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राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) अब एक लाख से कम कैंडिडेट्स वाले OMR शीट बेस्ड भर्ती एग्जाम का रिजल्ट 20 दिन में जारी करेगा। अधिकतम 90 दिन में सभी एग्जाम के रिजल्ट जारी होंगे। यही नहीं, एक लाख से ज्यादा कैंडिडेट्स वाली सभी भर्तियों में अब आयोग कोर्ट में

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आयोग के अध्यक्ष रिटायर्ड लेफ्टिनेंट कर्नल केसरी सिंह ने इसके लिए आदेश भी जारी कर दिए हैं। इसका मकसद है कि भर्ती प्रोसेस में किसी भी प्रकार से अनावश्यक देरी न हो और भर्ती समय पर प्रॉपर तरीके से पूरी हो।

30 दिन में 30 से ज्यादा रिजल्ट घोषित किए

वहीं, ‘मिशन 30 दिन 30 रिजल्ट’ के तहत आयोग ने 1 से 30 जुलाई तक 30 रिजल्ट घोषित किए हैं। अभी करीब 100 भर्ती परीक्षाओं के रिजल्ट आना बाकी हैं। अब आने वाले 30 दिन में भी 30 से ज्यादा रिजल्ट घोषित किए जाएंगे।

आगामी 10 अक्टूबर तक आयोग की ओर से आयोजित सभी भर्ती परीक्षाओं के 90 प्रतिशत रिजल्ट घोषित कर दिए जाएं, इसको लेकर आयोग काम कर रहा है। इससे युवाओं को समय पर नियुक्तियां मिल सकेंगी। वर्षों तक चलने वाली भर्ती प्रक्रियाओं पर लगाम लगाई जा सकेगी।

कमियों को दूर कर जल्दी रिजल्ट की प्लानिंग

आयोग मैनेजमेंट ने तय किया है कि एक लाख तक कैंडिडेट्स वाले ओएमआर शीट बेस्ड भर्ती एग्जाम का रिजल्ट 20 दिन के भीतर घोषित किया जाए। अगर एक लाख से ज्यादा कैंडिडेट्स हैं और मल्टीपल सब्जेक्ट के एग्जाम हुए हैं, तब भी रिजल्ट अधिकतम 90 दिन में जारी कर दिया।

इसके लिए आयोग ने एग्जाम सेंटर से लेकर ओएमआर शीट को जांचने और रिजल्ट जारी करने के पूरे प्रोसेस का आकलन किया। उसमें होने वाली देरी की कमियों को चिह्नित कर उनको दूर किया।

26 जुलाई को जयपुर में गांधीनगर के सरकारी स्कूल (परीक्षा केंद्र) में JLO भर्ती परीक्षा के दौरान निरीक्षण करने पहुंचे थे RPSC के चेयरपर्सन केसरी सिंह।

26 जुलाई को जयपुर में गांधीनगर के सरकारी स्कूल (परीक्षा केंद्र) में JLO भर्ती परीक्षा के दौरान निरीक्षण करने पहुंचे थे RPSC के चेयरपर्सन केसरी सिंह।

क्या होती है कैविएट

कोर्ट में कैविएट एक कानूनी सूचना है। इसे कोर्ट को यह सुनिश्चित करने के लिए दाखिल किया जाता है कि किसी व्यक्ति के खिलाफ कोई एकतरफा आदेश या कार्रवाई न हो और उसे पहले सुना जाए।

यह इस बात की सुरक्षा है कि विरोधी पक्ष आपकी पीठ पीछे कोर्ट से कोई स्टे या आदेश न ले ले। कैविएट दाखिल करने वाले व्यक्ति या संस्थान को संभावित विरोधी पक्ष को भी इसकी कॉपी भेजनी होती है।

ये होगा फायदा

कैविएट दाखिल करने से कोई भी व्यक्ति RPSC के खिलाफ कोर्ट जाकर सीधा स्टे नहीं ला सकता। कोर्ट स्टे या रोक का आदेश देने से पहले RPSC का पक्ष सुनेगा। इसके बाद ही फैसला दिया जाएगा।

जानकारों का मानना है कि अब तक जब भी RPSC ने अपना पक्ष कोर्ट में रखा तो 90 प्रतिशत से ज्यादा मामलों में आयोग की जीत हुई है। ऐसे में अभ्यर्थी स्टे या रोक का आदेश लेकर भर्ती प्रोसेस में अनावश्यक देरी नहीं कर सकेंगे।

अध्यक्ष सहित तीन सदस्यों के पद रिक्त

RPSC में अध्यक्ष के पद पर स्थाई नियुक्ति का इंतजार है। वर्तमान में बतौर कार्यवाहक अध्यक्ष की जिम्मेदारी केसरी सिंह को सौंपी गई है। आयोग में अध्यक्ष सहित 10 सदस्य होते हैं, लेकिन तीन पद रिक्त हैं।

छह सदस्य वर्तमान में कार्य कर रहे हैं, जिनमें केसरी सिंह, अयूब खान, सुशील कुमार बिस्सू, हेमंत प्रियदर्शी, दीपक कुमार शर्मा और संतोष आनंद है। वहीं बाबूलाल कटारा निलंबित चल रहे हैं।

वर्तमान में आयोग सचिव का पद भी रिक्त है। इस पद का अतिरिक्त कार्यभार मुख्य परीक्षा नियंत्रक आशुतोष गुप्ता को सौंपा गया है।

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