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China News Today: अरुणाचल को अपना बताने वाले चीन की भारत ने तगड़ी ‘क्लास’ लगा दी है. ड्रैगन अक्सर हमारे इलाकों के फर्जी नाम रखकर अपना मालिकाना हक जताता था. अब भारत सरकार ने ऑफिसियल मैप पर अरुणाचल की 27 जगहों जैसे थैग ला और जसवंत गढ़ के असली भारतीय नाम हमेशा के लिए फिक्स कर दिए हैं. सिंपल भाषा में कहें तो चीन का फर्जी क्लेम पूरी तरह फ्लॉप हो चुका है.
भारत सरकार ने चीन को करारा जवाब दिया.
भारत सरकार ने अरुणाचल प्रदेश पर बार-बार बेबुनियाद दावा ठोकने वाले चीन को कड़ा कूटनीतिक और रणनीतिक जवाब दिया है. केंद्र सरकार ने राज्य सरकार के परामर्श से अरुणाचल प्रदेश के 27 प्रमुख स्थानों और भौगोलिक संरचनाओं को भारतीय सर्वेक्षण विभाग (Survey of India) के आधिकारिक नक्शे पर उनके मानक भारतीय नामों के साथ औपचारिक रूप से दर्ज कर दिया है. 7 अगस्त 2026 को गृह मंत्रालय द्वारा जारी इस आधिकारिक आदेश के तहत अब इन सभी 27 इलाकों को भारतीय नक्शे पर आधिकारिक पहचान दे दी गई है.
चीन के फर्जी नामकरण पर भारत का करारा पलटवार
चीन लंबे समय से अरुणाचल प्रदेश को दक्षिणी तिब्बत बताकर अपनी नापाक हरकतों के तहत भारतीय इलाकों का मनगढ़ंत चीनी नामकरण करता रहा है. भारत का यह नया कदम ड्रैगन के उसी नैरेटिव और दुष्प्रचार की धज्जियां उड़ाता है. चीन अपनी चालबाजी से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह भ्रम फैलाने की कोशिश करता है कि ये इलाके उसके हैं लेकिन भारत सरकार ने आधिकारिक नक्शे पर लॉन्गजू (Longju), माजा (Maja), थैग ला (Thag La), जो ला (Dzo La) और जसवंत गढ़ जैसे ऐतिहासिक और रणनीतिक स्थलों के स्वदेशी नामों को दर्ज कर चीन की विस्तारवादी नीति पर करारी चोट की है.
सामरिक मजबूती और ऐतिहासिक दावों को वैधता
भारत सरकार का यह फैसला केवल एक प्रशासनिक कदम नहीं है बल्कि यह एलएसी (LAC) पर भारत की संप्रभुता को और अधिक मजबूत करता है. भारतीय सर्वेक्षण विभाग के नक्शे पर इन 27 स्थानों की सटीक मैपिंग से जन-सामान्य में जागरूकता बढ़ेगी और प्रशासनिक व सैन्य अभियानों में सुगमता आएगी. इसमें शेर-ए-थापा मेमोरियल और जसवंत गढ़ जैसे ऐतिहासिक सैन्य स्मारकों का शामिल होना यह स्पष्ट संदेश देता है कि भारत अपनी सीमा के एक-एक इंच की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और चीन के किसी भी फर्जी दावे को कतई स्वीकार नहीं करेगा.
वैश्विक मंच पर चीन की साख पर प्रहार
जब चीन दुनिया के सामने खुद को शांतिप्रिय देश बताने का ढोंग करता है, तब उसकी सीमाई गुंडागर्दी उजागर करना जरूरी हो जाता है. अरुणाचल प्रदेश के इन 27 स्थानों का नामकरण कर भारत ने यह साफ कर दिया है कि चीन की ‘मानचित्र कूटनीति’ (Map Diplomacy) भारत के सामने कभी नहीं चलेगी. भारत की इस सख्त घेराबंदी से न केवल चीन बौखलाएगा बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उसका यह भ्रम पूरी तरह बेनकाब हो चुका है कि वह कागजी नाम बदलकर भारतीय भूभाग पर कब्जा जमा सकता है.
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पत्रकारिता में 16 वर्षों से अधिक का सुदीर्घ अनुभव रखने वाले संदीप गुप्ता वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर होम पेज पर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. जटिल और सामरिक विषयों को बेहद सरल भाषा में पाठकों त…
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