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कांवड़ यात्रा के दौरान मेरठ बाईपास से गुजर रहे शिवभक्तों ने मार्ग पर खुली कुछ नॉनवेज दुकानों को लेकर चिंता जताई है. श्रद्धालुओं का कहना है कि अधिकांश दुकानें बंद हैं, लेकिन कुछ के खुले रहने से उनकी धार्मिक आस्था प्रभावित होती है. वहीं कई कांवड़ियों ने यात्रा के दौरान की गई व्यवस्थाओं के लिए यूपी पुलिस की सराहना भी की.

मेरठ में कांवड़ियों की अपील, यात्रा मार्ग पर बंद हों नॉनवेज की दुकानेंZoom

कांवड़ यात्रा

कांवड़ यात्रा शुरू हो चुकी है. दिल्ली और हरियाणा के कांवड़िये हरिद्वार से जल लेकर अपने गंतव्य की ओर निकल चुके हैं. बड़ी संख्या में लोटा कांवड़ लेकर आने वाले कांवड़िये मेरठ बाईपास से होकर गुजर रहे हैं. ऐसे में मेरठ बाईपास पर खुली नॉनवेज की दुकानें कांवड़ियों की आस्था को लेकर चिंता का कारण बनी हुई हैं.

दिल्ली पुलिस से बेहतर यूपी पुलिस 

शिव भक्त कांवड़ियों का कहना है कि दिल्ली पुलिस की तुलना में यूपी पुलिस बेहतर व्यवस्था कर रही है और योगी सरकार में उन्हें अधिक सुविधाएं मिल रही हैं. उनका कहना है कि ज्यादातर नॉनवेज की दुकानें बंद हैं, लेकिन कुछ दुकानें अभी भी खुली हुई हैं. इससे उनकी आस्था आहत होने और कांवड़ खंडित होने का डर बना रहता है.

ढाबे का असली मालिक कौन

बता दें कि आगामी कांवड़ यात्रा को लेकर उत्तर प्रदेश में तैयारियां जोरों पर हैं. शिवभक्तों की काफी ख्याल रखी जा रही है. यात्रा में कोई भी विघ्न न पड़े और किसी ढाबे या रेस्टोरेंट पर कोई बवाल न हो, इसके लिए सहारनपुर प्रशासन ने टेक्नोलॉजी का सहारा ले रहा है. दरअसल, अब कांवड़ मार्ग पर स्थित किसी भी भोजनालय का एक खास ‘बारकोड’ स्कैन करते ही कांवड़ियों को पता चल जाएगा कि उस ढाबे का असली मालिक कौन है- हिंदू या मुस्लिम.

स्कैनर से मिलेंगी जानकारियां

मालिक की असली पहचान: क्यूआर कोड स्कैन करते ही यह साफ हो जाएगा कि ढाबे या होटल का असली मालिक कौन है और उसका धर्म क्या है.

लाइसेंस और रेट लिस्ट: दुकान का खाद्य सुरक्षा लाइसेंस नंबर क्या है और भोजन के असली दाम क्या हैं, इसकी पूरी लिस्ट मोबाइल स्क्रीन पर आ जाएगी.

सीधी शिकायत का विकल्प: यदि ढाबे पर साफ-सफाई में कमी है, खाने के दाम ज्यादा हैं या कोई अन्य परेशानी है, तो शिवभक्त इसी स्कैनर के जरिए तुरंत खाद्य विभाग को अपनी शिकायत भेज सकते हैं.

About the Author

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Vivek Kumar

विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…

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