Image Slider

-श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, किसी भी आपात स्थिति से निपटने को दमकल पूरी तरह तैयार: राहुल पाल
-15 ड्यूटी प्वाइंट पर 15 अग्निशमन वाहन और 85 अधिकारी-कर्मचारी रहेंगे 24 घंटे तैनात
-हर शिविर में रेत, पानी और चालू हालत के अग्निशामक यंत्र रखने के निर्देश, रसोई पर विशेष निगरानी

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। कांवड़ यात्रा-2026 के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर अग्निशमन एवं आपात सेवा विभाग पूरी तरह अलर्ट है। कांवड़ मार्गों पर जहां पुलिस और प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहे हैं, वहीं आग और अन्य आपात परिस्थितियों से निपटने के लिए दमकल विभाग ने भी अपना मोर्चा मजबूत कर लिया है। शुक्रवार को कमिश्नरेट गाजियाबाद क्षेत्र में संचालित विभिन्न कांवड़ शिविरों का व्यापक निरीक्षण कर अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं की जांच की गई। इस दौरान शिविर संचालकों को सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी राहुल पाल ने बताया कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी संभावित अग्नि दुर्घटना या आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए प्रमुख कांवड़ मार्गों और संवेदनशील स्थानों पर विशेष व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि यात्रा की पूरी अवधि में 15 ड्यूटी प्वाइंट बनाए गए हैं। इन पर 15 अग्निशमन वाहन और करीब 85 अधिकारी एवं कर्मचारी चौबीसों घंटे तैनात रहेंगे।

राहुल पाल ने बताया कि निरीक्षण के दौरान शिविर संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि रेत, बालू और पर्याप्त मात्रा में पानी हर समय उपलब्ध रखा जाए। आग लगने की स्थिति में शुरुआती स्तर पर ही उस पर नियंत्रण पाने के लिए यह व्यवस्था बेहद जरूरी है। शिविरों में लगाए गए अग्निशामक यंत्रों की भी जांच की गई और उन्हें पूरी तरह कार्यशील रखने के निर्देश दिए गए। उन्होंने बताया कि अस्थायी शिविरों में विद्युत वायरिंग और कनेक्शन को लेकर भी विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है। बिजली के तारों पर अत्यधिक भार न डालने, खुले या असुरक्षित कनेक्शन का इस्तेमाल नहीं करने तथा किसी भी खराब विद्युत उपकरण को तत्काल हटाने के निर्देश दिए गए हैं। कांवड़ शिविरों में भोजन बनाने वाले स्थानों को आग की दृष्टि से सबसे संवेदनशील मानते हुए वहां विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। सीएफओ राहुल पाल ने बताया कि गैस सिलेंडरों को सुरक्षित और हवादार स्थान पर रखने के साथ रसोई के आसपास पर्याप्त पानी, रेत और अग्निशामक यंत्र उपलब्ध रखना जरूरी है।

इसके अलावा शिविरों में आपातकालीन निकास मार्ग को हर समय अवरोधमुक्त रखने और ज्वलनशील सामग्री को गैस, चूल्हे, विद्युत उपकरणों तथा अन्य आग के स्रोतों से सुरक्षित दूरी पर रखने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि छोटी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है, इसलिए शिविर संचालकों को सुरक्षा व्यवस्था में किसी तरह की ढिलाई नहीं बरतने की हिदायत दी गई है। कांवड़ यात्रा के दौरान बारिश की संभावना को देखते हुए विद्युत सुरक्षा पर भी विशेष जोर दिया गया है। विभाग ने शिविर संचालकों को निर्देश दिया है कि बारिश के दौरान विद्युत पोल, लाइट, तारों और अस्थायी बिजली कनेक्शनों से पर्याप्त दूरी बनाए रखें। पानी के संपर्क में आई या क्षतिग्रस्त वायरिंग का इस्तेमाल तत्काल बंद कराया जाए। सीएफओ ने बताया कि बिजली के उपकरणों को सुरक्षित और जलरोधक व्यवस्था में रखना जरूरी है, ताकि शॉर्ट सर्किट और करंट लगने जैसी घटनाओं को रोका जा सके।

उन्होंने शिविर संचालकों से अपील की कि बारिश के दौरान बिजली संबंधी किसी भी तरह की समस्या दिखाई देने पर खुद से तार या कनेक्शन ठीक करने के बजाय तत्काल संबंधित विभाग को सूचना दें। अग्निशमन एवं आपात सेवा ने कांवड़ यात्रा की पूरी अवधि में प्रमुख कांवड़ मार्गों और संवेदनशील स्थलों पर 15 ड्यूटी प्वाइंट स्थापित किए हैं। इन स्थानों पर 15 अग्निशमन वाहन तैनात किए गए हैं, जबकि करीब 85 अधिकारी और कर्मचारी चौबीसों घंटे ड्यूटी पर रहेंगे। दमकल विभाग की टीमें नियमित रूप से कांवड़ मार्गों और शिविरों का निरीक्षण करेंगी। इसके साथ ही शिविर संचालकों और कर्मचारियों को अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूक भी किया जा रहा है।

विभाग का उद्देश्य आग लगने की स्थिति में प्रतिक्रिया समय को न्यूनतम रखते हुए तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू करना है। राहुल पाल ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी स्तर पर लापरवाही की गुंजाइश नहीं है। विभाग की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए हर स्तर पर तैयारी पूरी रखी गई है। उन्होंने शिविर संचालकों से भी अपील की कि वे अग्नि सुरक्षा के सभी निर्देशों का पालन करें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत दमकल विभाग को सूचना दें।

———-

🔸 स्थानीय सूचनाओं के लिए यहाँ क्लिक कर हमारा यह व्हाट्सएप चैनल जॉइन करें।

 

Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by Ghaziabad365 || मूल प्रकाशक ||