- रंग-बिरंगी वेशभूषा में बच्चों ने बिखेरा हुनर, अभिनय, नृत्य और संगीत से दर्शकों को किया मंत्रमुग्ध
- ‘शरीर के अंगों की हड़ताल’ से दिया स्वस्थ जीवन का संदेश, संतुलित आहार, स्वच्छता और व्यायाम का बताया महत्व
- ‘मिट्ठू की पाठशाला’ में बच्चों ने सिखाए संस्कार, ईमानदारी, अनुशासन, प्रेम और बड़ों के सम्मान का दिया संदेश
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। कविनगर स्थित केडीबी पब्लिक स्कूल के प्री-प्राइमरी विंग के नन्हे-मुन्ने विद्यार्थियों ने शुक्रवार को अपनी शानदार कक्षा प्रस्तुति से सभी का दिल जीत लिया। विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में बच्चों ने ‘मिट्ठू की पाठशाला’ और ‘शरीर के अंगों की हड़ताल’ जैसे रोचक विषयों पर आधारित प्रस्तुतियां देकर अपनी प्रतिभा, आत्मविश्वास और रचनात्मकता का शानदार प्रदर्शन किया। रंग-बिरंगी वेशभूषा, आकर्षक संगीत, मनमोहक नृत्य और जीवंत अभिनय ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। कार्यक्रम की शुरुआत ‘शरीर के अंगों की हड़ताल’ प्रस्तुति से हुई। नन्हे कलाकारों ने अपने अभिनय के माध्यम से शरीर के विभिन्न अंगों को किरदारों के रूप में प्रस्तुत किया। कहानी में शरीर के अलग-अलग अंग अपने महत्व को समझाने के लिए हड़ताल पर चले जाते हैं। इसके माध्यम से बच्चों ने बेहद सरल और मनोरंजक अंदाज में यह संदेश दिया कि शरीर का प्रत्येक अंग महत्वपूर्ण है और सभी अंगों का स्वस्थ रहना जरूरी है।
बच्चों ने अपनी प्रस्तुति के माध्यम से संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, स्वच्छता और अच्छी आदतों को स्वस्थ जीवन का आधार बताया। नन्हे कलाकारों के सशक्त संवाद, भाव-भंगिमा और आत्मविश्वास से भरपूर अभिनय ने दर्शकों को खूब प्रभावित किया। मंच पर बच्चों का उत्साह और सहज अभिनय देखते ही बन रहा था। इसके बाद बच्चों ने ‘मिट्ठू की पाठशाला’ का मनमोहक नाट्य रूपांतरण प्रस्तुत किया। इसमें प्यारा-सा पक्षी ‘मिट्ठू’ बच्चों के मित्र की भूमिका में नजर आया और उन्हें जीवन के जरूरी संस्कारों एवं नैतिक मूल्यों से परिचित कराया। गीत, संवाद और नृत्य के माध्यम से विद्यार्थियों ने स्वच्छता, ईमानदारी, अनुशासन, बड़ों का सम्मान, आपसी प्रेम, सहयोग और दयालुता जैसे महत्वपूर्ण संदेशों को बेहद सरल तरीके से प्रस्तुत किया। बच्चों की मासूम अदाओं और प्रभावी अभिनय ने कार्यक्रम में मौजूद अभिभावकों और शिक्षकों को भावुक करने के साथ-साथ खूब मनोरंजन भी किया। प्रस्तुति के दौरान विद्यार्थियों में गजब का आत्मविश्वास नजर आया। मंच पर किसी तरह की झिझक के बिना बच्चों ने अपने किरदारों को पूरी ऊर्जा के साथ निभाया। सामूहिक प्रस्तुतियों में उनकी टीमवर्क की भावना और एक-दूसरे के साथ तालमेल भी साफ दिखाई दिया।
मनोरंजन के साथ जीवन के पाठ भी पढ़ाए
कार्यक्रम केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि बच्चों को स्वास्थ्य, स्वच्छता और नैतिक मूल्यों से जोडऩे का माध्यम भी बना। दोनों प्रस्तुतियों के जरिए विद्यार्थियों ने यह संदेश दिया कि छोटी उम्र से ही अच्छी आदतों और संस्कारों को जीवन का हिस्सा बनाना जरूरी है। अभिभावकों ने बच्चों के उत्कृष्ट प्रदर्शन की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि नन्हे बच्चों को मंच पर इतने आत्मविश्वास के साथ प्रस्तुति देते देखना बेहद सुखद अनुभव रहा। अभिभावकों ने बच्चों की तैयारी में शिक्षकों द्वारा किए गए मार्गदर्शन और अथक प्रयासों की भी प्रशंसा की। विद्यालय की इस कक्षा प्रस्तुति में बच्चों की प्रतिभा के साथ उनके सर्वांगीण विकास की झलक भी देखने को मिली। गीत, नृत्य और अभिनय के माध्यम से बच्चों ने जहां अपनी रचनात्मक क्षमता दिखाई, वहीं स्वास्थ्य जागरूकता और नैतिक मूल्यों का संदेश देकर सभी को प्रभावित किया। कार्यक्रम ने यह साबित किया कि खेल, कला और मंचीय गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को जीवन के महत्वपूर्ण पाठ बेहद सहज और प्रभावी तरीके से सिखाए जा सकते हैं।
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