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-हाई कमिश्नर आयशथ अजीमा के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने किया अस्पताल का दौरा, अत्याधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं और तकनीक का लिया जायजा
-क्रिटिकल केयर से सेंटर ऑफ एक्सीलेंस तक देखीं सुविधाएं, विशेषज्ञ डॉक्टरों से उपचार व्यवस्था पर हुई विस्तृत चर्चा
-भारत-मालदीव के बीच स्वास्थ्य सहयोग को नई मजबूती की उम्मीद, चिकित्सा ज्ञान और तकनीक के आदान-प्रदान पर जोर

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। भारत और मालदीव के बीच स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं को मजबूत करने की दिशा में गुरुवार को एक महत्वपूर्ण पहल देखने को मिली। मालदीव का 35 सदस्यीय उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल दिल्ली-एनसीआर के प्रमुख सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल यशोदा मेडिसिटी पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व मालदीव की हाई कमिश्नर महामहिम सुश्री आयशथ अजीमा ने किया। दौरे के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने अस्पताल की अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं, आधुनिक तकनीक और मरीज-केंद्रित उपचार व्यवस्था का करीब से अवलोकन किया। अस्पताल पहुंचने पर प्रतिनिधिमंडल का यशोदा मेडिसिटी प्रबंधन की ओर से स्वागत किया गया। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल को अस्पताल के विभिन्न प्रमुख चिकित्सा विभागों का भ्रमण कराया गया। इस दौरान अत्याधुनिक डायग्नोस्टिक सेवाओं, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, क्रिटिकल केयर यूनिट्स और विभिन्न आधुनिक उपचार सुविधाओं की जानकारी दी गई। मालदीव के 35 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का यह दौरा भारत और मालदीव के बीच स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं के लिहाज से महत्वपूर्ण रहा। आधुनिक चिकित्सा तकनीक, विशेषज्ञ सेवाओं और उपचार के अनुभवों को साझा करने से दोनों देशों के बीच स्वास्थ्य संबंधों को आने वाले समय में और मजबूती मिलने की उम्मीद है।

अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का लिया जायजा, विशेषज्ञों से समझी उपचार व्यवस्था
मालदीव के प्रतिनिधिमंडल ने अस्पताल के विभिन्न विभागों का दौरा करते हुए वहां उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं और तकनीकी व्यवस्थाओं को करीब से देखा। अस्पताल की ओर से प्रतिनिधिमंडल को बताया गया कि गंभीर और जटिल रोगों के उपचार के लिए किस प्रकार अलग-अलग विशेषज्ञताओं के चिकित्सक आपसी समन्वय के साथ मरीजों का उपचार करते हैं। दौरे के दौरान वरिष्ठ चिकित्सकों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों से संवाद किया। उन्हें यशोदा मेडिसिटी के मल्टी-डिसिप्लिनरी ट्रीटमेंट मॉडल के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। इस मॉडल में मरीज की बीमारी के अनुसार विभिन्न विशेषज्ञ चिकित्सकों की संयुक्त विशेषज्ञता का उपयोग किया जाता है, जिससे जटिल मामलों में उपचार की बेहतर रणनीति तैयार की जा सके। प्रतिनिधिमंडल ने अस्पताल की डायग्नोस्टिक सुविधाओं, क्रिटिकल केयर यूनिट और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस समेत आधुनिक उपचार व्यवस्थाओं को देखा। इस दौरान चिकित्सा तकनीक के इस्तेमाल और मरीजों को एक ही संस्थान में विभिन्न विशेषज्ञताओं की सेवाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था पर भी चर्चा हुई।

जटिल चिकित्सा मामलों के प्रबंधन की क्षमता से कराया परिचित
दौरे के दौरान यशोदा मेडिसिटी की जटिल चिकित्सा मामलों के सफल प्रबंधन की क्षमता और तकनीक आधारित उपचार प्रणाली को भी प्रतिनिधिमंडल के सामने प्रस्तुत किया गया। अस्पताल प्रबंधन की ओर से चिकित्सा क्षेत्र में अपनाई जा रही आधुनिक तकनीकों, विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम और मरीजों की जरूरत के अनुरूप उपचार उपलब्ध कराने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी गई। प्रतिनिधिमंडल के इस दौरे को भारत और मालदीव के बीच स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं को विस्तार देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। दोनों देशों के बीच चिकित्सा सेवाओं, स्वास्थ्य विशेषज्ञता और चिकित्सा ज्ञान के आदान-प्रदान को लेकर भविष्य में सहयोग की संभावनाएं और मजबूत हो सकती हैं। इस तरह के अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडलों के दौरे से न केवल भारत की चिकित्सा क्षमताओं और स्वास्थ्य सेवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समझने का अवसर मिलता है, बल्कि विभिन्न देशों के बीच स्वास्थ्य क्षेत्र में अनुभव और विशेषज्ञता साझा करने का रास्ता भी खुलता है। इससे दोनों देशों के नागरिकों को उन्नत चिकित्सा सेवाओं तक बेहतर पहुंच उपलब्ध कराने की संभावनाएं मजबूत हो सकती हैं।

‘बेहतर मरीज देखभाल हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता’
यशोदा ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स की मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. उपासना अरोड़ा ने मालदीव की हाई कमिश्नर महामहिम  आयशथ अजीमा और प्रतिनिधिमंडल के यशोदा मेडिसिटी दौरे को संस्थान के लिए गौरव का अवसर बताया। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर के ऐसे प्रतिनिधिमंडलों का अस्पताल में स्वागत करना चिकित्सा क्षेत्र में सहयोग की नई संभावनाओं को समझने और आगे बढ़ाने का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के दौरे भारत और अन्य देशों के बीच स्वास्थ्य सहयोग को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। साथ ही उन्नत चिकित्सा सेवाओं, आधुनिक तकनीक और बेहतर मरीज देखभाल के प्रति यशोदा मेडिसिटी की प्रतिबद्धता को भी मजबूत करते हैं। डॉ. उपासना अरोड़ा ने कहा कि मरीजों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना संस्थान की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। आधुनिक तकनीक, विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं और मरीज-केंद्रित उपचार व्यवस्था के माध्यम से गंभीर और जटिल बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने का लगातार प्रयास किया जा रहा है।

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