गाजियाबाद। चौधरी चरण सिंह कांवड़ मार्ग पर मंगलवार रात एक लापरवाही ने राजस्थान से हरिद्वार जा रहे तीन श्रद्धालुओं की जान ले ली। निवाड़ी थाना क्षेत्र में सौंदा पुल के पास सामने से आ रहे ट्रेलर से बाहर निकला लोहे का भारी उपकरण पिकअप में सो रहे श्रद्धालुओं के सिर से टकरा गया।
हादसे में अलवर (राजस्थान) के तीन श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि महिला समेत चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों में एक की हालत गंभीर बताई जा रही है। हादसे ने कांवड़ यात्रा के दौरान मालवाहक वाहनों में श्रद्धालुओं के सफर और सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ट्रेलर के चालक व क्लीनर को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।
एसीपी मोदीनगर भास्कर वर्मा के अनुसार, अलवर जिले के तिजारा थाना क्षेत्र के कलगांव निवासी महिपाल अपनी नई पिकअप में 16 श्रद्धालुओं को लेकर मंगलवार शाम करीब पांच बजे गंगा स्नान के लिए हरिद्वार निकले थे। पिकअप में रस्सियों और तिरपाल से अस्थायी मचान बनाया गया था, जिस पर कई श्रद्धालु बैठे और सो रहे थे।
रात करीब सवा 12 बजे पिकअप निवाड़ी क्षेत्र में सौंदा पुल के पास पहुंची, तभी सामने से आ रहे 16 टायरा ट्रेलर में रखी मशीनरी का बाहर निकला लोहे का हिस्सा पिकअप की साइड से टकरा गया। पिकअप में अस्थायी मचान पर सो रहे श्रद्धालु इसकी चपेट में आ गए।
हादसे में सात श्रद्धालु घायल हो गए। पुलिस ने सभी को संजयनगर स्थित संयुक्त जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने सरजीत (30), रतनलाल (32) और रमेश (32) निवासी अलवर को मृत घोषित कर दिया। तीनों के सिर पर गंभीर चोटें आई थीं। एक अन्य गंभीर घायल गांव माजरी गुर्जर (अलवर) निवासी रोहताश को प्राथमिक उपचार के बाद गुरुग्राम रेफर कर दिया गया। तीन अन्य घायलों आशा देवी, हरमीत और अनिल की हालत खतरे से बाहर है।
हादसे के बाद भाग गया चालक, पुलिस ने घेराबंदी कर पकड़ा
एसीपी ने बताया कि हादसे के बाद ट्रेलर चालक वाहन लेकर भाग गया था। पुलिस ने घेराबंदी कर मसूरी थाना क्षेत्र से भीलवाड़ा (राजस्थान) निवासी चालक छोटूलाल व क्लीनर पिंटू को वाहन समेत पकड़ लिया। मृतकों के शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिए गए। पूछताछ में चालक ने बताया कि वह मुरादनगर गंगनहर क्षेत्र से चीनी मिल की मशीनरी लेकर महाराष्ट्र के कोलार जिले जा रहा था।
प्रतिबंध के बावजूद मालवाहक वाहन में सफर, उठे सवाल
प्रदेश में व्यावसायिक वाहनों में यात्रियों को बैठाने पर रोक है। इसके बावजूद श्रद्धालु मालवाहक पिकअप में सफर कर रहे थे। यह स्थिति तब है, जब कांवड़ मार्ग पर बुधवार सुबह से डायवर्जन लागू होना था और पुलिस इसकी तैयारियों में जुटी थी। इसके बावजूद वाहन को कहीं रोका नहीं गया। कांवड़ यात्रा को देखते हुए पुलिस-प्रशासन मार्गों पर सुरक्षा और निगरानी का दावा कर रहा है, लेकिन इस हादसे ने व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इससे पहले 23 जून को भी श्रद्धालुओं से भरी पिकअप आगे चल रही बस से टकरा गई थी, जिसमें चालक की मौत हो गई थी और कई लोग घायल हुए थे। लगातार हो रहे हादसों के बावजूद मालवाहक वाहनों में श्रद्धालुओं का सफर रोकने के लिए प्रभावी चेकिंग व्यवस्था नहीं होना भी प्रशासन की तैयारी पर सवाल खड़े कर रहा है।
पिकअप में ये थे सवार
रमेश पुत्र छोटे लाल, रतन पुत्र भजन लाल, सरजीत पुत्र खुशीराम, अनिल पुत्र रोहताश, हरमीत पुत्र राम अवतार, रोहताश पुत्र बुद्धू, राजेश पुत्र दिलीप, जतिन पुत्र रोहताश, महिपाल पुत्र मंगतराम, बबीता पत्नी बलवंत, कीर्ति पत्नी रमेश, आशा पत्नी दयाराम, शांति देवी पत्नी भोलूराम, इशिका, रणजीत और रोहताश की पत्नी।
रमेश, फाइल फोटो
रमेश, फाइल फोटो
रमेश, फाइल फोटो
रमेश, फाइल फोटो
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