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Rapido Viral Video: वारंगल में पुलिस की पेट्रोलिंग मोटरसाइकिल का रैपिडो सर्विस के लिए इस्तेमाल हुआ. 26 रुपये की राइड के लिए सरकारी बाइक का प्राइवेट यूज का वीड‍ियो सोशल मीड‍िया में वायरल है. इस वीड‍ियो के सोशल मीड‍िया पर वायरल होने के बाद से सब-इंस्पेक्टर पर कार्रवाई की सिफारिश हुई है.

Viral Video: 26 रुपये की कमाई पड़ी लाखों की सरकारी नौकरी पर भारी? Zoom

पुलि‍सवाले की बाइक रैप‍िडो में चलाती हुई पाई गई है (फोटो: सोशल मीड‍िया )

वारंगल: तेलंगाना के वारंगल से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पुलिस विभाग की जवाबदेही और सरकारी संसाधनों के इस्तेमाल पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. यहां एक शख्स कथित तौर पर पुलिस की पेट्रोलिंग मोटरसाइकिल का इस्तेमाल रैपिडो बाइक-टैक्सी सर्विस के लिए करता पकड़ा गया. मामला तब खुला जब एक यात्री ने महज 26 रुपये की राइड बुक की और उसे लेने पुलिस की गाड़ी जैसी दिखने वाली मोटरसाइकिल पहुंच गई.

घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है. वीडियो सामने आने के बाद पुलिस विभाग ने भी मामले को गंभीरता से लिया है. जिस सब-इंस्पेक्टर के इस्तेमाल में यह मोटरसाइकिल बताई जा रही है और उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की गई है. पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि महज 26 रुपये की एक राइड के लिए सरकारी पुलिस वाहन कथित रूप से निजी कमर्शियल इस्तेमाल में कैसे पहुंच गया और क्या किसी पुलिसकर्मी ने इसमें मदद की?

26 रुपये की राइड और पुलिस की बाइक
बताया जा रहा है कि वारंगल में एक यात्री ने अंबेडकर जंक्शन से सूबेदारी तक जाने के लिए रैपिडो राइड बुक की थी. इस छोटी दूरी की राइड का किराया केवल 26 रुपये था. राइड बुक होने के कुछ समय बाद एक बाइक सवार यात्री को लेने पहुंचा. लेकिन यात्री की नजर जैसे ही मोटरसाइकिल पर पड़ी और वह हैरान रह गया. बाइक कथित तौर पर पुलिस की पेट्रोलिंग मोटरसाइकिल थी और उस पर रजिस्ट्रेशन नंबर TS 09 PC 2795 दर्ज था. बताया गया कि यह वाहन एनुमामूला पुलिस स्टेशन से जुड़ा हुआ था. यात्री को पहले यकीन नहीं हुआ कि पुलिस की गाड़ी का इस्तेमाल किसी प्राइवेट बाइक-टैक्सी सेवा के लिए किया जा सकता है. उसने तुरंत राइडर से सवाल करना शुरू कर दिया.

राइडर ने क्या जवाब दिया?
जब यात्री ने पूछा कि वह पुलिस की मोटरसाइकिल लेकर रैपिडो राइड कैसे कर रहा है तो राइडर ने कथित रूप से कहा कि यह बाइक उसे उसके एक दोस्त ने दी है, जो पुलिस कॉन्स्टेबल है. यही जवाब पूरे विवाद की जड़ बन गया. यात्री ने बातचीत को अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया. बाद में यह वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर कर द‍ि‍या, जहां लोगों ने सरकारी गाड़ी के निजी और कमर्शियल इस्तेमाल को लेकर सवाल उठाने शुरू कर दिए.

वीडियो वायरल होने के बाद यह मामला सिर्फ एक छोटी रैपिडो राइड तक सीमित नहीं रहा. अब पुलिस विभाग के भीतर वाहन आवंटन, निगरानी और जवाबदेही को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है.

‘ब्लू कोल्ट’ बाइक क्यों होती है खास?
बताया जा रहा है कि यह मोटरसाइकिल पुलिस की ‘ब्लू कोल्ट’ गाड़ियों में शामिल थी. ब्लू कोल्ट बाइक का इस्तेमाल आमतौर पर पुलिस की तेज प्रतिक्रिया वाली टीमों के लिए किया जाता है.

इन वाहनों की मदद से पुलिसकर्मी:
– आपातकालीन कॉल पर जल्दी पहुंचते हैं,
– संवेदनशील इलाकों में पेट्रोलिंग करते हैं,
– अपराध की सूचना मिलने पर तत्काल घटनास्थल तक जाते हैं,
– और भीड़भाड़ वाले इलाकों में तेजी से आवाजाही करते हैं.

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अरुण बिंजोला

अरुण बिंजोला वर्तमान में News18 हिंदी में एसोसिएट एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में वह करीब 19 वर्षों से काम कर रहे हैं, जिसमें 13 वर्षों से अधिक समय डिजिटल मीडिया में बी…

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