दिल्ली हाईकोर्ट ने जंतर-मंतर पर हुई घटना से जुड़े सभी सीसीटीवी रिकॉर्डिंग और दृश्य संरक्षित रखने का निर्देश दिया है। अदालत ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस को 4 सप्ताह के भीतर अपना जवाब दाखिल करने को कहा है। इस मामले की अगली सुनवाई 11 सितंबर को निर्धारित की गई है।
यह याचिका कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल के दौरान पुलिस की कथित कार्रवाई को चुनौती देती है। इसमें छात्रों और अन्य प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हुई कार्रवाई का जिक्र है। याचिका में 18 जुलाई को हुए अभियान की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। साथ ही, सबूतों को सुरक्षित रखने और शांतिपूर्ण विरोध के सांविधानिक अधिकार की रक्षा के लिए दिशानिर्देश बनाने की भी मांग की गई है।
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