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R Madhavan: आर. माधवन का एक बयान इन दिनों खूब चर्चा में है. उन्होंने अपनी नई पीढ़ी और भारतीय सिनेमा के बीच बढ़ती दूरी को लेकर ऐसी बात कही है, जिसने फिल्म इंडस्ट्री में नई बहस छेड़ दी है. उन्होंने अपने 20 साल के बेटे वेदांत का उदाहरण देते हुए बताया कि आज के युवाओं की पसंद किस तरह तेजी से बदल रही है. माधवन का यह खुलासा सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बन गया है और फैंस जानना चाहते हैं कि आखिर उन्होंने ऐसा क्यों कहा…

नई दिल्ली. बॉलीवुड और साउथ सिनेमा के ‘धुरंधर’ एक्टर आर माधवन इन दिनों अपनी आने वाली फिल्म जीडीएन को लेकर चर्चाओं में हैं. इन दिनों वह फिल्म के प्रमोशन में बिजी हैं. हाल ही में उन्होंने अपने बेटे और नई पीढ़ी को लेकर बात की. आर. माधवन ने अपने 20 साल के बेटे वेदांत माधवन को लेकर एक चौंकाने वाला खुलासा किया है. इसके साथ ही उन्होंने भारतीय फिल्म इंडस्ट्री को लेकर एक ऐसी चिंता जाहिर की है.

सिनेमा एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू में माधवन ने कहा कि उन्हें सबसे ज्यादा इसी बात का डर सताता है कि भारतीय फिल्म इंडस्ट्री अपनी नई पीढ़ी के दर्शकों को खो रही है. उन्होंने कहा, ‘मुझे एक डर है, जिसके बारे में मैं सोचना भी नहीं चाहता. अब तक मैंने अपने बेटे का सम्मान जरूर कमाया है, लेकिन उसकी पीढ़ी मुझसे पूरी तरह डिस्कनेक्ट हो चुकी है.’ फोटो साभार-@actormaddy/Instagram

आर. माधवन ने आगे कहा कि उनका बेटा वेदांत, जो अब 20 साल का है, भारतीय फिल्मों में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाता. उन्होंने कहा, ‘वे जापानी एनीमे देखते हैं, कोरियन कंटेंट देखते हैं. लेकिन हमारी तमिल फिल्में तक नहीं देखना चाहते. वे थिएटर जाकर हिंदी या दूसरी भारतीय फिल्में भी नहीं देखते.’ v

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एक्टर ने बताया कि यह बात उन्हें कई सालों से परेशान कर रही है. उन्होंने अपने बेटे के बचपन का एक किस्सा भी साझा किया. माधवन ने कहा कि जब वेदांत छह साल का था, तब वह सोचते थे कि ऐसी फिल्म बनाएं जिसे देखकर उनका बेटा कहे, ‘पापा, आपने अच्छा काम किया है.’ लेकिन अब स्थिति बदल चुकी है. उनके मुताबिक, आज उनका बेटा उनका सम्मान तो करता है, लेकिन भारतीय सिनेमा में उसकी रुचि लगभग खत्म हो गई है. फोटो साभार-@actormaddy/Instagram

माधवन का मानना है कि यह केवल उनके परिवार की कहानी नहीं, बल्कि पूरी फिल्म इंडस्ट्री के लिए चिंता का विषय है. उन्होंने कहा कि भारतीय सिनेमा अब किसी दूसरी फिल्म इंडस्ट्री से नहीं, बल्कि पूरी तरह अलग मनोरंजन की दुनिया से मुकाबला कर रहा है, जहां जापानी एनीमे और कोरियन ड्रामा जैसी वैश्विक सामग्री युवाओं को आकर्षित कर रही है. v

आजकल की फिल्मों के ढर्रे पर बात करते हुए माधवन ने कहा कि उनके लिए एक घिसे-पिटे कमर्शियल फॉर्मूले पर फिल्म बनाकर हिट होना बेहद आसान था. उन्होंने कहा, ‘अगर मैं एक कमर्शियल फिल्म बनाता हूं तो तय है कि वह कम से कम एक हिट तो दे ही देगी. यह फॉर्मूला हमें सालों तक काम दे सकता है. लेकिन मैं अपने अभिनय के अनुभव को किसी आम फिल्म में फिट नहीं करना चाहता था. जब मुझे गहराई दिखाने का मौका मिला तो मैंने तय किया कि मैं वही रूटीन कमर्शियल सिनेमा नहीं करूंगा.’ फोटो साभार-@actormaddy/Instagram

उन्होंने निर्देशकों और लेखकों से आत्ममंथन करने को कहा कि वे आज के युवाओं के लिए कितने प्रेरणादायक हैं. उन्होंने कहा कि सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या आज के कहानीकार और कलाकार नई पीढ़ी को प्रेरित करने वाला कंटेंट बना पा रहे हैं. उनके मुताबिक, अगर दर्शक भारतीय फिल्मों से दूर हो रहे हैं, तो इसकी जिम्मेदारी इंडस्ट्री को भी लेनी होगी. फोटो साभार-@actormaddy/Instagram

वर्कफ्रंट की बात करें तो आर. माधवन जल्द ही फिल्म ‘GDN’ में नजर आएंगे. यह फिल्म कोयंबटूर के प्रसिद्ध आविष्कारक और उद्योगपति जी.डी. नायडू (गोपालस्वामी दोराइस्वामी नायडू) के जीवन पर आधारित है. फिल्म का निर्देशन कृष्णकुमार रामाकुमार ने किया है, जबकि इसकी पटकथा माधवन ने भी सह-लिखी है. फिल्म में सत्यराज, जयराम, प्रियामणि, दुशारा विजयन, अदिति बालन, विनय राय, थम्बी रामैया और करुणाकरण भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे.

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