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Home Science Subject: अक्सर लोग कहते हैं कि होम साइंस विषय सिर्फ लड़कियों का विषय होता है. लेकिन अब मानने वाली यह धारणा बदल रही है. गाजीपुर पीजी कॉलेज के प्रोफेसरों का कहना है कि इस विषय से डाइटिशियन, न्यूट्रिशनिस्ट, इंटीरियर डिजाइनर, होटल मैनेजमेंट और चाइल्ड डेवलपमेंट जैसे कई क्षेत्रों में करियर बनाया जा सकता है.

गाजीपुर: अक्सर लोगों की धारणा होती है कि होम साइंस (गृह विज्ञान) सिर्फ लड़कियों का विषय है और इसमें केवल खाना बनाना, सिलाई-कढ़ाई या घर का काम सिखाया जाता है. लेकिन गाजीपुर पीजी कॉलेज के गृह विज्ञान विभाग के प्रोफेसरों का कहना है कि यह धारणा पूरी तरह सही नहीं है. यह विषय महिलाओं और पुरुषों, दोनों के लिए समान रूप से उपयोगी है और आज के समय में इसके जरिए कई पेशेवर करियर बनाए जा सकते हैं.

गृह विज्ञान विभाग के प्रोफेसर डॉ. शिवानी  सिंह ने बताया कि गृह विज्ञान वह शाखा है, जो व्यक्ति और परिवार के जीवन को बेहतर और व्यवस्थित ढंग से चलाने में मदद करती है. उनका कहना है कि जीवन प्रबंधन का ज्ञान केवल महिलाओं के लिए नहीं, बल्कि पुरुषों के लिए भी उतना ही जरूरी है. उन्होंने कहा कि पूर्वांचल में अब भी यह मिथक है कि होम साइंस सिर्फ लड़कियों का विषय है, जबकि वास्तविकता इससे अलग है.

होम साइंस की पांच प्रमुख शाखाएं
1. आहार एवं पोषण विज्ञान (Food & Nutrition),
2. बाल एवं मानव विकास (Human Development),
3. गृह प्रबंधन एवं संसाधन (Resource Management),
4. वस्त्र विज्ञान (Textile & Clothing)
5. विस्तार शिक्षा (Extension Education)

बुटीक या ब्यूटी पार्लर भी शुरू
विभाग की प्रवक्ता डॉ. भावना श्रीवास्तव ने बताया कि इस विषय की पढ़ाई के बाद छात्र-छात्राएं डाइटिशियन, न्यूट्रिशनिस्ट, होटल मैनेजमेंट, इंटीरियर डिजाइनिंग, चाइल्ड एजुकेशन, आंगनबाड़ी, बालवाड़ी एजुकेटर जैसे क्षेत्रों में करियर बना सकते हैं. उन्होंने कहा कि वस्त्र विज्ञान के माध्यम से छात्र अपना बुटीक या ब्यूटी पार्लर भी शुरू कर सकते हैं.

उन्होंने यह भी कहा कि बच्चों की परवरिश और पोषण केवल मां की जिम्मेदारी नहीं है. होम साइंस यह सिखाता है कि परिवार और बच्चों के विकास में माता-पिता दोनों की समान भूमिका होती है. उन्होंने ये भी बताया कि गृह विज्ञान की पढ़ाई से बच्चों के बाल विकास के मनोविज्ञान को समझा जा सकता है.

लड़कियों तक सीमित विषय नहीं
वहीं, विभागाध्यक्ष डॉ. शिप्रा श्रीवास्तव ने बताया कि पीजी कॉलेज में प्रवेश विश्वविद्यालय की प्रवेश प्रक्रिया के अनुसार किया जाता है. आवश्यकता पड़ने पर बाद में भी प्रवेश का अवसर दिया जाता है. विभाग में नियमित प्रैक्टिकल, लैब ट्रेनिंग और कौशल आधारित शिक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाता है. उन्होंने बताया कि आज इस विषय में गाजीपुर के साथ-साथ बलिया और गहमर क्षेत्र से भी पुरुष छात्र पढ़ाई करने आ रहे हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि होम साइंस अब केवल लड़कियों तक सीमित विषय नहीं रह गया है.

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आर्यन सेठ

आर्यन सेठ, News18 Hindi में डिजिटल डेस्क पर जुड़े हैं और जनवरी 2026 से उत्तर प्रदेश की राजनीति, अपराध, प्रशासन, वायरल और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर खबरें लिखते हैं. जामिया मिलिया इस्लामिया दिल्ल…

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