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अयोध्या: भगवान शिव को समर्पित पवित्र सावन मास की शुरुआत के साथ ही देशभर के शिवालयों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है. सुबह से ही शिवभक्त मंदिरों में पहुंचकर भगवान शिव के शिवलिंग का जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक, बेलपत्र, धतूरा और भांग अर्पित कर भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं. धार्मिक मान्यता है कि सावन में सच्ची श्रद्धा और सेवा भाव से किए गए पुण्य कार्य भगवान शिव को अत्यंत प्रिय होते हैं और इससे जीवन के अनेक कष्ट दूर होते हैं.

सावन में सेवा और दान का भी विशेष महत्व

अयोध्या के ज्योतिषाचार्य पंडित कल्कि राम के अनुसार सावन केवल पूजा-पाठ का महीना नहीं है, बल्कि सेवा, दान और परोपकार का भी श्रेष्ठ अवसर है. उनका कहना है कि यह महीना वर्षा ऋतु में आता है, जब चारों ओर हरियाली और प्रकृति का अद्भुत सौंदर्य दिखाई देता है. ऐसे पावन समय में किए गए शुभ कर्म कई गुना फल प्रदान करते हैं.

जरूरतमंदों की मदद करने से मिलती है शिव कृपा

पंडित कल्कि राम बताते हैं कि यदि कोई व्यक्ति सावन में जरूरतमंदों की सहायता करता है तो भगवान शिव उस पर विशेष कृपा बरसाते हैं. उनके अनुसार यदि कोई निराश्रित व्यक्ति टूटी-फूटी झोपड़ी में रह रहा हो तो उसके रहने की व्यवस्था कराने का प्रयास करना चाहिए. किसी भूखे और प्यासे व्यक्ति को भोजन कराना भी अत्यंत पुण्यदायी माना गया है. इससे भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और परिवार में सुख-समृद्धि का वास होता है.

सावन में वस्त्र दान करना माना जाता है शुभ

उन्होंने बताया कि सावन मास में वस्त्र दान का भी विशेष महत्व है. यदि किसी जरूरतमंद के पास पहनने के लिए उचित कपड़े नहीं हैं तो उसे सफेद या पीले रंग के वस्त्र दान करने चाहिए. धार्मिक मान्यता के अनुसार इन रंगों के वस्त्र दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है.

आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों की शिक्षा में करें मदद

ज्योतिषाचार्य के अनुसार शिक्षा का दान सबसे श्रेष्ठ माना गया है. यदि कोई आर्थिक रूप से कमजोर बच्चा फीस के अभाव में पढ़ाई नहीं कर पा रहा है या स्कूल जाने में असमर्थ है, तो उसकी शिक्षा की व्यवस्था करना भगवान शिव की सच्ची आराधना के समान है. ऐसे कार्यों से न केवल समाज का कल्याण होता है, बल्कि व्यक्ति के जीवन में भी सुख, शांति और उन्नति के मार्ग खुलते हैं.

पूजा के साथ सेवा भाव अपनाने की सलाह

पंडित कल्कि राम का कहना है कि यदि श्रद्धालु सावन मास में पूजा-अर्चना के साथ इन सेवा और दान के कार्यों को भी अपनाते हैं, तो भोलेनाथ की विशेष कृपा प्राप्त होती है. मान्यता है कि ऐसे शुभ कर्मों से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं, मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और व्यक्ति को दुर्लभ पुण्य फल की प्राप्ति होती है.

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