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बुंदेलखंड का सागर हमेशा से पिछड़े इलाकों के रूप में जाना जाता रहा है, यह इलाका सड़क पानी बिजली जैसी समस्याओं से ग्रसित रहा है लेकिन पिछले कुछ सालों से अब इसकी तस्वीर बदलने लगी है. यहां न केवल लोग आर्थिक रूप से संपन्न हो रहे हैं. बल्कि यहां सड़क पानी बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं में भी तेजी से बदलाव देखने को मिल रहा है.

बुंदेलखंड का सागर हमेशा से पिछड़े इलाकों के रूप में जाना जाता रहा है, यह इलाका सड़क पानी बिजली जैसी समस्याओं से ग्रसित रहा है लेकिन पिछले कुछ सालों से अब इसकी तस्वीर बदलने लगी है. यहां न केवल लोग आर्थिक रूप से संपन्न हो रहे हैं. बल्कि यहां सड़क पानी बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं में भी तेजी से बदलाव देखने को मिल रहा है. पानी के लिए जहां अलग-अलग क्षेत्र में बांधों के काम चल रहे हैं. बिजली की सप्लाई भी बेहतर हुई है सबसे ज्यादा और अच्छा काम सड़कों की नेटवर्क को लेकर हो रहा है.

2000 गांव और 719 ग्राम पंचायत वाले सागर जिले में सैकड़ो गांव ऐसे थे. जिनकी मुख्य मार्गो से ही कनेक्टिविटी नहीं थी. बारिश के सीजन में लोग घरों में कैद होकर रह जाते थे. बच्चों का स्कूल जाना बंद हो जाता था अगर कोई बीमार पड़ जाए तो वह मुश्किल से अस्पताल तक पहुंच पाता था. लेकिन अब स्थिति यह है कि सागर जिले में आधा दर्जन से अधिक हाईवे 4 लाइन के कार्य चल रहे हैं. चारों तरफ रोड की कनेक्टिविटी बढ़ रही है वहीं जो नेशनल हाईवे और स्टेट हाईवे हैं उनसे दूरस्थ क्षेत्र के ग्रामीण अंचलों को जोड़ने का काम किया जा रहा है. इन मार्गों के जोड़ने की वजह से जिन गांवों के लोग कभी मुख्य मार्ग तक नहीं पहुंच पाए थे. वह न सिर्फ शहरों से बल्कि बड़े-बड़े महानगरों तक से जुड़ रहे हैं.

80 करोड़ की लागत से 22 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण
ऐसे ही 80 करोड़ की लागत से 22 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण कार्य पूरा हुआ है जो तीन विधानसभाओं के करीब 18 गांव को नेशनल हाईवे और स्टेट हाईवे से जोड़ रही है. यह सड़क देवरी विधानसभा के बिजोरा के पास से निकली नेशनल हाईवे 44 से शुरू होकर सुरखी विधानसभा के गांवो से होकर गुजरते हुए रहली विधानसभा के पांच मील चौराहे तक बनाई गई है. इस पूरी सड़क को सीमेंट से सीसी रोड बनाया है जिसमें पीडब्ल्यूडी के द्वारा 20 साल तक खराब नहीं होने का दावा किया जा रहा है.

नेशनल और स्टेट हाईवे से बढ़ी कनेक्टिविटी
इस सड़क के बनने की वजह से सबसे बड़ा फायदा इन 15 गांव के लोगों को रहली सागर और बरमान नरसिंहपुर आने जाने में होगा इसके अलावा किसान अपना खेती से जुड़े कार्य सीधे शहर के माध्यम से कर सकेंगे जिसमें खरीदी थी. लेकर उपज की बिक्री तक शामिल होगी, इसके अलावा स्टेट हाईवे तक और नेशनल हाईवे तक आने-जाने की बेहतर सुविधा मिलने की वजह से यहां पर वाहन चालकों की आवाजाही बढ़ी हैं, इसके साथ इस क्षेत्र में बुंदेलखंड का सबसे प्रसिद्ध रानगिर तीर्थ स्थल है. जो धार्मिक सांस्कृतिक और पर्यटन के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण है इस क्षेत्र तक जाने के लिए यह रास्ता सफर को सुगम बना रहा है.जिसकी वजह से भी श्रद्धालु और पर्यटकों की संख्या में इजाफा हुआ है.

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