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नई दिल्ली (निवेथा जे): सिनेमा की चकाचौंध के पीछे की जिंदगी आसान नहीं है. कई कलाकारों ने सिनेमा को दशकों दिए, फिर भी वे हाशिये पर जिंदगी गुजारने को मजबूर हैं. साउथ इंडियन सिनेमा के अनुभवी एक्टर मोहन शर्मा को ही लीजिए, जिनकी इस समय हालत खराब है. वे कभी साउथ इंडियन सिनेमा का जाना-माना चेहरा थे. उनका चेन्नई के पॉश इलाके ‘पोएस गार्डन’ में घर था, जहां रजनीकांत, धनुष और पूर्व मुख्यमंत्री जे. जयललिता जैसे स्टार्स रहते थे. मगर अब 80 साल की उम्र में ओल्ड एज होम में रह रहे हैं. वे अपनी दवाइयों का खर्च उठाने के लिए भी संघर्ष कर रहे हैं.

मोहन शर्मा ने एक्टिंग के अलावा डायरेक्शन, प्रोड्यूसर और स्क्रीनराइटर में भी हाथ आजमाया था. वे ‘साउथ इंडियन फिल्म चैंबर ऑफ कॉमर्स’ के प्रेसिडेंट रह चुके हैं, लेकिन आज उनकी खूब उपेक्षा हो रही है. अनुभवी एक्टर का कहना है कि उनकी देखभाल करने वाला कोई नहीं है. मोहन शर्मा को जब फिल्मों में काम मिलना कम हो गया, तो उन्होंने सफलता के साथ टेलीविजन का रुख किया और ‘कोलांगाल’, ‘मुंथनाई मुदिचु’, ‘वाणी रानी’, ‘माया’ और ‘थलट्टू’ जैसे पॉपुलर सीरियल में काम किया. उन्होंने 2012 में सराही गई तमिल फिल्म ‘नम्मा ग्रामम’ को डायरेक्ट और प्रोड्यूस किया था, जिसे तमिलनाडु और केरल सरकारों से अवॉर्ड भी मिले थे. उन्होंने अपने पूरे करियर में तमिल, मलयालम, तेलुगु, कन्नड़ और हिंदी फिल्मों में काम किया था. वे तीन बार नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स के लिए जूरी मेंबर भी रहे थे.

शिवाजी गणेशन-विजय जैसे बड़े सितारों के साथ किया काम
मोहन शर्मा का जन्म केरल के पलक्कड़ में हुआ था.वे पुणे के ‘फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया’ (FTII) से ग्रेजुएट होने वाले पहले साउथ इंडियन थे. उन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद मलयालम और तमिल फिल्मों में एक्टिंग शुरू की और जयशंकर, शिवाजी गणेशन, विजयकांत, सरथकुमार, प्रशांत, अजित कुमार और विजय जैसे बड़े स्टार्स के साथ काम किया.

एक्टर मोहन शर्मा आज अपनी दवाइयों का खर्च भी नहीं उठा पा रहे हैं.

निजी जिंदगी में खाई ठोकरें
मोहन शर्मा को अपनी पहली फिल्म की को-स्टार एक्ट्रेस लक्ष्मी से प्यार हो गया और दोनों ने शादी कर ली. हालांकि, पांच साल बाद उनका तलाक हो गया. उन्होंने बाद में शांति से शादी की, लेकिन उनका कहना है कि उनकी पर्सनल लाइफ मुश्किलों से भरी रही. मोहन शर्मा ने अपनी जिंदगी के बारे में बात करते हुए कहा कि सफल करियर होने के बावजूद उनकी पर्सनल लाइफ खुशहाल नहीं थी. उन्हें बड़े आर्थिक और घरेलू समस्याओं का सामना करना पड़ा था. उन्हें पोएस गार्डन स्थित अपना घर बेचते समय काफी मुश्किलें भी आई थीं.

दवाइयां खरीदने के लिए नहीं पैसे
मोहन शर्मा की देखभाल करने वाला कोई न था. उन्होंने फिर रोटरी क्लब के सदस्यों से संपर्क किया, जो कभी उनके दोस्त हुआ करते थे. उन्होंने मोहन शर्मा को गुमिदिपुंडी के एक जैन वृद्धाश्रम में भर्ती कराने में मदद की. हालांकि, अब उन्हें खाना और रहने की जगह मिल गई है, लेकिन उनका कहना है कि वे बुढ़ापे से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के लिए दवाएं नहीं खरीद सकते.

सीएम विजय से मिलना चाहते हैं मोहन शर्मा
अनुभवी अभिनेता ने बताया कि सुपरस्टार रजनीकांत को जब उनकी हालत के बारे में पता चला तो उन्होंने 1 लाख रुपये भेजे. उन्हें आर्थिक मदद से तुरंत खर्चों को संभालने में मदद मिली. उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री के सदस्यों से भी मदद की अपील की. मोहन शर्मा ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय से मिलने की इच्छा जताई है, जिनके साथ उन्होंने ‘सचिन’ फिल्म में काम किया था. इसमें उन्होंने जेनेलिया डिसूजा के किरदार के पिता की भूमिका निभाई थी. उन्हें उम्मीद है कि वे मुख्यमंत्री को अपनी स्थिति समझा पाएंगे और फिल्मों में अभिनय करने का एक और मौका मांग पाएंगे.

‘साउथ इंडियन फिल्म चैंबर ऑफ कॉमर्स’ ने नहीं दिया जवाब
मोहन शर्मा ‘साउथ इंडियन फिल्म चैंबर ऑफ कॉमर्स’ के अध्यक्ष रहे हैं. उन्होंने उस दौर को याद करते हुए कहा, ‘जब मैं फिल्म चैंबर का प्रेसीडेंट था, तो मैंने एक प्रस्ताव पारित किया था कि बुढ़ापे में बीमारी या आर्थिक तंगी का सामना कर रहे किसी भी वरिष्ठ कलाकार को मदद के रूप में 5 लाख रुपये मिलने चाहिए. मैंने उसी बात को याद करते हुए चैंबर को मदद के लिए पत्र लिखा, लेकिन मुझे बताया गया कि प्रस्ताव बदल दिया गया है. अब पैसा तभी दिया जाता है, जब किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है. मैंने उनसे पूछा, ‘किसी के जीवित रहने और कष्ट सहने के दौरान मदद क्यों न की जाए? मरने के बाद पैसा किसे मिलेगा?’ मुझे कभी कोई जवाब नहीं मिला. आज, मुझे डर है कि मेरे बुढ़ापे में मेरे लिए क्या लिखा है.’

फिल्म ‘नम्मा ग्रामम’ के सैटेलाइट अधिकार खरीदने की अपील
मोहन शर्मा ने यह भी याद किया कि पूर्व मुख्यमंत्री जे. जयललिता ने जया टीवी के लिए उनकी पुरस्कार विजेता फिल्म ‘नम्मा ग्रामम’ के सैटेलाइट अधिकार खरीदने की योजना बनाई थी. हालांकि, उनके निधन की वजह से यह सौदा नहीं हो सका. ‘अगर कोई ‘नम्मा ग्रामम’ के सैटेलाइट अधिकार खरीद ले, तो मैं अपनी बाकी जिंदगी के लिए दवाएं खरीद सकता हूं. फिल्म इंडस्ट्री से जो कोई भी मेरी मदद के लिए आगे आएगा, मैं उसका हमेशा आभारी रहूंगा.’ मोहन शर्मा ने इमोशनल अपील में फिल्म इंडस्ट्री के लोगों के नाम मैसेज दिया. वे बोले, ‘अच्छी फिल्में बनाने की उम्मीद में अपनी ‘फाइनेंशियल सिक्योरिटी’ को जोखिम में न डालें. सिनेमा के लोगों को अपने फाइनेंस को अच्छे से मैनेज करना चाहिए. उन्हें भी उस तरह के स्ट्रगल का सामना करना पड़ सकता है जिनसे मैं आज गुजर रहा हूं.’

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