हर साल सैकड़ों फिल्में रिलीज होती हैं, लेकिन वही याद रखी जाती है जो दिलों को छू लेती हैं. ऐसी ही एक फिल्म साल 2024 में आई थी. रोल के लिए एक्टर ने झूठ बोला और 18 किलो वजन घटाकर अपना जबरदस्त बॉडी ट्रांसफॉर्मेशन किया. भले ही मूवी बॉक्स ऑफिस पर तगड़ा कलेक्शन न कर सकी हो, लेकिन ओटीटी पर रिलीज आते ही दर्शकों के दिलों में उतर गई. आखिरकार एक्टर की कड़ी मेहनत रंग लाई और नेशनल अवॉर्ड तक ले गई.
नई दिल्ली. बॉलीवुड में हर साल कई फिल्में रिलीज होती हैं, लेकिन कुछ ऐसी होती हैं जो बॉक्स ऑफिस के आंकड़ों से परे जाकर लोगों के दिलों में हमेशा के लिए जगह बना लेती हैं. आज हम आपको ऐसी ही एक फिल्म के बारे में बताते हैं, जो बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप होकर भी अमर हो गई. हम जिस मूवी की बात कर रहे हैं उसका नाम है- ‘चंदू चैंपियन’.
कबीर खान के निर्देशन में बनी यह फिल्म भारत के पहले पैरालंपिक गोल्ड मेडलिस्ट मुरलीकांत पेटकर के जीवन पर आधारित है. रोल पाने के लिए बोले गए एक झूठ से लेकर 18 किलो वजन घटाने और नेशनल अवॉर्ड जीतने तक, इस फिल्म से जुड़ी कार्तिक आर्यन की यह यात्रा बेहद प्रेरणादायक है.
आमतौर पर अपनी रोमांटिक-कॉमेडी फिल्मों और लवर बॉय वाली इमेज के लिए जाने जाने वाले कार्तिक ने इस बायोग्राफिकल स्पोर्ट्स ड्रामा में एक ऐसा किरदार निभाया, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया. इस फिल्म से जुड़ा एक मजेदार किस्सा यह कि ‘चंदू चैंपियन’ फिल्म पाने के लिए कार्तिक आर्यन ने कबीर खान से झूठ बोला था.
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दरअसल, आज तक के साथ इंटरव्यू में कार्तिक आर्यन ने खुद यह खुलासा किया था. एक्टर ने बताया कि ‘चंदू चैंपियन’ की स्क्रिप्ट उन्हें बहुत पसंद आई और जब कबीर खान ने पूछा कि क्या उन्हें प्रोफेशनल स्विमिंग आती है तो उन्होंने हां कह दिया. कार्तिक ने आगे बताया कि उन्होंने झूठ बोला था, उन्हें सिर्फ उतनी ही तैराकी आती है जिससे वह डूबे ना पाएं. हालाांकि, फिल्म साइन करने के बाद कार्तिक ने डेढ़ साल तक स्विमिंग की ट्रेनिंग ली थी और खुद को एथलीट के रूप में पूरी तरह ढाल लिया था.
एक एथलीट के शरीर को पर्दे पर ईमानदारी से दिखाने के लिए कार्तिक आर्यन ने अपनी दिन-रात एक कर दी थी. उन्होंने इस रोल के लिए करीब 18 किलो वजन घटाया. बॉडी फैट को 39 प्रतिशत से घटाकर महज 7 प्रतिशत तक लाना कोई आसान काम नहीं था. सिर्फ कड़ी मेहनत, अनुशासित डाइट और वर्कआउट के दम पर उन्होंने जो बॉडी ट्रांसफॉर्मेशन हासिल किया, उसकी तारीफ हर किसी ने तारीफ की.
‘चंदू चैंपियन’ की कहानी महाराष्ट्र के एक छोटे से गांव के मुरलीकांत पेटकर की है, जिन्हें बचपन से ही भारत के लिए ओलंपिक पदक जीतने का जुनून था. वह भारतीय सेना में शामिल होते हैं और मुक्केबाजी में अपना नाम बनाते हैं. हालांकि, 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान उन्हें नौ गोलियां लगती हैं, जिसके कारण उनका निचला शरीर पैरालाइज्ड हो जाता है. इसके बावजूद वह हार नहीं मानते और तैराकी को अपना नया हथियार बनाकर 1972 के पैरालंपिक भारत के लिए पहला स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच देते हैं.
बड़े बजट और शानदार मेकिंग के बावजूद ‘चंदू चैंपियन’ फिल्म बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद के मुताबिक कमाई नहीं कर सकी. दुनियाभर में 88 करोड़ के कलेक्शन के साथ यह फिल्म फ्लॉप साबित हुई. लेकिन ओटीटी पर आते ही यह फिल्म छा गई. दर्शकों ने कार्तिक आर्यन की एक्टिंग, कबीर खान के निर्देशन और फिल्म की इमोशनल स्टोरीटेलिंग को खूब सराहा.
‘चंदू चैंपियन’ के लिए कार्तिक आर्यन की मेहनत बेकार नहीं गई. इस फिल्म में उनके शानदार अभिनय के लिए उन्हें 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड दिया गया. यह पुरस्कार कार्तिक आर्यन के करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि बना. कबीर खान के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म को आईएमडीबी पर 7.8 रेटिंग मिली है और आप इसे अमेजन प्राइम वीडियो पर देख सकते हैं.
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