए गाजियाबाद में जिला प्रशासन, पुलिस, नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग और सिविल डिफेंस ने संयुक्त रूप से मोर्चा संभाल लिया है। लाखों शिवभक्तों की आस्था से जुड़ी इस यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षा के साथ बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए विभागों के बीच समन्वय स्थापित किया गया है। शुक्रवार को मेरठ रोड तिराहे पर जिला प्रशासन और सिविल डिफेंस के संयुक्त एकीकृत नियंत्रण कक्ष का औपचारिक शुभारंभ जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मांदड़, पुलिस उपायुक्त धवल जायसवाल, नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक और मुख्य विकास अधिकारी कुमार सौरभ ने किया। नियंत्रण कक्ष से कांवड़ मार्ग और प्रमुख संवेदनशील स्थानों की लगातार निगरानी की जा रही है। कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए जिले में करीब 2000 सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी की जा रही है। मुरादनगर गंगनहर क्षेत्र, राष्ट्रीय राजमार्ग-58, श्री दूधेश्वरनाथ मंदिर सहित प्रमुख कांवड़ मार्गों और संवेदनशील स्थानों पर कैमरों से लगातार नजर रखी जा रही है।

एकीकृत नियंत्रण कक्ष में विभिन्न विभागों की हेल्पलाइन सेवाओं को भी एक मंच पर उपलब्ध कराया गया है। यहां से मिलने वाली सूचना के आधार पर संबंधित विभाग को तत्काल कार्रवाई के लिए निर्देशित किया जा रहा है। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मांदड़ ने कहा कि कांवड़ यात्रा पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी धार्मिक यात्राओं में से एक है और लाखों शिवभक्त गाजियाबाद से होकर गुजरते हैं। ऐसे में प्रशासन की प्राथमिकता श्रद्धालुओं की सुरक्षा के साथ उन्हें सुगम और सुविधाजनक यात्रा उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि नियंत्रण कक्ष के माध्यम से पूरे कांवड़ मार्ग पर लगातार नजर रखी जा रही है और किसी भी आपात स्थिति में संबंधित विभाग को तत्काल सक्रिय किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यात्रा को सफल बनाने के लिए केवल एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि जिला प्रशासन, पुलिस, नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग, सिविल डिफेंस और अन्य विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करना होगा। इसी समन्वित व्यवस्था के कारण किसी भी समस्या का तेजी से समाधान किया जा सकता है।

मुख्य विकास अधिकारी कुमार सौरभ ने कहा कि कांवड़ यात्रा को व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने में सभी विभागों का आपसी समन्वय बेहद महत्वपूर्ण है। जिला प्रशासन द्वारा विभिन्न विभागों के बीच लगातार समन्वय बनाया जा रहा है, ताकि किसी भी समस्या का समाधान मौके पर ही कराया जा सके। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए सभी विभाग अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि नियंत्रण कक्ष से मिलने वाली सूचनाओं को संबंधित विभागों तक तत्काल पहुंचाने और कार्रवाई की निगरानी की व्यवस्था की गई है। इससे यात्रा के दौरान किसी भी आपात स्थिति में समय की बचत होगी और त्वरित कार्रवाई संभव होगी। इस दौरान एडीएम सिटी विकास कश्यप, नगर निगम के चीफ इंजीनियर एनके चौधरी, एसीपी उपासना पाण्डेय सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

पुलिस का कड़ा पहरा, भीड़ और यातायात पर लगातार नजर
कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी संभाल रही पुलिस ने कांवड़ मार्ग और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त सतर्कता बरती है। पुलिस बल की तैनाती के साथ लगातार गश्त की जा रही है। सीसीटीवी कैमरों से मिलने वाली सूचनाओं को भी पुलिस की फील्ड टीमों से साझा किया जा रहा है, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अव्यवस्था पर तत्काल कार्रवाई की जा सके। पुलिस उपायुक्त धवल जायसवाल ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। पुलिस बल कांवड़ मार्गों पर पूरी तरह सतर्क है और भीड़ नियंत्रण, यातायात व्यवस्था तथा संवेदनशील स्थानों की निगरानी पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पुलिस की टीमें लगातार मौके पर मौजूद हैं और प्रशासन के अन्य विभागों के साथ समन्वय बनाकर काम कर रही हैं। असामाजिक तत्वों पर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा लगातार कांवड़ मार्गों का निरीक्षण भी किया जा रहा है। भीड़ बढऩे की स्थिति में तत्काल आवश्यक कदम उठाने के लिए पुलिस की फील्ड टीमों को सक्रिय रखा गया है।

65 एंबुलेंस और 25 से अधिक स्वास्थ्य शिविर, 200 से ज्यादा शैय्याएं आरक्षित
कांवड़ यात्रियों की स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए भी व्यापक इंतजाम किए गए हैं। जिले में 65 एंबुलेंस तैनात की गई हैं, जबकि 25 से अधिक स्वास्थ्य शिविर स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा 200 से अधिक शैय्याएं आरक्षित रखी गई हैं। स्वास्थ्य शिविरों में प्राथमिक उपचार, मरहम-पट्टी और आवश्यक चिकित्सकीय सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। जिला प्रशासन का कहना है कि कांवड़ मार्ग पर स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार सक्रिय रहेंगी, ताकि किसी श्रद्धालु को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर तत्काल उपचार मिल सके। आपात स्थिति में एंबुलेंस को तेजी से घटनास्थल तक पहुंचाने के लिए भी समन्वय व्यवस्था बनाई गई है।

चौबीस घंटे सफाई, जलभराव पर जेट पंप और शिविरों में फॉगिंग
कांवड़ यात्रा के दौरान नगर निगम ने स्वच्छता और मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता दी है। निर्धारित कांवड़ मार्ग पर चौबीसों घंटे सफाई कर्मियों की तैनाती की गई है। जलभराव वाले स्थानों पर जेट पंप के माध्यम से पानी निकाला जा रहा है। मार्ग पर पेयजल, प्रकाश और सफाई की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है। कांवड़ शिविरों के आसपास फॉगिंग और मच्छरों के लार्वा को समाप्त करने के लिए दवा का छिड़काव कराया जा रहा है। नगर निगम की टीमों को अलग-अलग क्षेत्रों में जिम्मेदारी देकर लगातार निगरानी की जा रही है। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने कहा कि कांवड़ मार्ग पर सफाई, पेयजल, प्रकाश और जल निकासी की व्यवस्था को लेकर निगम की टीमें लगातार सक्रिय हैं। उनका प्रयास है कि श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान किसी तरह की असुविधा न हो। उन्होंने कहा कि कांवड़ शिविरों में भी साफ-सफाई, फॉगिंग और अन्य व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी की जा रही है।

निगम के शिविर में 24 घंटे भोजन और विश्राम, डीएम ने खुद परखी व्यवस्था
नगर निगम की ओर से कांवड़ यात्रियों के लिए भव्य शिविर भी संचालित किया जा रहा है, जहां 24 घंटे भोजन, पानी और विश्राम की व्यवस्था उपलब्ध है। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मांदड़ ने शिविर का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने कांवड़ यात्रियों से बातचीत कर उनके स्वास्थ्य और सुविधाओं की जानकारी भी ली। जिलाधिकारी, नगर आयुक्त और मुख्य विकास अधिकारी ने कांवड़ यात्रियों को अपने हाथों से भोजन वितरित किया और उनके साथ प्रसाद भी ग्रहण किया। जिलाधिकारी ने शिविर की रसोई का निरीक्षण करते हुए भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि भोजन, पानी, विश्राम, सफाई, शौचालय, स्नानघर और प्रकाश की व्यवस्था सराहनीय है। स्टील के बर्तनों का उपयोग भी उन्होंने अच्छी पहल बताया। कांवड़ यात्रियों ने भी शिविर की व्यवस्थाओं पर संतोष जताते हुए कहा कि गाजियाबाद में कांवडिय़ों के लिए बेहतर और नंबर वन व्यवस्थाएं देखने को मिल रही हैं।

10 अगस्त को पांच प्रमुख स्थानों पर होगी पुष्पवर्षा
कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए 10 अगस्त को जिले के पांच प्रमुख स्थानों पर पुष्पवर्षा कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा। जिला प्रशासन और नगर निगम की ओर से कांवड़ शिविर संचालकों तथा श्रद्धालुओं से प्रतिबंधित प्लास्टिक का इस्तेमाल नहीं करने और सफाई व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग की अपील की गई है। अधिकारियों का कहना है कि कांवड़ यात्रा केवल सुरक्षा व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि श्रद्धालुओं को सेवा, सुविधा और सम्मान देने का भी अवसर है। पुलिस की सुरक्षा, जिला प्रशासन की निगरानी, नगर निगम की सुविधाएं, स्वास्थ्य विभाग की चिकित्सा व्यवस्था और सिविल डिफेंस की आपात सेवाएं एक साथ मिलकर यात्रा को सुरक्षित बनाने में जुटी हैं। प्रशासन का लक्ष्य है कि कांवड़ यात्रा श्रद्धा, सेवा, सुरक्षा और सुव्यवस्था के वातावरण में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो।

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