भारतीय दिग्गज खिलाड़ी अजिंक्य रहाणे ने हाल ही में इंटरनेशनल क्रिकेट से रिटायरमेंट की घोषणा की. सोशल मीडिया पर रहाणे ने एक भावुक मैसेज शेयर करते हुए अपने रिटायरमेंट की जानकारी दी. रहाणे के उस भावुक वीडियो मैसेज साफ पता चल रहा था कि भारत के लिए तमाम उपलब्धियां हासिल करने के बावजूद उन्हें एक अदद फेयरवेल मैच तक नहीं मिल पाया है. इस लिस्ट में ऐसे कई खिलाड़ी हैं. आइए जानते हैं ऐसे पांच दिग्गजों के बारे में.
इस लिस्ट में सबसे बड़ा नाम युवराज सिंह का है. युवराज सिंह ने 2000 भारत के लिए अपना डेब्यू किया था. वहीं रिटायरमेंट की बात करें तो उन्होंने 10 जून 2019 को इसकी घोषणा की थी. अपने करियर में उन्होंने कुल 402 इंटरनेशनल मैच खेले (40 टेस्ट, 304 वनडे, 58 टी20). युवराज भारत की दो विश्व कप विजेता टीमों (2007 टी20 विश्व कप और 2011 वनडे विश्व कप) के अहम सदस्य रहे, जहां 2011 विश्व कप में वे प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुने गए थे. कैंसर को हराने के बाद मैदान पर वापसी करने वाले इस महान ऑलराउंडर को करियर के अंतिम चरण में खराब फॉर्म के कारण टीम से बाहर होना पड़ा और बिना फेयरवेल मैच के संन्यास लेना पड़ा.
भारतीय टीम के दिग्गज तेज गेंदबाज जहीर खान भी इस लिस्ट में शामिल हैं. युवराज की तरह जहीर ने भी साल 2000 में अपना डेब्यू किया था. अपने करियर में वह कुल 309 इंटरनेशनल मैच खेले. जहीर खान 2011 वनडे विश्व कप विजेता टीम का हिस्सा थे, जिसमें उन्होंने संयुक्त रूप से सर्वाधिक 21 विकेट चटकाए थे. अपनी स्विंग और तीखी गेंदबाजी के लिए मशहूर जहीर खान अपने करियर के अंतिम दौर में बार-बार चोटिल होते रहे, जिसके चलते वे टीम से बाहर हुए और उन्हें मैदान पर फेयरवेल मैच खेलने का मौका नहीं मिला.
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भारतीय टीम के मौजूदा हेड कोच गौतम गंभीर भी बिना फेयर के रिटायरमेंट लेने वाले बदकिस्मत खिलाड़ियों की लिस्ट में हैं. गंभीर ने साल 2003 में टीम इंडिया के लिए डेब्यू किया था. उन्होंने भारत के लिए कुल 242 मैच (58 टेस्ट, 147 वनडे, 37 टी20) खेले. गंभीर भी भारत की दो विश्व कप जीत (2007 टी20 विश्व कप और 2011 वनडे विश्व कप) के हीरो रहे. उन्होंने दोनों विश्व कप के फाइनल में 75 और 97 रनों की यादगार पारियां खेलीं, लेकिन करियर के अंतिम चरण में चयनकर्ताओं ने गंभीर से मुंह फेल लिया और उन्होंने बिना फेयरवेल के साल 2018 में रिटायरमेंट ले ली.
भारत के विस्फोटक ओपनर बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग को भी फेयरवेल मैच नहीं मिला. सहवाग ने साल 1999 में टीम इंडिया के लिए अपना डेब्यू किया था. सहवाग भारत के लिए कुल 374 मैच इंटरनेशनल मैचों में प्रतिनिधित्व किया. वे 2007 टी20 विश्व कप और 2011 वनडे विश्व कप दोनों की विजेता टीम के ओपनर बल्लेबाज रहे. अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से टेस्ट में दो तिहरे शतक जमाने वाले इस धाकड़ बल्लेबाज को 2013 के बाद खराब फॉर्म के कारण टीम से ड्रॉप कर दिया गया था, जिसके बाद वह अपने 37वें जन्मदिन पर 2015 में संन्यास की घोषणा की.
मिस्टर आईपीएल के नाम से मशहूर हुए दिग्गज सुरेश रैना को भी टीम इंडिया के लिए फेयरवेल मैच खेलने का मौका नहीं मिला. सुरेश रैना ने 2005 टीम इंडिया के लिए अपना डेब्यू किया था. वो भारत के लिए कुल 322 मैच खेले. रैना 2011 वनडे विश्व कप विजेता टीम का हिस्सा थे और ऑस्ट्रेलिया व पाकिस्तान के खिलाफ नॉकआउट मैचों में उनकी पारियां निर्णायक साबित हुई थीं. तीनों फॉर्मेट में भारत के लिए सबसे पहले शतक जमाने वाले रैना 2018 के बाद से राष्ट्रीय टीम से बाहर चल रहे थे, जिसके बाद 2020 में उन्होंने धोनी के संन्यास के तुरंत बाद ही बिना फेयरवेल मैच के क्रिकेट को अलविदा कह दिया.
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