पंजाब हेल्थ विभाग में रविवार (19 जुलाई) को हुई फार्मेसी अफसर परीक्षा के दौरान ब्लूटूथ डिवाइस के जरिए नकल कराई गई। बाबा फरीद यूनिवर्सिटी के लिए कराए 454 फार्मेसी अफसरों के एग्जाम के लिए फरीदकोट, काेटकपूरा व फिरोजपुर में सेंटर बनाए गए थे। फरीदकोट रेंज, फिरोजपुर रेंज और काउंटर इंटेलिजेंस विंग ने संयुक्त कार्रवाई कर 7 मुख्य आरोपियों और परीक्षा में शामिल 28 उम्मीदवारों को हिरासत में लिया है। आरोपियों के कब्जे से 27 अत्याधुनिक बैटरी संचालित वायरलेस माइक्रो डिवाइस, पेन कैमरे और अन्य उपकरण बरामद किए हैं। जांच में सामने आया है कि एक परीक्षार्थी ने पेन से प्रश्न पत्र स्कैन कर हरियाणा में भेजा। वहां से पेपर राजस्थान के पेपर सॉल्वर को भेजा गया। इसके बाद फरीदकोट में बनाए गए कंट्रोल रूम से ब्लूटूथ डिवाइस के जरिए यह नकल कराई गई। इस गिरोह ने परीक्षा पास करवाने के नाम पर 3.5 लाख रुपए से लेकर 13 लाख रुपए तक की रकम तय की थी। जांच में पता चला है कि गिरोह ने नकल कराने के लिए किसी कॉर्पोरेट कंपनी की तरह पूरी लॉजिस्टिक्स और तकनीकी व्यवस्था तैयार की थी। पंजाब में हाइटेक नकल का यह इस तरह का पहला मामला है। गिरफ्तार किए 7 मुख्य आरोपियों में से 3 राजस्थान और 2 हरियाणा के रहने वाले हैं। कैसे करवाई नकल, सिलसिलेवार जानिए… कैसे पकड़े गए, सिलसिलेवार जानिए… स्टूडेंट्स ने क्या कहा, जानिए… क्रिकेट अकादमी के परिचित ने नेटवर्क से जोड़ा: हरियाणा के झज्जर के रहने वाले परीक्षार्थी का कहना है कि मुझे एक क्रिकेट अकादमी के परिचित के जरिए इस नेटवर्क से जोड़ा गया था। परीक्षा से दो दिन पहले मुझे जींद रेलवे स्टेशन से ब्लूटूथ डिवाइस लेने के निर्देश दिए गए थे। डील के मुताबिक, नौकरी लगने के बाद 8 लाख रुपए दिए जाने तय हुए थे। हालांकि, परीक्षा के दौरान ही मेरा ईयरपीस गिर गया, जिसकी वजह से मैं उत्तर नहीं सुन सका। ईयरपीस से 20 सवालों के जवाब सुनाए गए
पंजाब के फाजिल्का के रहने वाले परीक्षार्थी का कहना है कि मेरी मुलाकात एक पूर्व सहपाठी के जरिए इन दलालों से हुई थी। सरकारी नौकरी में चयन के बदले मुझसे 13 लाख रुपए मांगे गए और गारंटी/सुरक्षा के तौर पर 2 कोरे चेक जमा करवा लिए गए। परीक्षा के दिन सुबह मुझे एक होटल में बुलाकर ब्लूटूथ डिवाइस दी गई। परीक्षा शुरू होने के लगभग 1 घंटे बाद मुझे ईयरपीस के जरिए करीब 20 सवालों के जवाब सुनाए गए। निजी कॉलेज संचालक ने नौकरी का भरोसा दिया
तरनतारन और सिरसा के 2 परीक्षार्थियों का कहना है कि फाजिल्का के एक निजी कॉलेज संचालक ने सरकारी नौकरी पक्की कराने का भरोसा दिया था। उसने चयन के एवज में लाखों रुपए की मांग की और हमसे हस्ताक्षरित (साइन किए हुए) और कोरे चेक ऐंठ लिए। पुलिस ने इस मामले में क्या कहा, जानिए…
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