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Vegetables Farming Tips : भारत के किसान सालों से पारंपरिक गेहूं की खेती करते आ रहे हैं, लेकिन आज के इस मुश्किल दौर में जहां खेती में लागत काफी बढ़ गई हैं, ऐसे में इन फसलों के भरोसे रहकर बड़ी कमाई करना काफी मुश्किल भरा काम हैं. ऐसे में देश के किसानों के लिए अपनी कमाई को दोगुना करने का एक अच्छा मौका आया है. किसान रंग-बिरंगी शिमला मिर्च की खेती कर सकते हैं. इन फसलों की मांग बाजार में बहुत ज्यादा है इसलिए इनसें मुनाफा भी तगड़ा मिलता है.
मुरादाबाद : यूपी के मुरादाबाद के किसान अगर कोई अच्छी खेती करके डबल मुनाफा कमाने की फिराक में हैं? तो इस रंग बिरंगी खेती को कर सकते हैं. इसमें रंग-बिरंगी (लाल और पीली) शिमला मिर्च की सफल खेती शामिल है. इसके लिए मुख्य रूप से पॉलीहाउस और सही जल निकासी वाली उपजाऊ दोमट मिट्टी की आवश्यकता होती है. खुले खेतों की तुलना में पॉलीहाउस में उगाने से फल साफ और उच्च गुणवत्ता वाले मिलते हैं. इसके साथ ही यह फसल कम समय में अधिक मुनाफा देने वाली फसल है. इसे कर किसान अपनी आय में वृद्धि कर सकता है.
पॉली हाउस में करे खेती
मुरादाबाद के कृषि वैज्ञानिक डॉ. दीपक मेहंदी रत्ता ने बताया कि रंग-बिरंगी शिमला मिर्च एक हाई वैल्यू फसल है. इसलिए इसकी खेती हम पॉलीहाउस या शेड-नेट हाउस में ही करते हैं. इसी वजह से यह हमें अच्छा मुनाफा भी देती है. वहीं अगस्त-सितंबर के महीने में इसकी पौध तैयार की जाती है.
उन्होंने आगे कहा कि आजकल बाजार में शिमला मिर्च कई रंगों लाल, पीली, नारंगी में आ रही है. उसी के अनुसार हम पौध तैयार करते है. वहीं पौध तैयार हो जाने के बाद हम इसे खेत में रोप देते हैं. लाइन से लाइन की दूरी 1 मीटर और पौधे से पौधे की दूरी 45 से 60 सेंटीमीटर पॉलीहाउस के अंदर हम ड्रिप इरिगेशन सिस्टम लगा देते हैं. इससे बहुत कम पानी में सिंचाई हो जाती है. पानी की बचत होती है और खेत में जलजमाव भी नहीं होता है.इस प्रकार इसकी खेती इस तरह से अच्छी हो जाती है।
अगर इसकी अच्छी तरीके से खेती करेंगे तो किसान भाइयों को बहुत अच्छी आमदनी हो सकती है. बड़े होटलों और शहरी बाजारों में इसकी मांग सबसे ज्यादा रहती है. बाजार में यह 150 रुपए से 250 रुपए प्रति किलो तक बिकती है. इसके लिए 2 से 3 किलो की आकर्षक बॉक्स पैकिंग करके भेजें. अच्छी पैकिंग से दाम और भी बेहतर मिलता है.
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Kavya Mishra is working with News18 Hindi as a Senior Sub Editor in the regional section (Uttar Pradesh, Uttarakhand, Haryana and Himachal Pradesh). Active in Journalism for more than 7 years. She started her j…
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