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-टैक्स व्यवस्था में पारदर्शिता हमारी प्राथमिकता, करदाताओं को नहीं होगी परेशानी: विक्रमादित्य सिंह मलिक
-अब उच्च अधिकारी के परीक्षण के बाद ही बिल में होगा बदलाव, नगर आयुक्त ने दिए सख्त निर्देश
-हाउस टैक्स वसूली में आएगी तेजी, 30 की जगह 100 ई-पॉस मशीनों से सभी वार्डों में होगी वसूली
-सॉफ्टवेयर अपडेट के बाद घर बैठे देख सकेंगे टैक्स का पूरा लेखा-जोखा, कैंप लगाकर छूट की जानकारी भी देंगे अधिकारी

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। हाउस टैक्स की वसूली में पारदर्शिता बढ़ाने और करदाताओं को किसी भी तरह की परेशानी से बचाने के लिए गाजियाबाद नगर निगम ने बड़ा फैसला लिया है। गुरुवार को नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने स्पष्ट कर दिया है कि अब रेवेन्यू इंस्पेक्टर (आरआई) और टैक्स इंस्पेक्टर (टीआई) अपने स्तर से किसी भी भवन के हाउस टैक्स को न तो कम कर सकेंगे और न ही बढ़ा सकेंगे। हाउस टैक्स के बिल में किसी प्रकार का बदलाव केवल सक्षम उच्च अधिकारी द्वारा नियमानुसार परीक्षण के बाद ही किया जा सकेगा। नगर आयुक्त ने हाउस टैक्स से संबंधित कार्यों में तेजी लाने और वसूली बढ़ाने के लिए अधिकारियों के साथ बैठक कर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए। बैठक में सभी जोनल प्रभारी, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी अनिरुद्ध सिंह, अपर नगर आयुक्त जंग बहादुर यादव समेत तकनीकी व्यवस्था से जुड़ी टीम मौजूद रही। बैठक में हाउस टैक्स वसूली बढ़ाने के साथ-साथ करदाताओं को जागरूक करने, ऑनलाइन व्यवस्था को बेहतर बनाने और टैक्स संबंधी शिकायतों के समाधान पर भी विस्तार से चर्चा हुई।

हाउस टैक्स वसूली बढ़ाने और करदाताओं को जागरूक करने के लिए नगर निगम सभी वार्डों में रोस्टर के अनुसार कैंप लगाएगा। नगर आयुक्त ने मुख्य कर निर्धारण अधिकारी अनिरुद्ध सिंह को निर्देश दिया कि सभी वार्डों में कैंप की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। कैंप सुबह 7 बजे से शुरू होंगे, ताकि अधिक से अधिक नागरिक सुविधानुसार पहुंचकर हाउस टैक्स संबंधी जानकारी और सेवाओं का लाभ उठा सकें। नगर निगम की ओर से वर्तमान में हाउस टैक्स पर उपलब्ध छूट का लाभ अधिक से अधिक करदाताओं को दिलाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जाएगा। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि छूट की जानकारी आम नागरिकों तक पहुंचाई जाए, जिससे पात्र करदाता समय रहते इसका लाभ उठा सकें। सभी जोनल प्रभारी अपने-अपने क्षेत्रों में करदाताओं से सीधे संपर्क कर उनकी समस्याओं और हाउस टैक्स से जुड़े संशयों का समाधान करेंगे।

अपर नगर आयुक्त और मुख्य कर निर्धारण अधिकारी भी निर्धारित रोस्टर के अनुसार जोनल कार्यालयों में उपस्थित रहकर करदाताओं की समस्याएं सुनेंगे और उनके निस्तारण की कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे। नगर आयुक्त ने कहा कि हाउस टैक्स वसूली बढ़ाना नगर निगम के राजस्व के लिए जरूरी है, लेकिन इसके साथ करदाताओं को बेहतर सुविधा और पारदर्शी व्यवस्था उपलब्ध कराना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। नगर निगम इसी दिशा में तकनीकी व्यवस्थाओं को मजबूत कर रहा है। हाउस टैक्स वसूली अभियान में नगर निगम को पार्षदों का भी सहयोग मिल रहा है। नगर आयुक्त ने पार्षदों के सहयोग को सराहनीय बताते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के समन्वय से करदाताओं तक सही जानकारी पहुंचाने और हाउस टैक्स संबंधी समस्याओं के समाधान में तेजी लाई जा सकती है। निगम का लक्ष्य है कि वसूली व्यवस्था को मजबूत करने के साथ नागरिकों के लिए हाउस टैक्स से जुड़ी पूरी प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी और सुविधाजनक बनाया जाए।

आरआई-टीआई अब नहीं घटा-बढ़ा सकेंगे हाउस टैक्स, मनमानी पर रोक
नगर आयुक्त ने बैठक में साफ कहा कि हाउस टैक्स के बिल में कर की राशि कम या ज्यादा करने का अधिकार रेवेन्यू इंस्पेक्टर और टीआई के पास नहीं रहेगा। आरआई और टीआई द्वारा अपने अधिकार क्षेत्र में हाउस टैक्स में किसी भी प्रकार का बदलाव किए जाने की व्यवस्था समाप्त कर दी गई है। अब यदि किसी भवन के हाउस टैक्स के निर्धारण में संशोधन की आवश्यकता होगी तो संबंधित प्रकरण की नियमानुसार जांच और परीक्षण उच्च अधिकारी द्वारा किया जाएगा। परीक्षण के बाद ही संबंधित बिल में आवश्यक बदलाव किया जा सकेगा। नगर निगम के इस फैसले से हाउस टैक्स निर्धारण की प्रक्रिया में पारदर्शिता बढऩे के साथ-साथ करदाताओं की शिकायतों और संशयों को दूर करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है। नगर आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि हाउस टैक्स से जुड़े मामलों में नियमों का कड़ाई से पालन किया जाए और करदाताओं को सही जानकारी उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि निगम का उद्देश्य राजस्व बढ़ाने के साथ-साथ करदाताओं को बेहतर और पारदर्शी व्यवस्था उपलब्ध कराना भी है।

30 से बढ़कर 100 होंगी ई-पॉस मशीनें, सभी वार्डों में आसान होगी टैक्स वसूली
नगर निगम ने हाउस टैक्स वसूली को गति देने के लिए ई-पॉस मशीनों की संख्या बढ़ाने का भी निर्णय लिया है। वर्तमान में नगर निगम के पास 30 ई-पॉस मशीनें हैं, जिन्हें बढ़ाकर 100 किया जा रहा है। इसके बाद सभी वार्डों में ई-पॉस मशीन के माध्यम से हाउस टैक्स जमा करने की सुविधा को और मजबूत किया जा सकेगा। ई-पॉस मशीनों की संख्या बढऩे से करदाताओं को टैक्स जमा करने के लिए अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिलेगी। नगर निगम की टीम अधिक क्षेत्रों में पहुंचकर मौके पर ही करदाताओं से टैक्स वसूल सकेगी। इससे एक ओर निगम की राजस्व वसूली बढ़ेगी, वहीं दूसरी ओर नागरिकों के लिए भुगतान की प्रक्रिया भी अधिक सुविधाजनक होगी। नगर आयुक्त ने संबंधित टीम को निर्देश दिया है कि ई-पॉस मशीनों की संख्या बढ़ाने और अन्य तकनीकी व्यवस्थाओं को अपडेट करने का काम एक सप्ताह के भीतर पूरा किया जाए। निगम का प्रयास है कि तकनीक के अधिकतम इस्तेमाल से हाउस टैक्स वसूली को तेज, पारदर्शी और सुविधाजनक बनाया जाए।

घर बैठे देख सकेंगे हाउस टैक्स का पूरा हिसाब, सॉफ्टवेयर होगा अपडेट
करदाताओं की सुविधा के लिए नगर निगम हाउस टैक्स से जुड़े सॉफ्टवेयर को भी अपडेट करा रहा है। बैठक में तकनीकी टीम ने हाउस टैक्स सॉफ्टवेयर, ऑनलाइन भुगतान और ऑनलाइन बिल से जुड़ी व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी दी। नगर आयुक्त ने निर्देश दिए कि ऑनलाइन भुगतान करने वाले करदाताओं को अपने टैक्स का लेजर देखने में जो परेशानी आ रही है, उसे तत्काल दूर किया जाए। सॉफ्टवेयर अपडेट होने के बाद करदाता घर बैठे अपने वर्तमान और पूर्व में जमा किए गए हाउस टैक्स का पूरा लेखा-जोखा देख सकेंगे। उन्हें अपने टैक्स भुगतान का लेजर ऑनलाइन उपलब्ध होगा, जिससे उन्हें यह जानने में आसानी होगी कि कितना टैक्स जमा किया गया है और कितना बकाया है। नगर आयुक्त ने कहा कि तकनीकी व्यवस्था को इस तरह विकसित किया जाए कि करदाता को अपने टैक्स से संबंधित जानकारी प्राप्त करने के लिए नगर निगम कार्यालय आने की आवश्यकता कम से कम पड़े। ऑनलाइन व्यवस्था सरल और पारदर्शी होने से करदाताओं का भरोसा भी मजबूत होगा।

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